{"_id":"5b0480a24f1c1b165e8b675f","slug":"161527021730-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैयद हामिद स्कूल के हुमाम बने एएमयू 12 वीं के टॉपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैयद हामिद स्कूल के हुमाम बने एएमयू 12 वीं के टॉपर
Updated Wed, 23 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सर्टीफिकेट पार्ट द्वितीय (कक्षा 12) की वार्षिक परीक्षा 2018 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। 95.80 प्रतिशत अंक हासिल कर सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मोहम्मद हुमाम खान ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। जबकि 94.60 प्रतिशत अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की छात्रा अदीबा निजामी दूसरे एवं 94.44 प्रतिशत अंक के साथ दीक्षा सिंह तीसरे स्थान पर हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी एजूकेशन द्वारा आयोजित परीक्षा में 2612 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 91.39 प्रतिशत छात्र-छात्राएं कामयाब हुए।
1865 छात्र प्रथम, 478 द्वितीय एवं 44 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं। टॉपर मोहम्मद हुमाम खान पुत्र मोहम्मद आरिफ महानगर के समीप स्थित नगला पटवारी के निवासी हैं, जबकि सेकेंड टॉपर अदीबा निजामी पुत्री मो. फिरोज आलम बिहार के बिहार शरीफ के महलपार मोहल्ला की निवासी हैं।
विज्ञापन
थर्ड टॉपर दीक्षा सिंह पुत्री दीपक सिंह संभल के चंदौसी के मयूर विहार आवास-विकास की निवासी हैं। अदीबा एवं दीक्षा हास्टल में रहकर यहां पढ़ाई करती हैं। तीनों टॉपरों में बहुत कम अंक का अंतर है। मोहम्मद हुमाम खान ने 500 में 479 अंक हासिल किए हैं, जबकि अदीबा निजामी ने 473 एवं दीक्षा सिंह ने 472 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मेजर एसएम मुस्तफा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की प्रिंसिपल नगमा इरफान ने 12 वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र व छात्राओं को बधाई दी।
अधिवक्ता पुत्र हुमाम बनना चाहते हैं इलेक्ट्रीकल इंजीनियर
एएमयू 12वीं के टॉपर मोहम्मद हुमाम खान के पिता मोहम्मद आरिफ नई दिल्ली स्थित तीस हजारी कोर्ट में अधिवक्ता हैं। परीक्षा परिणाम घोषणा के दौरान हुमाम दिल्ली में थे। अमर उजाला द्वारा जब उन्हें परीक्षा परिणाम की सूचना दी गई तो काफी खुश हुए। बातचीत में कहा कि वह आईआईटी से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने नाना प्रो. बदरे आलम को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नाना एएमयू के भौतिकी विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में पढ़ाई की है। उनके सपोर्ट के बिना इतनी बड़ी उपलब्धि संभव नहीं थी। हुमाम को पुस्तक से बेहद प्रेम है। क्रिकेट के भी शौकीन हैं। अम्मी दरख्शां गृहणी हैं।
डॉक्टर बनकर पापा के अधूरे सपने को पूरा करेंगी अदीबा
एएमयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की छात्रा अदीबा निमाजी डॉक्टर बनकर अपने पिता के सपने को साकार करना चाहती हैं। अदीबा मूल रूप से बिहार शरीफ (बिहार) की निवासी हैं और यहां अब्दुल्ला हॉल में रहकर पढ़ाई करती हैं। वर्तमान समय में अदीबा कोटा में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। अदीबा के पिता मो. फिरोज आलम एवं माता दरख्शां परवीन बिहार में टीचर हैं। उन्होंने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनके पिता भी डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन ग्रामीण पृष्टभूमि के कारण उनका सपना साकार नहीं हुआ। वह डॉक्टर बनकर पिता के सपने को साकार करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इसलिए डॉक्टर बनेंगी, ताकि गरीब लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा सकें। अदीबा के पिता मो. फिरोज ने कहा कि उनकी बिटिया ने बिहार का नाम रौशन किया है। अदीबा दो बहनों में बड़ी हैं।
दादा की तरह डॉक्टर बनेंगी दीक्षा
एएमयू 12वीं की थर्ड टॉपर दीक्षा सिंह अपने दादा डॉ. आरपी सिंह की तरह डॉक्टर बनना चाहती हैं। सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की दीक्षा सिंह शहर के एक हॉस्टल में रहकर यहां पढ़ाई करती हैं। वह मूलरूप से चंदौसी निवासी हैं। उनके पिता दीपक सिंह बिजेनस मैन एवं माता शिखा सिंह गृहणी हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता, दादी एवं दादा जी को देती हैं। वह कहती है कि उनके दादा जी डॉक्टर हैं और पापा का मेडिसन से संबंधित बिजनेस है। बचपन से ऐसे ही माहौल में पली-बढ़ी हैं। बचपन से डॉक्टर बनने की चाहत है। वह कहती हैं कि कक्षा के अतिरिक्त कमरे पर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी। छुट्टी के दिन 10 घंटे तक पढ़ती थीं। दीक्षा का छोटा भाई कक्षा 9 में पढ़ता है। दीक्षा को पढ़ाई के साथ म्यूजिक से बेहद लगाव है। खाली समय में गाने सुनना पसंद है।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सर्टीफिकेट पार्ट द्वितीय (कक्षा 12) की वार्षिक परीक्षा 2018 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। 95.80 प्रतिशत अंक हासिल कर सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मोहम्मद हुमाम खान ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। जबकि 94.60 प्रतिशत अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की छात्रा अदीबा निजामी दूसरे एवं 94.44 प्रतिशत अंक के साथ दीक्षा सिंह तीसरे स्थान पर हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी एजूकेशन द्वारा आयोजित परीक्षा में 2612 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 91.39 प्रतिशत छात्र-छात्राएं कामयाब हुए।
विज्ञापन
1865 छात्र प्रथम, 478 द्वितीय एवं 44 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं। टॉपर मोहम्मद हुमाम खान पुत्र मोहम्मद आरिफ महानगर के समीप स्थित नगला पटवारी के निवासी हैं, जबकि सेकेंड टॉपर अदीबा निजामी पुत्री मो. फिरोज आलम बिहार के बिहार शरीफ के महलपार मोहल्ला की निवासी हैं।
विज्ञापन
थर्ड टॉपर दीक्षा सिंह पुत्री दीपक सिंह संभल के चंदौसी के मयूर विहार आवास-विकास की निवासी हैं। अदीबा एवं दीक्षा हास्टल में रहकर यहां पढ़ाई करती हैं। तीनों टॉपरों में बहुत कम अंक का अंतर है। मोहम्मद हुमाम खान ने 500 में 479 अंक हासिल किए हैं, जबकि अदीबा निजामी ने 473 एवं दीक्षा सिंह ने 472 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मेजर एसएम मुस्तफा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की प्रिंसिपल नगमा इरफान ने 12 वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र व छात्राओं को बधाई दी।
अधिवक्ता पुत्र हुमाम बनना चाहते हैं इलेक्ट्रीकल इंजीनियर
एएमयू 12वीं के टॉपर मोहम्मद हुमाम खान के पिता मोहम्मद आरिफ नई दिल्ली स्थित तीस हजारी कोर्ट में अधिवक्ता हैं। परीक्षा परिणाम घोषणा के दौरान हुमाम दिल्ली में थे। अमर उजाला द्वारा जब उन्हें परीक्षा परिणाम की सूचना दी गई तो काफी खुश हुए। बातचीत में कहा कि वह आईआईटी से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने नाना प्रो. बदरे आलम को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नाना एएमयू के भौतिकी विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में पढ़ाई की है। उनके सपोर्ट के बिना इतनी बड़ी उपलब्धि संभव नहीं थी। हुमाम को पुस्तक से बेहद प्रेम है। क्रिकेट के भी शौकीन हैं। अम्मी दरख्शां गृहणी हैं।
डॉक्टर बनकर पापा के अधूरे सपने को पूरा करेंगी अदीबा
एएमयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की छात्रा अदीबा निमाजी डॉक्टर बनकर अपने पिता के सपने को साकार करना चाहती हैं। अदीबा मूल रूप से बिहार शरीफ (बिहार) की निवासी हैं और यहां अब्दुल्ला हॉल में रहकर पढ़ाई करती हैं। वर्तमान समय में अदीबा कोटा में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। अदीबा के पिता मो. फिरोज आलम एवं माता दरख्शां परवीन बिहार में टीचर हैं। उन्होंने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनके पिता भी डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन ग्रामीण पृष्टभूमि के कारण उनका सपना साकार नहीं हुआ। वह डॉक्टर बनकर पिता के सपने को साकार करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इसलिए डॉक्टर बनेंगी, ताकि गरीब लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा सकें। अदीबा के पिता मो. फिरोज ने कहा कि उनकी बिटिया ने बिहार का नाम रौशन किया है। अदीबा दो बहनों में बड़ी हैं।
दादा की तरह डॉक्टर बनेंगी दीक्षा
एएमयू 12वीं की थर्ड टॉपर दीक्षा सिंह अपने दादा डॉ. आरपी सिंह की तरह डॉक्टर बनना चाहती हैं। सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की दीक्षा सिंह शहर के एक हॉस्टल में रहकर यहां पढ़ाई करती हैं। वह मूलरूप से चंदौसी निवासी हैं। उनके पिता दीपक सिंह बिजेनस मैन एवं माता शिखा सिंह गृहणी हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता, दादी एवं दादा जी को देती हैं। वह कहती है कि उनके दादा जी डॉक्टर हैं और पापा का मेडिसन से संबंधित बिजनेस है। बचपन से ऐसे ही माहौल में पली-बढ़ी हैं। बचपन से डॉक्टर बनने की चाहत है। वह कहती हैं कि कक्षा के अतिरिक्त कमरे पर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी। छुट्टी के दिन 10 घंटे तक पढ़ती थीं। दीक्षा का छोटा भाई कक्षा 9 में पढ़ता है। दीक्षा को पढ़ाई के साथ म्यूजिक से बेहद लगाव है। खाली समय में गाने सुनना पसंद है।