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राज्यपाल ने कालेज प्रशासन को पढ़ाया टाइम मैनेजमेंट का पाठ
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:55 AM IST
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राज्यपाल ने कालेज प्रशासन को पढ़ाया टाइम मैनेजमेंट का पाठ
ब्यूरो, अमर उजाला,अलीगढ़।
राज्यपाल समय प्रबंधन को लेकर कालेज प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी करने से नहीं चूके। राज्यपाल राम नाईक से पहले कई लोगों ने संबोधन किया था। जिसके चलते आधा घंटे देरी से कार्यक्रम चल रहा था।
अपने संबोधन में राम नाईक ने कहा कि मुझे बताया गया है कि कालेज में 8500 छात्र हैं। 108 शिक्षक हैं। 120 कर्मचारी हैं। विभिन्न कोर्स संचालित होते हैं। इन कोर्सों में ‘समय प्रबंधन’ का भी कोर्स शामिल कर लीजिए।
बड़ी-बड़ी लड़ाइयों में कुछ मिनटों के अंतर से ही हार-जीत हो जाती है। एक विद्यार्थी के लिए तो समय प्रबंधन का विशेष महत्व है। यहां मंच पर बैठे सभी व्यक्तियों का सत्कार किया गया।
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सत्कार करने के लिए लोगों को दर्शक दीर्घा से भी बुलाया गया। इसमें काफी टाइम लगा। जिनका सत्कार करना था, उन सभी को पहले ही मंच पर बैठा लिया जाता। मुझे यहां माइक पर 11.23 बजे खड़ा होना था। लेकिन मैं देरी से खड़ा हुआ हूं। राज्यपाल की तख्त बातें सुनकर कालेज प्रशासन बगलें झांकने लगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला,अलीगढ़।
राज्यपाल समय प्रबंधन को लेकर कालेज प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी करने से नहीं चूके। राज्यपाल राम नाईक से पहले कई लोगों ने संबोधन किया था। जिसके चलते आधा घंटे देरी से कार्यक्रम चल रहा था।
अपने संबोधन में राम नाईक ने कहा कि मुझे बताया गया है कि कालेज में 8500 छात्र हैं। 108 शिक्षक हैं। 120 कर्मचारी हैं। विभिन्न कोर्स संचालित होते हैं। इन कोर्सों में ‘समय प्रबंधन’ का भी कोर्स शामिल कर लीजिए।
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बड़ी-बड़ी लड़ाइयों में कुछ मिनटों के अंतर से ही हार-जीत हो जाती है। एक विद्यार्थी के लिए तो समय प्रबंधन का विशेष महत्व है। यहां मंच पर बैठे सभी व्यक्तियों का सत्कार किया गया।
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सत्कार करने के लिए लोगों को दर्शक दीर्घा से भी बुलाया गया। इसमें काफी टाइम लगा। जिनका सत्कार करना था, उन सभी को पहले ही मंच पर बैठा लिया जाता। मुझे यहां माइक पर 11.23 बजे खड़ा होना था। लेकिन मैं देरी से खड़ा हुआ हूं। राज्यपाल की तख्त बातें सुनकर कालेज प्रशासन बगलें झांकने लगा।