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कोख के कातिल की पैरवी में उतरा स्वास्थ्य विभाग का अफसर
Updated Wed, 19 Jul 2017 01:38 AM IST
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कोख के कातिल की पैरवी में उतरा स्वास्थ्य विभाग का अफसर
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
पिछले महीने भ्रूण के लिंग परीक्षण में लिप्त पाए गए दो नर्सिंग होम में से एक को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर ने लिंग परीक्षण के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई समिति की बैठक में जमकर हंगामा काटा। जबकि उस नर्सिंग होम के खिलाफ सारे सबूत और तथ्य यह साबित कर रहे थे कि यह दोषी है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के अफसर को तो बैठक में शामिल होने का अधिकार भी नहीं था लेकिन इसके बाद भी उनका नर्सिंग होम के समर्थन में खुलकर उतर आना विभिन्न प्रकार के संकेत करता है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा प्रशासन और तीन गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई करके कोख में कत्ल के इन अड्डों का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई के बाद नर्सिंग होम को सीज कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त समिति पूरे मामले की जांच कर रही थी। इसी संबंध में गत दिनों बैठक हुई जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने एक नर्सिंग होम के समर्थन में खुलकर आ गए जबकि इन्हें बैठक में शामिल होने की भी अनुमति नहीं थी।
बेटियों को बचाना चाहती है योगी सरकार
अलीगढ़। प्रदेश में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार ने भ्रूण के लिंग परीक्षण करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए एक जुलाई से डिक्वाय ऑपरेशन या मुखबिर योजना शुरू की। इसमें किसी गर्भवती महिला और उसके पुरुष साथी को लिंग परीक्षण करने वाले के यहां डमी ग्राहक बनकर जाना होता है और उनके यहां पर भ्रूण के लिंग का परीक्षण और गर्भपात जैसी गतिविधियां होती हैं, इसके साक्ष्य एकत्रित करने होते हैं। पहली किश्त में 60 हजार रुपये और दूसरी किश्त में 40 हजार रुपये इसके लिए मिलते हैं। सरकार का मकसद है कि लिंग परीक्षण करने वालों को चिह्नित करके कोख में कत्ल करने वालों को बेनकाब किया जा सके।
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‘यह मामला पूरी तरह से मेरी जानकारी में है। बेटियों का कोख में ही कत्ल करने वाले हत्यारों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की जाएगी। इस प्रकरण पर कोई भी स्थानीय अफसर जवाब देने की स्थिति में नहीं है। शासन स्तर से जांच होगी जिसमें स्वयं ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा’
- राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व प्रदेश मंत्री, भाजपा
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
पिछले महीने भ्रूण के लिंग परीक्षण में लिप्त पाए गए दो नर्सिंग होम में से एक को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर ने लिंग परीक्षण के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई समिति की बैठक में जमकर हंगामा काटा। जबकि उस नर्सिंग होम के खिलाफ सारे सबूत और तथ्य यह साबित कर रहे थे कि यह दोषी है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के अफसर को तो बैठक में शामिल होने का अधिकार भी नहीं था लेकिन इसके बाद भी उनका नर्सिंग होम के समर्थन में खुलकर उतर आना विभिन्न प्रकार के संकेत करता है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा प्रशासन और तीन गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई करके कोख में कत्ल के इन अड्डों का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई के बाद नर्सिंग होम को सीज कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त समिति पूरे मामले की जांच कर रही थी। इसी संबंध में गत दिनों बैठक हुई जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने एक नर्सिंग होम के समर्थन में खुलकर आ गए जबकि इन्हें बैठक में शामिल होने की भी अनुमति नहीं थी।
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बेटियों को बचाना चाहती है योगी सरकार
अलीगढ़। प्रदेश में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार ने भ्रूण के लिंग परीक्षण करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए एक जुलाई से डिक्वाय ऑपरेशन या मुखबिर योजना शुरू की। इसमें किसी गर्भवती महिला और उसके पुरुष साथी को लिंग परीक्षण करने वाले के यहां डमी ग्राहक बनकर जाना होता है और उनके यहां पर भ्रूण के लिंग का परीक्षण और गर्भपात जैसी गतिविधियां होती हैं, इसके साक्ष्य एकत्रित करने होते हैं। पहली किश्त में 60 हजार रुपये और दूसरी किश्त में 40 हजार रुपये इसके लिए मिलते हैं। सरकार का मकसद है कि लिंग परीक्षण करने वालों को चिह्नित करके कोख में कत्ल करने वालों को बेनकाब किया जा सके।
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‘यह मामला पूरी तरह से मेरी जानकारी में है। बेटियों का कोख में ही कत्ल करने वाले हत्यारों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की जाएगी। इस प्रकरण पर कोई भी स्थानीय अफसर जवाब देने की स्थिति में नहीं है। शासन स्तर से जांच होगी जिसमें स्वयं ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा’
- राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व प्रदेश मंत्री, भाजपा