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मासूम की गुहार पर भी न पसीजा पत्थर दिल ताऊ
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:47 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिस कन्हैया को गोद में खिलाया, उसी की गर्दन पर छुरा चलाते समय अंधविश्वास और लालच में पागल ताऊ के हाथ कतई न कांपे। इतना ही नहीं, बच्चा भी उससे छोड़ने और उसे न मारने की गुहार लगाता रहा, मगर पत्थर दिल ताऊ का दिल नहीं पसीजा। बलि देने के लिए गर्दन पर छुरे से पहला कट तांत्रिक ने लगाया, इसके बाद खुद ताऊ ने गर्दन अलग की।
इसके बाद तांत्रिक ने खून से सने छुरे से खून लेकर ताऊ का तिलक किया और ताऊ व शिवकुमार को वहां से विदा कर दिया। यह सुन खुद पुलिस वालों का दिल पसीज गया। मगर तीनों आरोपी इस कहानी को बेहिचक सुनाए जा रहे थे। हां, मीडिया व एसएसपी के सामने ताऊ व शिवकुमार ने तांत्रिक को लेकर इतना जरूर खुलासा किया कि यह गांव में हर सोमवार को गद्दी लगाता है।
अब तक पशुओं की बली देता रहा है। एक अन्य हत्या भी दस साल पहले यह कर चुका है। जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। यह सुन एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि वह तांत्रिक का कम से कम पिछले 20 साल का ट्रैक रिकार्ड जांचेंगे। गांव व आसपास के इलाकों में मिली अज्ञात लाशों से इसके ट्रैक रिकार्ड का मिलान करेंगे। हो सकता है कि किसी पुरानी हत्या का राजफाश भी इसी तरह की किसी बलि से हो जाए।
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आरोपियों की जुबानी उनकी कहानी
एसएसपी व मीडिया के सामने सबसे पहले ताऊ ने बताया कि तांत्रिक ने उसे लालच जगाया। वह खुद तीन बच्चों का बाप है। पत्नी की मौत हो चुकी है। मजदूरी करता है, मगर लालच में आ गया। तांत्रिक पूजा पाठ का सामान लाया और वह खुद बच्चे को शिवकुमार की मदद से लेकर आया। बाद में तांत्रिक ने ताऊ के आरोप को झूठा करार देते हुए कहा कि इसकी अपने भाई से संपत्ति को लेकर रंजिश है। इसी रंजिश में इसने हमारे साथ मिलकर 5 हजार रुपये में यह हत्या कराई है। यह रुपये भी अभी उसे मिले नहीं है। अब गलती तो हो गई।
हां, बलि या पूजा जैसी कोई बात नहीं है। मगर पूजा व सोमवार को गद्दी और पशुओं की बली के सवाल पर वह इधर-उधर भटक गया। बाद में शिवकुमार ने तांत्रिक पर लगे आरोपों की पुष्टि करते हुए बताया कि मैंने बच्चे के पैर पकड़े, ताऊ ने हाथ पकड़े और तांत्रिक ने वहां पूजा कर बच्चे के टीका लगाया। इसके बाद गर्दन काटी। बाद में ताऊ ने गर्दन धड़ से अलग की। फिर हम दोनों वहां से चले आए। मगर तांत्रिक खुद वहां गड्ढा खोदता रह गया था।
हत्या से पहले लगाई थी भट्ठे पर हाजिरी
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड की जांच में जब ताऊ का नाम सामने आया और पुलिस उस तक पहुंची तो उसने यह जताने की कोशिश की कि वह तो घटना के दिन भट्ठे पर था। वह पहले वहां हाजिरी लगाने गया और फिर वहां से बहाना लगाकर छुट्टी ले आया। इससे इनकी साजिश साफ होती है।
अब ताऊ को गलती का पछतावा
बच्चे के ताऊ ने बताया कि दस साल पहले तांत्रिक ने उसके गांव के पुष्पेंद्र नाम के युवक का बीमारी में इलाज किया था। उसके बाद उसकी मौत हो गई। पुष्पेंद्र तांत्रिक का इलाज ले रहा था, यह बात खुद उसने ही बताई थी।
कराया जाएगा त्वरित ट्रायल, दिलाएंगे न्याय
एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि यह प्रकरण बेहद गंभीर है। इक्कीसवीं सदी के इस युवक में अंधविश्वास व लालच में 5 साल के मासूम की हत्या बेहद लोमहर्षक घटना है। इसमें इलाके के बीस साल के अज्ञात हत्याकांडों की जांच व तांत्रिक के ट्रैक रिकार्ड की जांच कराएंगे। इसके अलावा मामले में जिला जज से अनुरोध कर त्वरित ट्रायल व रोजाना सुनवाई कराकर जल्द बच्चे के परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे। प्रयास करेंगे कि तीन माह में मुकदमे का ट्रायल हो जाए। यहां उन्होंने खुलासा टीम में शामिल इंस्पेक्टर डॉ.विनोद सिंह के अलावा थाने के एसआई हरेंद्र सिंह, रोहित राठी, आशीष कुमार, संदीप कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही है।
थाना दिवस में शनिवार को ही डीएम-एसएसपी से लगाई थी गुहार
एसएसपी ने मीडिया को प्रेसवार्ता में बताया कि इसी शनिवार को वह और डीएम साहब थाना दिवस में हरदुआगंज थाने गए थे। जहां बच्चे का पूरा परिवार थाने में उनसे मिला था। उन्होंने बच्चे की हत्या के खुलासे की मांग की थी। उन्हें आश्वस्त किया गया था कि जल्द न्याय मिलेगा। मगर उस समय तक परिवार को न पता था कि ताऊ ही हत्या का आरोपी निकलेगा।
