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कांग्रेस ने किया एएमयू का अल्पसंख्यक स्वरूप बनाए रखने का वादा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कांग्रेस पार्टी ने अपनी घोषणा पत्र में एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को बनाए रखने का वादा किया है। एएमयू में इसको लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है। वर्तमान समय में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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बयान...
एएमयू के स्वरूप को बनाए रखने के मुद्दे को घोषणा पत्र में शामिल करना स्वागत योग्य है। लेकिन ध्यान रहे कि इसमें तुष्टीकरण नहीं हो। मुसलमान शिक्षा में पिछड़े हुए है। देश के विकास के लिए सबका शिक्षित होना जरूरी है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का। संस्थान और खुलना चाहिए।
- प्रो. हामिद अली, अध्यक्ष, अमुटा
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कांग्रेस की घोषणा पत्र को अभी देखा नहीं है। अगर यह सही है तो स्वागत योग्य कदम है। घोषणा पत्र पढ़ने के बाद ही ज्यादा कुछ कह पाएंगे। अभी घर से बाहर हूं, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
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- प्रो. नजमुल इस्लाम, महासचिव, अमुटा
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मैने कांग्रेस घोषणा पत्र का अध्ययन किया है। यह स्वागत योग्य है। जो वादे है, वह व्यवहारिक है। कांग्रेस शासन में आए तो घोषणा पत्र पर अमल करें, ताकि मुल्क के हालात अच्छे हो। अल्पसंख्यक स्वरूप से गरीबों को बहुत लाभ होगा।
- सलमान इम्तियाज, अध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ
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चुनाव के 15 दिन पहले एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप की बात कर रहे हैं। पहले कहां थे। एक बार भी सुप्रीम कोर्ट में लिख कर दिया है। सभी पार्टी चुनाव बाद वादे भूल जाते हैं। मोदी ने कितने वादे किये थे। क्या हुए उनके। बहुत घपला है। चुनाव जीतने के बाद सब भूल जाते हैं।
- मेमुना अंसारी, सचिव, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन
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कांग्रेस पार्टी ने अपनी घोषणा पत्र में एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को बनाए रखने का वादा किया है। एएमयू में इसको लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है। वर्तमान समय में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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बयान...
एएमयू के स्वरूप को बनाए रखने के मुद्दे को घोषणा पत्र में शामिल करना स्वागत योग्य है। लेकिन ध्यान रहे कि इसमें तुष्टीकरण नहीं हो। मुसलमान शिक्षा में पिछड़े हुए है। देश के विकास के लिए सबका शिक्षित होना जरूरी है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का। संस्थान और खुलना चाहिए।
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- प्रो. हामिद अली, अध्यक्ष, अमुटा
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कांग्रेस की घोषणा पत्र को अभी देखा नहीं है। अगर यह सही है तो स्वागत योग्य कदम है। घोषणा पत्र पढ़ने के बाद ही ज्यादा कुछ कह पाएंगे। अभी घर से बाहर हूं, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
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- प्रो. नजमुल इस्लाम, महासचिव, अमुटा
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मैने कांग्रेस घोषणा पत्र का अध्ययन किया है। यह स्वागत योग्य है। जो वादे है, वह व्यवहारिक है। कांग्रेस शासन में आए तो घोषणा पत्र पर अमल करें, ताकि मुल्क के हालात अच्छे हो। अल्पसंख्यक स्वरूप से गरीबों को बहुत लाभ होगा।
- सलमान इम्तियाज, अध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ
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चुनाव के 15 दिन पहले एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप की बात कर रहे हैं। पहले कहां थे। एक बार भी सुप्रीम कोर्ट में लिख कर दिया है। सभी पार्टी चुनाव बाद वादे भूल जाते हैं। मोदी ने कितने वादे किये थे। क्या हुए उनके। बहुत घपला है। चुनाव जीतने के बाद सब भूल जाते हैं।
- मेमुना अंसारी, सचिव, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन
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