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अलीगढ़ में फायर सिस्टम दुरुस्त न होने पर रूसा मेडिकल सेंटर पर लगेगी सील
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:30 AM IST
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रूसा मेडिकल सेंटर को नोटिस, फायर सिस्टम दुरुस्त नहीं हुए तो लग जाएगी सील
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आगरा रोड स्थित रूसा मेडिकल सेंटर में फायर सेफ्टी के उपाय पूरे नहीं होने पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। 15 दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होने की सूरत में अस्पताल भवन खाली करा कर सील लगा दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने फायर सेफ्टी अफसर को अस्पताल प्रबंधकों को 15 दिन का एक और नोटिस देने को कहा है, जिसमें सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी होगी। अन्यथा की सूरत में यूपी अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम 2005 की धारा 5 के तहत अस्पताल भवन को खाली करा कर सील बंद की कार्रवाई कर दी जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीती 28 अक्तूबर को जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद को पत्र लिखा था। जिसमें आगरा रोड स्थित रूसा मेडिकल सेंटर में अग्निशमन सुरक्षा उपाय न कराये जाने के कारण विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी। विवेक कुमार ने बताया कि 2 नवंबर 2016 को अस्पताल को भवन निर्माण अग्नि सुरक्षा पत्र प्रेषित किया गया था।
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जवाब न मिलने पर 12 दिसंबर को दूसरा रिमाइंडर पत्र भेजा गया। फिर भी जवाब नहीं मिला। इसके बाद जिलाधिकारी से निर्देश मांगे गए। डीएम के निर्देश पर 27 जुलाई 2017 को निरीक्षण कर वहां अपर्याप्त व्यवस्था देख कर 31 जुलाई को पुन: नोटिस जारी किया। व्यवस्था पूर्ण कराने के लिए निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट 8 अगस्त को जिलाधिकारी को दी गई।
नोटिस के जवाब में अस्पताल प्रबंधन की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर डा. उमाशंकर वार्ष्णेय ने 25 अगस्त 2017 को एक पत्र फायर स्टेशन कार्यालय बन्ना देवी में भेजा। जिसमें लिखा गया कि फायर सेफ्टी अफसरों के निरीक्षण में मिली खामियों को दूर कर लिया गया है।
बकौल विवेक कुमार इस पत्र के मिलने के बाद फिर से निरीक्षण किया गया। 12 सितंबर 2017 को हुए इस निरीक्षण में पुन: वही खामियां पाई गईं। व्यवस्था दुरुस्त कराने के नाम पर केवल फायर एस्टेंग्वीसर रिफिल कराए गए। बाकी चार पांच उपाय नहीं किए गए थे। 15 सितंबर और 12 अक्तूबर फिर से अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में पत्र भेजा गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई।
विवेक कुमार ने पुन: डीएम को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि अस्पताल प्रबंधन जन सुरक्षा के प्रति सजग नहीं है। लगातार लापरवाही उजागर हो रही है। अत: इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। फायर सेफ्टी अफसर की ओर से जिलाधिकारी को भेजी गई उक्त रिपोर्ट पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है।
इस संबंध में अस्पताल के डाक्टर सुनील मित्तल ने बताया कि डा. उमा शंकर वार्ष्णेय और उनकी टीम सिस्टम दुरुस्त कर रही हैं। अस्पताल में सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं फायर फाइटिंग के सभी इंतजाम पूरे हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आगरा रोड स्थित रूसा मेडिकल सेंटर में फायर सेफ्टी के उपाय पूरे नहीं होने पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। 15 दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होने की सूरत में अस्पताल भवन खाली करा कर सील लगा दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने फायर सेफ्टी अफसर को अस्पताल प्रबंधकों को 15 दिन का एक और नोटिस देने को कहा है, जिसमें सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी होगी। अन्यथा की सूरत में यूपी अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम 2005 की धारा 5 के तहत अस्पताल भवन को खाली करा कर सील बंद की कार्रवाई कर दी जाएगी।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीती 28 अक्तूबर को जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद को पत्र लिखा था। जिसमें आगरा रोड स्थित रूसा मेडिकल सेंटर में अग्निशमन सुरक्षा उपाय न कराये जाने के कारण विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी। विवेक कुमार ने बताया कि 2 नवंबर 2016 को अस्पताल को भवन निर्माण अग्नि सुरक्षा पत्र प्रेषित किया गया था।
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जवाब न मिलने पर 12 दिसंबर को दूसरा रिमाइंडर पत्र भेजा गया। फिर भी जवाब नहीं मिला। इसके बाद जिलाधिकारी से निर्देश मांगे गए। डीएम के निर्देश पर 27 जुलाई 2017 को निरीक्षण कर वहां अपर्याप्त व्यवस्था देख कर 31 जुलाई को पुन: नोटिस जारी किया। व्यवस्था पूर्ण कराने के लिए निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट 8 अगस्त को जिलाधिकारी को दी गई।
नोटिस के जवाब में अस्पताल प्रबंधन की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर डा. उमाशंकर वार्ष्णेय ने 25 अगस्त 2017 को एक पत्र फायर स्टेशन कार्यालय बन्ना देवी में भेजा। जिसमें लिखा गया कि फायर सेफ्टी अफसरों के निरीक्षण में मिली खामियों को दूर कर लिया गया है।
बकौल विवेक कुमार इस पत्र के मिलने के बाद फिर से निरीक्षण किया गया। 12 सितंबर 2017 को हुए इस निरीक्षण में पुन: वही खामियां पाई गईं। व्यवस्था दुरुस्त कराने के नाम पर केवल फायर एस्टेंग्वीसर रिफिल कराए गए। बाकी चार पांच उपाय नहीं किए गए थे। 15 सितंबर और 12 अक्तूबर फिर से अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में पत्र भेजा गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई।
विवेक कुमार ने पुन: डीएम को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि अस्पताल प्रबंधन जन सुरक्षा के प्रति सजग नहीं है। लगातार लापरवाही उजागर हो रही है। अत: इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। फायर सेफ्टी अफसर की ओर से जिलाधिकारी को भेजी गई उक्त रिपोर्ट पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है।
इस संबंध में अस्पताल के डाक्टर सुनील मित्तल ने बताया कि डा. उमा शंकर वार्ष्णेय और उनकी टीम सिस्टम दुरुस्त कर रही हैं। अस्पताल में सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं फायर फाइटिंग के सभी इंतजाम पूरे हैं।