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जिस कन्हैया को गोद में खिलाया, उसी की गर्दन पर छुरा चलाते समय अंधविश्वास और लालच में पागल ताऊ के हाथ कतई न कांपे। इतना ही नहीं, बच्चा भी उससे छोड़ने और उसे न मारने की गुहार लगाता रहा, मगर पत्थर दिल ताऊ का दिल नहीं पसीजा। बलि देने के लिए गर्दन पर छुरे से पहला कट तांत्रिक ने लगाया, इसके बाद खुद ताऊ ने गर्दन अलग की।
इसके बाद तांत्रिक ने खून से सने छुरे से खून लेकर ताऊ का तिलक किया और ताऊ व शिवकुमार को वहां से विदा कर दिया। यह सुन खुद पुलिस वालों का दिल पसीज गया। मगर तीनों आरोपी इस कहानी को बेहिचक सुनाए जा रहे थे। हां, मीडिया व एसएसपी के सामने ताऊ व शिवकुमार ने तांत्रिक को लेकर इतना जरूर खुलासा किया कि यह गांव में हर सोमवार को गद्दी लगाता है।
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अब तक पशुओं की बली देता रहा है। एक अन्य हत्या भी दस साल पहले यह कर चुका है। जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। यह सुन एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि वह तांत्रिक का कम से कम पिछले 20 साल का ट्रैक रिकार्ड जांचेंगे। गांव व आसपास के इलाकों में मिली अज्ञात लाशों से इसके ट्रैक रिकार्ड का मिलान करेंगे। हो सकता है कि किसी पुरानी हत्या का राजफाश भी इसी तरह की किसी बलि से हो जाए।
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आरोपियों की जुबानी उनकी कहानी
एसएसपी व मीडिया के सामने सबसे पहले ताऊ ने बताया कि तांत्रिक ने उसे लालच जगाया। वह खुद तीन बच्चों का बाप है। पत्नी की मौत हो चुकी है। मजदूरी करता है, मगर लालच में आ गया। तांत्रिक पूजा पाठ का सामान लाया और वह खुद बच्चे को शिवकुमार की मदद से लेकर आया। बाद में तांत्रिक ने ताऊ के आरोप को झूठा करार देते हुए कहा कि इसकी अपने भाई से संपत्ति को लेकर रंजिश है। इसी रंजिश में इसने हमारे साथ मिलकर 5 हजार रुपये में यह हत्या कराई है। यह रुपये भी अभी उसे मिले नहीं है। अब गलती तो हो गई।
हां, बलि या पूजा जैसी कोई बात नहीं है। मगर पूजा व सोमवार को गद्दी और पशुओं की बली के सवाल पर वह इधर-उधर भटक गया। बाद में शिवकुमार ने तांत्रिक पर लगे आरोपों की पुष्टि करते हुए बताया कि मैंने बच्चे के पैर पकड़े, ताऊ ने हाथ पकड़े और तांत्रिक ने वहां पूजा कर बच्चे के टीका लगाया। इसके बाद गर्दन काटी। बाद में ताऊ ने गर्दन धड़ से अलग की। फिर हम दोनों वहां से चले आए। मगर तांत्रिक खुद वहां गड्ढा खोदता रह गया था।
हत्या से पहले लगाई थी भट्ठे पर हाजिरी
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड की जांच में जब ताऊ का नाम सामने आया और पुलिस उस तक पहुंची तो उसने यह जताने की कोशिश की कि वह तो घटना के दिन भट्ठे पर था। वह पहले वहां हाजिरी लगाने गया और फिर वहां से बहाना लगाकर छुट्टी ले आया। इससे इनकी साजिश साफ होती है।
अब ताऊ को गलती का पछतावा
बच्चे के ताऊ ने बताया कि दस साल पहले तांत्रिक ने उसके गांव के पुष्पेंद्र नाम के युवक का बीमारी में इलाज किया था। उसके बाद उसकी मौत हो गई। पुष्पेंद्र तांत्रिक का इलाज ले रहा था, यह बात खुद उसने ही बताई थी।
कराया जाएगा त्वरित ट्रायल, दिलाएंगे न्याय
एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि यह प्रकरण बेहद गंभीर है। इक्कीसवीं सदी के इस युवक में अंधविश्वास व लालच में 5 साल के मासूम की हत्या बेहद लोमहर्षक घटना है। इसमें इलाके के बीस साल के अज्ञात हत्याकांडों की जांच व तांत्रिक के ट्रैक रिकार्ड की जांच कराएंगे। इसके अलावा मामले में जिला जज से अनुरोध कर त्वरित ट्रायल व रोजाना सुनवाई कराकर जल्द बच्चे के परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे। प्रयास करेंगे कि तीन माह में मुकदमे का ट्रायल हो जाए। यहां उन्होंने खुलासा टीम में शामिल इंस्पेक्टर डॉ.विनोद सिंह के अलावा थाने के एसआई हरेंद्र सिंह, रोहित राठी, आशीष कुमार, संदीप कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही है।
थाना दिवस में शनिवार को ही डीएम-एसएसपी से लगाई थी गुहार
एसएसपी ने मीडिया को प्रेसवार्ता में बताया कि इसी शनिवार को वह और डीएम साहब थाना दिवस में हरदुआगंज थाने गए थे। जहां बच्चे का पूरा परिवार थाने में उनसे मिला था। उन्होंने बच्चे की हत्या के खुलासे की मांग की थी। उन्हें आश्वस्त किया गया था कि जल्द न्याय मिलेगा। मगर उस समय तक परिवार को न पता था कि ताऊ ही हत्या का आरोपी निकलेगा।