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सांसद आदर्श ग्राम बसेरा -Cordination
Updated Sun, 03 Jun 2018 01:27 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जनपद मुख्यालय से तकरीबन 67 किमी दूर अलीगढ़, नोएडा और बुलंदशहर की सीमा के तिकोने पर बसा सदियों पुराना गांव है बसेरा। इस गांव का माजरा भदियार डेढ़ किमी की दूरी पर है।
जाट बाहुल्य इस गांव की कुल आबादी साढ़े चार हजार की है। तहसील खैर और ब्लाक टप्पल लगता है। गांव के प्रधान ललित सिंह भी जाट समाज से हैं। वे दूसरी बाद ग्राम प्रधान बने हैं।
इस गांव को वित्तीय वर्ष 2017-18 में सांसद आदर्श ग्राम योजना में सांसद सतीश गौतम ने गोद लिया था। पूरे 14 महीने बीत चुके हैं। अब तक गांव में कोई बड़ा काम नहीं हुआ, जिससे गांव वाले खुश हो पाते। शनिवार को जब अमर उजाला टीम ने गांव वालों से उनके ‘मन की बात’ सुनी तो हकीकत कुछ यूं बयां हुई.....
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पहली चौपाल : गांव के किनारे के उखड़े टूटे खड़ंजे पर मौजूद रंजीत सिंह के घर में तपती दोपहर में चौपाल लगी थी। बरामदे की कच्ची जमीन पर लंबा चौड़ा गद्दा बिछा था।
सामने एक पंखा चल रहा था। पास में ठंडे पानी का वाटर कूलर था। आने जाने वाले प्यास बुझा रहे थे। हुक्का गुड़गुड़ाया जा रहा था तो साथ में कुछ बीड़ियां सुलग रहीं थीं। बरामदे के पीछे बने कमरे में महिलाएं बच्चों को दुलार रही थीं।
यहां बुजुर्ग रंजीत सिंह, सिद्धि सिंह, राम कुमार शर्मा, चौ. ओमप्रकाश, चौ.धन सिंह, चौ. संगम सिंह, महीपाल सिंह, महेश, अनिल, वीरपाल सिंह, तेजवीर सिंह नेपाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। सबका यही कहना था कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में चयनित कर गांव को धोखा दिया गया।
14 महीने बाद भी कोई काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सांसद सतीश गौतम ने झूठे वादे करने में पूर्व कांग्रेसी सांसद को भी पीछे छोड़ दिया। अगर गांव को गोद नहीं लिया जाता तो खुद वो अपने पैरों पर चलना सीख जाता।
दूसरी चौपाल : गांव की संकरी गली में पक्के बरामदे में किनारे से दो चारपाई और बीचोबीच कुछ कुर्सियां पड़ीं थीं। इन कुर्सियों के बीच में एक हुक्का घूम रहा था। यहां पर ओमप्रकाश, सुरेश सिंह, ओंकार सिंह, जगवीर सिंह, प्रेमवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह सहित अन्य लोग आकर खड़े हो गए।
बोले.. सांसद आदर्श ग्राम योजना में चुने जाने के बाद ऐसा कोई काम नहीं हुआ जिसकी किसी को याद हो। न सांसद काम कर रहे हैं न ही प्रधान। सांसद कहते हैं प्रधान जी करेंगे और प्रधान कहते हैं सांसद जी करेंगे। अब करेगा कौन..? यह तय नहीं हो रहा है।
प्रधान का दर्द: सुनने पड़ते हैं ताने
बसेरा गांव के प्रधान ललित सिंह टप्पल ब्लाक के प्रधान संगठन के अध्यक्ष हैं। इस संगठन में 67 प्रधान हैं और अधिकांश गांव प्रधान जाट समुदाय के बाहुल्य वाले इलाके से हैं। ललित सिंह का एक दर्द ये भी है कि प्रधान संगठन के दूसरे सदस्य उनसे मिलने पर उनको आदर्श ग्राम योजना का ताना मारने नहीं चूकते। अरे... तुम्हारे गाम में तो सब कछु होय रओ हो..?
