{"_id":"5cb63a2bbdec2214046f108c","slug":"161555446315-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी का मंच बनाने वाला ठेकेदार फरार, अब एक्शन का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी का मंच बनाने वाला ठेकेदार फरार, अब एक्शन का इंतजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पीएम मोदी के मंच पर वायरिंग में हुए स्पार्क मामले में तीसरे दिन भी लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का इंतजार होता रहा। हालांकि मजिस्ट्रेटी जांच में विद्युत सुरक्षा अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। मगर अभी एसडीएम कोल के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इधर, विद्युत सुरक्षा के संयुक्त निदेशक ने भी ऊर्जा सचिव को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी लापरवाह ठेकेदार फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस विवेचक स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि उसका स्टाफ यहां नुमाइश मैदान से सामान समेट कर ले जाने में सफल रहा है।
पीएम मोदी के मंच पर रविवार को उस समय स्पार्क हुआ था, जब पीएम-सीएम खुद मंच पर थे और सीएम सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मची भगदड़ के बाद आनन-फानन आग को बुझा तो लिया गया। मगर बाद में इस मामले में लखनऊ-दिल्ली तक गूंज होने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने एक तरफ जहां ठेकेदार व विद्युत सुरक्षा के दो अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच भी एडीएम प्रशासन को सौंप दी। इधर, ऊर्जा सचिव ने भी संयुक्त निदेशक को जांच के लिए भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार इधर अब तक हुई कार्यवाही के तहत इस मामले में संयुक्त निदेशक ने अपनी रिपोर्ट ऊर्जा सचिव को सौंप दी है, जिसमें ठेकेदार का लाइसेंस न होने की बात कही है। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच में एसडीएम के बयान दर्ज होना बाकी हैं। हां, मंगलवार को दोनों विद्युत अधिकारियों के बयान दर्ज जरूर हो गए। वहीं पुलिस स्तर से ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मगर वह फरार है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी अरुणा राय इतना ही बताती हैं कि ठेकेदार को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएम मोदी के मंच पर वायरिंग में हुए स्पार्क मामले में तीसरे दिन भी लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का इंतजार होता रहा। हालांकि मजिस्ट्रेटी जांच में विद्युत सुरक्षा अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। मगर अभी एसडीएम कोल के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इधर, विद्युत सुरक्षा के संयुक्त निदेशक ने भी ऊर्जा सचिव को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी लापरवाह ठेकेदार फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस विवेचक स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि उसका स्टाफ यहां नुमाइश मैदान से सामान समेट कर ले जाने में सफल रहा है।
पीएम मोदी के मंच पर रविवार को उस समय स्पार्क हुआ था, जब पीएम-सीएम खुद मंच पर थे और सीएम सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मची भगदड़ के बाद आनन-फानन आग को बुझा तो लिया गया। मगर बाद में इस मामले में लखनऊ-दिल्ली तक गूंज होने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने एक तरफ जहां ठेकेदार व विद्युत सुरक्षा के दो अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच भी एडीएम प्रशासन को सौंप दी। इधर, ऊर्जा सचिव ने भी संयुक्त निदेशक को जांच के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार इधर अब तक हुई कार्यवाही के तहत इस मामले में संयुक्त निदेशक ने अपनी रिपोर्ट ऊर्जा सचिव को सौंप दी है, जिसमें ठेकेदार का लाइसेंस न होने की बात कही है। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच में एसडीएम के बयान दर्ज होना बाकी हैं। हां, मंगलवार को दोनों विद्युत अधिकारियों के बयान दर्ज जरूर हो गए। वहीं पुलिस स्तर से ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मगर वह फरार है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी अरुणा राय इतना ही बताती हैं कि ठेकेदार को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन