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कार में बना दिया प्रदूषण जांच केंद्र
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आरटीओ में वाहन की फिटनेस के दौरान ऑनलाइन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता शुरू हो गई है। यह बात अलग है कि आरटीओ में रिजस्ट्रेशन वाले आठ वाहन जांच प्रदूषण केंद्रों में से अभी तक एक ही ऑनलाइन हो पाया है।
ऑनलाइन जांच प्रदूषण केंद्र वाला इसका पूरा फायदा उठा रहा है। इसके साथ ही उसने अपनी कार में जांचने वाली मशीन के सभी उपकरण लगा रखे हैं और आरटीओ में ही जांच कर तत्काल प्रमाण पत्र जारी कर रहा है।
केंद्र सरकार ने 15 अप्रैल से सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के ऑन लाइन कराने के लिए निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि आरटीओ में वाहन की फिटनेस बिना प्रदूषण के मेनुअल प्रमाण पत्र पर नहीं की जाएगी।
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इसी आदेश का पालन करते हुए संभागीय निरीक्षक वीके चौधरी ने मेनुअल प्रमाण पत्र वाले वाहनों की फिटनेस रोक दी। इधर, सरकार के आदेश के बाद भी आरटीओ में रजिस्ट्रेशन वाले आठ में से एक वाहन जांच प्रदूषण केंद्र ही ऑन लाइन हुआ है।
ऑनलाइन होने वाले केंद्र के स्वामी ने अपनी कार में कंप्यूटर एवं पोलूशन जांचने वाले उपकरण फिट किए और उसे आरटीओ में खड़ा कर दिया। मंगलवार को आरटीओ परिसर में फिटनेस के लिए आने वाले वाहनों का हाथों हाथ प्रदूषण मानक चैक किया और प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद ही वाहन की फिटनेस हो सकी।
प्रदूषण जांचने में भी होने लगा खेल
वाहनों के ऑनलाइन प्रदूषण जांच के लिए लगाई गई मशीन में मंगलवार को काफी झोल दिखाई दिया। एक वाहन के साइलेंसर में जब मशीन से जुड़ा उपकरण डाला तो मशीन ने कार का प्रदूषण अधिक बताते हुए उसे निरस्त कर दिया।
जबकि उसी कार को कुछ देर बाद पुन: चेक किया तो कार का प्रदूषण मानक एकदम ठीक निकला। सूत्र बताते हैं कि इसमें बड़ा झोल किया जा रहा है। जिस गाड़ी को फेल करना हो उसमें मशीन को लगाने के बाद गाड़ी चालू कराने पर मशीन उसे फेल कर देती है, जबकि चालू गाड़ी में प्रदूषण जांचने वाला उपकरण लगाने पर वह पास हो जाती है।
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आरटीओ में वाहन की फिटनेस के दौरान ऑनलाइन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता शुरू हो गई है। यह बात अलग है कि आरटीओ में रिजस्ट्रेशन वाले आठ वाहन जांच प्रदूषण केंद्रों में से अभी तक एक ही ऑनलाइन हो पाया है।
ऑनलाइन जांच प्रदूषण केंद्र वाला इसका पूरा फायदा उठा रहा है। इसके साथ ही उसने अपनी कार में जांचने वाली मशीन के सभी उपकरण लगा रखे हैं और आरटीओ में ही जांच कर तत्काल प्रमाण पत्र जारी कर रहा है।
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केंद्र सरकार ने 15 अप्रैल से सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के ऑन लाइन कराने के लिए निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि आरटीओ में वाहन की फिटनेस बिना प्रदूषण के मेनुअल प्रमाण पत्र पर नहीं की जाएगी।
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इसी आदेश का पालन करते हुए संभागीय निरीक्षक वीके चौधरी ने मेनुअल प्रमाण पत्र वाले वाहनों की फिटनेस रोक दी। इधर, सरकार के आदेश के बाद भी आरटीओ में रजिस्ट्रेशन वाले आठ में से एक वाहन जांच प्रदूषण केंद्र ही ऑन लाइन हुआ है।
ऑनलाइन होने वाले केंद्र के स्वामी ने अपनी कार में कंप्यूटर एवं पोलूशन जांचने वाले उपकरण फिट किए और उसे आरटीओ में खड़ा कर दिया। मंगलवार को आरटीओ परिसर में फिटनेस के लिए आने वाले वाहनों का हाथों हाथ प्रदूषण मानक चैक किया और प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद ही वाहन की फिटनेस हो सकी।
प्रदूषण जांचने में भी होने लगा खेल
वाहनों के ऑनलाइन प्रदूषण जांच के लिए लगाई गई मशीन में मंगलवार को काफी झोल दिखाई दिया। एक वाहन के साइलेंसर में जब मशीन से जुड़ा उपकरण डाला तो मशीन ने कार का प्रदूषण अधिक बताते हुए उसे निरस्त कर दिया।
जबकि उसी कार को कुछ देर बाद पुन: चेक किया तो कार का प्रदूषण मानक एकदम ठीक निकला। सूत्र बताते हैं कि इसमें बड़ा झोल किया जा रहा है। जिस गाड़ी को फेल करना हो उसमें मशीन को लगाने के बाद गाड़ी चालू कराने पर मशीन उसे फेल कर देती है, जबकि चालू गाड़ी में प्रदूषण जांचने वाला उपकरण लगाने पर वह पास हो जाती है।