सरकारी योजनाओं का असर गांव पर
1-स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में 130 शौचालय बन चुके हैं। 50 और बनने प्रस्तावित हैं। बसेरा का माजरा भदियार कुछ ही दिनों में ओडीएफ घोषित होने वाला है। भदियार में 98 शौचालय बनाए जाने का दावा किया गया है।
2-स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में सफाई कर्मी आता है। लेकिन गोबर नालियों में बहा देने के कारण सफाई कहीं दिखती नहीं है। गोबर से नालियां उफनती रहती है। यह गोबर सबमर्सिबल पंपों के जरिये बहाया जाता है।
3-उज्ज्वला योजना के तहत गांव में 65 गैस कनेक्शन दिए गए हैं। तकरीबन 85 फीसदी परिवार घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग कर रहे हैं।
4-सौभाग्य योजना के तहत 70 बिजली कनेक्शन देने का दावा किया गया है। अधिकांश घरों में बिजली पहले से ही है। 16 से 18 घंटे के बीच बिजली आ रही है। बिजली के 10 ट्रांसफार्मर लगने के लिए आए हैं।
5-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में केवल एक आवास बना है। बाकी आवेदनों पर कोई मंजूरी नहीं मिली है।
6-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गांव में एक भी विवाह नहीं हुआ। इस योजना से किसी को लाभ नहीं मिला।
7-प्रधानमंत्री की जनधन योजना के तहत लगभग 200 खाते खोले गए। 700 परिवारों के बीच लगभग सभी परिवारों में बैंक खाते हैं।
पेंशन की स्थिति
वद्धावस्था पेंशन-20 लाभार्थी।
विधवा पेंशन-28 लाभार्थी।
दिव्यांग पेंशन-18 लाभार्थी।
साक्षरता
साक्षरता-90 प्रतिशत।
पुरुष आबादी-1521।
महिला आबादी-1332।
आबादी
लगभग साढ़े चार हजार
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जनपद मुख्यालय से तकरीबन 67 किमी दूर अलीगढ़, नोएडा और बुलंदशहर की सीमा के तिकोने पर बसा सदियों पुराना गांव है बसेरा। इस गांव का माजरा भदियार डेढ़ किमी की दूरी पर है।
जाट बाहुल्य इस गांव की कुल आबादी साढ़े चार हजार की है। तहसील खैर और ब्लाक टप्पल लगता है। गांव के प्रधान ललित सिंह भी जाट समाज से हैं। वे दूसरी बाद ग्राम प्रधान बने हैं।
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इस गांव को वित्तीय वर्ष 2017-18 में सांसद आदर्श ग्राम योजना में सांसद सतीश गौतम ने गोद लिया था। पूरे 14 महीने बीत चुके हैं। अब तक गांव में कोई बड़ा काम नहीं हुआ, जिससे गांव वाले खुश हो पाते। शनिवार को जब अमर उजाला टीम ने गांव वालों से उनके ‘मन की बात’ सुनी तो हकीकत कुछ यूं बयां हुई.....
