फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   17 percent obese in school children, BP in three percent

अलीगढ़ : स्कूली बच्चों में 17 प्रतिशत मोटापे के शिकार, तीन प्रतिशत में बीपी

Fri, 04 Mar 2022 11:38 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 11:38 PM IST
विज्ञापन
17 percent obese in school children, BP in three percent
डॉ. के शर्मा। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय - फोटो : CITY OFFICE
शहरी क्षेत्र में स्कूल जाने वाले बच्चों में से 17 प्रतिशत मोटापे के शिकार हैं। इसमें से तीन प्रतिशत ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं। ये स्थिति कोरोना काल से पहले की है। चिकित्सकों के मुताबिक, कोरोना महामारी काल में दिनचर्या में बदलाव के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। पांच मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है।
विज्ञापन

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मेहरोत्रा के मुताबिक एक अध्ययन के अनुसार अलीगढ़ में स्कूल जाने वाले बच्चों में 17 प्रतिशत मोटापे के शिकार हैं। इसमें से तीन प्रतिशत बीपी के शिकार हो गए हैं और उनको इसका अहसास भी नहीं है। चिकित्सकों का कहना है कि लाइफ स्टाइल में बदलाव से यह समस्या बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मोटापे के मामले में हमारा देश दुनिया में तीसरे पायदान पर है। चिकित्सकों का कहना है कि कोविड काल में शिक्षण संस्थान एवं खेल के मैदान बंद होने के कारण बच्ची की खेलकूद संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो गई थीं। साथ ही ऑनलाइन क्लास की वजह से बच्चों को लगातार एक ही जगह पर बैठना पड़ता था। इसके अलावा, खानपान, आनुवांशिक कारण, तनाव आदि भी मोटापा के कारण हो सकते हैं।
विज्ञापन

चिकित्सकों का कहना है कि मोटापे की वजह से बच्चे भविष्य में कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं, जिसमें मधुमेह, रक्तचाप आदि प्रमुख है। बच्चों के कद पर प्रभाव पड़ता है और शारीरिक विकास अवरुद्ध होता है। चलने फिरने में समस्या उत्पन्न होती है। मोटे बच्चों को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोविड के पहले हुए एक अध्ययन में स्कूल जाने वाले बच्चों में 17 प्रतिशत मोटापा के शिकार थे। कोविड काल में इसमें इजाफा हुआ है। कितना इजाफा हुआ है, यह नए अध्ययन के बाद स्पष्ट होगा। मोटापा से बचाव में दवाओं की भूमिका नगण्य है। पौष्टिक आहार का सेवन करें एवं नियमित व्यायाम करें। फास्ट फूड, चिकनाई युक्त भोजन, मिठाई आदि से परहेज करें।

- डॉ. विकास मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ
मोटापे की समस्या कोविड से पहले की है। हालांकि कोविड काल में इसमें इजाफा हुआ है। ऑनलाइन पढ़ाई, खेल मैदान से दूरी एवं शारीरिक कार्य कम होने से लोग मोटापे की चपेट में आए हैं। कोविड के पहले सरकारी अस्पतालों में ओवर ईटिंग के केस कम आते थे। कोरोना के बाद मोटापा से पीड़ित बच्चे भी उपचार के लिए आए हैं।
- डॉ. के शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय

डॉ विकास मेहरोत्रा। बाल रोग विशेषज्ञ

डॉ विकास मेहरोत्रा। बाल रोग विशेषज्ञ- फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed