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खून से खत लिखकर तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं देने की शिकायत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेताओं ने प्रशासन पर तिरंगा यात्रा की अनुमति देने में भेदभाव का आरोप लगाया है। राष्ट्रपति को खून से खत लिखकर शिकायत की है और आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रही है और मुसलमानों को गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाने से रोक रही है।
मजलिस के नेता सैयद नाजिम अली ने कहा कि कार्यकर्ता ऊपर कोर्ट से डीएस कॉलेज तक तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे, जिसकी अनुमति प्रशासन से मांगी थी। लेकिन प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सत्ता दल के जितने भी संगठन है, सभी को तिरंगा यात्रा निकालने की आजादी प्रशासन की तरफ से मिली हुई है। प्रशासन ने 26 जनवरी को हमसे हमारी आजादी छीनने का काम किया है। नाजिम अली ने कहा कि यह तमाम हिंदुस्तानियों का तिरंगा है और इस तिरंगे को हम अपनी आखिरी सांस तक नहीं छोड़ेंगे।
एएमयू में तिरंगा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि सांसद के इशारे पर एक छात्र सब कुछ कर रहे हैं। सांसद के निशाने पर हमेशा एएमयू रहती है। लेकिन वह यह बात भूल जाते हैं कि एएमयू का एक बगीचे का माली भी उनसे ज्यादा पढ़ा लिखा है। नाजिम अली का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसएसपी को अपने खून में डुबोकर दो गुलाब के फूल भी भेजें और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
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ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेताओं ने प्रशासन पर तिरंगा यात्रा की अनुमति देने में भेदभाव का आरोप लगाया है। राष्ट्रपति को खून से खत लिखकर शिकायत की है और आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रही है और मुसलमानों को गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाने से रोक रही है।
मजलिस के नेता सैयद नाजिम अली ने कहा कि कार्यकर्ता ऊपर कोर्ट से डीएस कॉलेज तक तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे, जिसकी अनुमति प्रशासन से मांगी थी। लेकिन प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सत्ता दल के जितने भी संगठन है, सभी को तिरंगा यात्रा निकालने की आजादी प्रशासन की तरफ से मिली हुई है। प्रशासन ने 26 जनवरी को हमसे हमारी आजादी छीनने का काम किया है। नाजिम अली ने कहा कि यह तमाम हिंदुस्तानियों का तिरंगा है और इस तिरंगे को हम अपनी आखिरी सांस तक नहीं छोड़ेंगे।
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एएमयू में तिरंगा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि सांसद के इशारे पर एक छात्र सब कुछ कर रहे हैं। सांसद के निशाने पर हमेशा एएमयू रहती है। लेकिन वह यह बात भूल जाते हैं कि एएमयू का एक बगीचे का माली भी उनसे ज्यादा पढ़ा लिखा है। नाजिम अली का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसएसपी को अपने खून में डुबोकर दो गुलाब के फूल भी भेजें और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
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