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पहली चौपाल : गांव के किनारे के उखड़े टूटे खड़ंजे पर मौजूद रंजीत सिंह के घर में तपती दोपहर में चौपाल लगी थी। बरामदे की कच्ची जमीन पर लंबा चौड़ा गद्दा बिछा था।
सामने एक पंखा चल रहा था। पास में ठंडे पानी का वाटर कूलर था। आने जाने वाले प्यास बुझा रहे थे। हुक्का गुड़गुड़ाया जा रहा था तो साथ में कुछ बीड़ियां सुलग रहीं थीं। बरामदे के पीछे बने कमरे में महिलाएं बच्चों को दुलार रही थीं।
यहां बुजुर्ग रंजीत सिंह, सिद्धि सिंह, राम कुमार शर्मा, चौ. ओमप्रकाश, चौ.धन सिंह, चौ. संगम सिंह, महीपाल सिंह, महेश, अनिल, वीरपाल सिंह, तेजवीर सिंह नेपाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। सबका यही कहना था कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में चयनित कर गांव को धोखा दिया गया।
14 महीने बाद भी कोई काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सांसद सतीश गौतम ने झूठे वादे करने में पूर्व कांग्रेसी सांसद को भी पीछे छोड़ दिया। अगर गांव को गोद नहीं लिया जाता तो खुद वो अपने पैरों पर चलना सीख जाता।
दूसरी चौपाल : गांव की संकरी गली में पक्के बरामदे में किनारे से दो चारपाई और बीचोबीच कुछ कुर्सियां पड़ीं थीं। इन कुर्सियों के बीच में एक हुक्का घूम रहा था। यहां पर ओमप्रकाश, सुरेश सिंह, ओंकार सिंह, जगवीर सिंह, प्रेमवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह सहित अन्य लोग आकर खड़े हो गए।
बोले.. सांसद आदर्श ग्राम योजना में चुने जाने के बाद ऐसा कोई काम नहीं हुआ जिसकी किसी को याद हो। न सांसद काम कर रहे हैं न ही प्रधान। सांसद कहते हैं प्रधान जी करेंगे और प्रधान कहते हैं सांसद जी करेंगे। अब करेगा कौन..? यह तय नहीं हो रहा है।
प्रधान का दर्द: सुनने पड़ते हैं ताने
बसेरा गांव के प्रधान ललित सिंह टप्पल ब्लाक के प्रधान संगठन के अध्यक्ष हैं। इस संगठन में 67 प्रधान हैं और अधिकांश गांव प्रधान जाट समुदाय के बाहुल्य वाले इलाके से हैं। ललित सिंह का एक दर्द ये भी है कि प्रधान संगठन के दूसरे सदस्य उनसे मिलने पर उनको आदर्श ग्राम योजना का ताना मारने नहीं चूकते। अरे... तुम्हारे गाम में तो सब कछु होय रओ हो..?
सरकारी योजनाओं का असर गांव पर
1-स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में 130 शौचालय बन चुके हैं। 50 और बनने प्रस्तावित हैं। बसेरा का माजरा भदियार कुछ ही दिनों में ओडीएफ घोषित होने वाला है। भदियार में 98 शौचालय बनाए जाने का दावा किया गया है।
2-स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में सफाई कर्मी आता है। लेकिन गोबर नालियों में बहा देने के कारण सफाई कहीं दिखती नहीं है। गोबर से नालियां उफनती रहती है। यह गोबर सबमर्सिबल पंपों के जरिये बहाया जाता है।
3-उज्ज्वला योजना के तहत गांव में 65 गैस कनेक्शन दिए गए हैं। तकरीबन 85 फीसदी परिवार घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग कर रहे हैं।
4-सौभाग्य योजना के तहत 70 बिजली कनेक्शन देने का दावा किया गया है। अधिकांश घरों में बिजली पहले से ही है। 16 से 18 घंटे के बीच बिजली आ रही है। बिजली के 10 ट्रांसफार्मर लगने के लिए आए हैं।
5-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में केवल एक आवास बना है। बाकी आवेदनों पर कोई मंजूरी नहीं मिली है।
6-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गांव में एक भी विवाह नहीं हुआ। इस योजना से किसी को लाभ नहीं मिला।
7-प्रधानमंत्री की जनधन योजना के तहत लगभग 200 खाते खोले गए। 700 परिवारों के बीच लगभग सभी परिवारों में बैंक खाते हैं।
पेंशन की स्थिति
वद्धावस्था पेंशन-20 लाभार्थी।
विधवा पेंशन-28 लाभार्थी।
दिव्यांग पेंशन-18 लाभार्थी।
साक्षरता
साक्षरता-90 प्रतिशत।
पुरुष आबादी-1521।
महिला आबादी-1332।
आबादी
लगभग साढ़े चार हजार
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