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जमीरउद्दीन शाह के वकील को 5 लाख का पेमेंट भी जांच के घेरे में
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:51 AM IST
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जमीरउद्दीन शाह के वकील को 5 लाख का पेमेंट भी जांच के घेरे में
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के पूर्व कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह के निजी वकील को पांच लाख रुपये पेमेंट का मामला भी सीबीआई जांच के दायरे में है। इससे एएमयू में खलबली मच गई है। एएमयू के अधिकारियों पर सीबीआई का फंदा कसता जा रहा है।
अभी तक यही समझा जा रहा था कि सीबीआई करीब 10 साल पहले (कुलपति नसीम अहमद के कार्यकाल में) गलत तरीके से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मामले की जांच कर रही है। सूत्रों पर भरोसा करें तो पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह के निजी वकील को 5 लाख रुपये का पेमेंट यूनिवर्सिटी की तरफ से किये जाने का मामला भी जांच के दायरे में है। इस पर तत्कालीन कुलपति जमीरउद्दीन शाह के अलावा तत्कालीन कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान, डिप्टी रजिस्ट्रार आरिफुद्दीन एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार लीगल अतीक अहमद खान के हस्ताक्षर थे। मंगलवार को सीबीआई इंस्पेक्टर टीपी देवरानी ने तीनों अधिकारियों से घंटों पूछताछ की। एक अधिकारी से तो काफी देर तक पूछताछ हुई।
इसकोे लेकर एएमयू में चर्चा का बाजार गर्म है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की, लेकिन एएमयू अधिकारियों से क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सीबीआई इंस्पेक्टर ने पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. नाजिम अली, प्रो. कमरूद्दीन आदि के बयान दर्ज किये थे। चर्चा है कि सीबीआई अधिकारी यहां तीन-चार दिन और रुकेंगे।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के पूर्व कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह के निजी वकील को पांच लाख रुपये पेमेंट का मामला भी सीबीआई जांच के दायरे में है। इससे एएमयू में खलबली मच गई है। एएमयू के अधिकारियों पर सीबीआई का फंदा कसता जा रहा है।
अभी तक यही समझा जा रहा था कि सीबीआई करीब 10 साल पहले (कुलपति नसीम अहमद के कार्यकाल में) गलत तरीके से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मामले की जांच कर रही है। सूत्रों पर भरोसा करें तो पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह के निजी वकील को 5 लाख रुपये का पेमेंट यूनिवर्सिटी की तरफ से किये जाने का मामला भी जांच के दायरे में है। इस पर तत्कालीन कुलपति जमीरउद्दीन शाह के अलावा तत्कालीन कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान, डिप्टी रजिस्ट्रार आरिफुद्दीन एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार लीगल अतीक अहमद खान के हस्ताक्षर थे। मंगलवार को सीबीआई इंस्पेक्टर टीपी देवरानी ने तीनों अधिकारियों से घंटों पूछताछ की। एक अधिकारी से तो काफी देर तक पूछताछ हुई।
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इसकोे लेकर एएमयू में चर्चा का बाजार गर्म है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की, लेकिन एएमयू अधिकारियों से क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सीबीआई इंस्पेक्टर ने पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. नाजिम अली, प्रो. कमरूद्दीन आदि के बयान दर्ज किये थे। चर्चा है कि सीबीआई अधिकारी यहां तीन-चार दिन और रुकेंगे।
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