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छठ पूजा : ऊषा अर्घ्य के बाद पारण कर पूरा किया 48 घंटे का व्रत
Updated Thu, 15 Nov 2018 02:43 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
छठ पूजा के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने अपने 48 घंटे के व्रत को पूरा कर अलख सुबह सूर्य उपासना के तहत ऊषा अर्घ्य देकर अपना व्रत संपन्न किया। इसके बाद ब्रह्म बाबा (पीपल का पेड़) की पूजा की। बाद में पारण क्रिया के तहत कच्चे दूध का शर्बत पीकर व थोड़ा प्रसाद खाकर अपने व्रत को पूर्ण किया। ऊषा अर्घ्य के दौरान शहर के सेंटर प्वाइंट स्थित टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में बनाए गए घाट पर सुबह मेले जैसा नजारा नजर आया। महिलाओं के संग उनके परिजनों में भी सूर्य उपासना की।
बता दें कि शहर में भी कई परिवार छठ पूजा को विधि विधान से उत्साह पूर्वक मनाते हैं। छठ पूजा करने वाली महिलाओं ने 48 घंटे की कठिन तपस्या कर व्रत रखा। इस दौरान व्रती महिलाओं ने सुखद शैय्या का भी त्याग किया। रविवार को नहाय खाय से शुरू किया गया व्रत सोमवार को खरना तथा मंगलवार को सूर्य उपासना के तहत डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया था।
(बुधवार) सुबह शहर के टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में बनाए गए घाट पर महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य के समय महिलाओं तथा परिजनों ने छठ पूजा के लिए बनाए गए ठेकुआ, चावल के लड़ुआ, सांचा और फल को बांस की टोकरी में रखकर सूप से सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ पूजा विधिवत संपन्न होने पर सभी परिवारों ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं। सामूहिक रूप से प्रसादी को एक दूसरे में बांटा। वहीं युवाओं ने अपने परिवार के साथ छठ पूजा के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर भी किए। पूरे दिन सभी परिवारों में दूर रिश्तेदारों तक फोन द्वारा शुभकामना संदेश भेजने, वार्ता करने का दौर चलता रहा।
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छठ पूजा के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने अपने 48 घंटे के व्रत को पूरा कर अलख सुबह सूर्य उपासना के तहत ऊषा अर्घ्य देकर अपना व्रत संपन्न किया। इसके बाद ब्रह्म बाबा (पीपल का पेड़) की पूजा की। बाद में पारण क्रिया के तहत कच्चे दूध का शर्बत पीकर व थोड़ा प्रसाद खाकर अपने व्रत को पूर्ण किया। ऊषा अर्घ्य के दौरान शहर के सेंटर प्वाइंट स्थित टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में बनाए गए घाट पर सुबह मेले जैसा नजारा नजर आया। महिलाओं के संग उनके परिजनों में भी सूर्य उपासना की।
बता दें कि शहर में भी कई परिवार छठ पूजा को विधि विधान से उत्साह पूर्वक मनाते हैं। छठ पूजा करने वाली महिलाओं ने 48 घंटे की कठिन तपस्या कर व्रत रखा। इस दौरान व्रती महिलाओं ने सुखद शैय्या का भी त्याग किया। रविवार को नहाय खाय से शुरू किया गया व्रत सोमवार को खरना तथा मंगलवार को सूर्य उपासना के तहत डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया था।
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(बुधवार) सुबह शहर के टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में बनाए गए घाट पर महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य के समय महिलाओं तथा परिजनों ने छठ पूजा के लिए बनाए गए ठेकुआ, चावल के लड़ुआ, सांचा और फल को बांस की टोकरी में रखकर सूप से सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ पूजा विधिवत संपन्न होने पर सभी परिवारों ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं। सामूहिक रूप से प्रसादी को एक दूसरे में बांटा। वहीं युवाओं ने अपने परिवार के साथ छठ पूजा के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर भी किए। पूरे दिन सभी परिवारों में दूर रिश्तेदारों तक फोन द्वारा शुभकामना संदेश भेजने, वार्ता करने का दौर चलता रहा।
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