{"_id":"5984d8624f1c1b1f3f8b4726","slug":"161501878370-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज शुरू होगी दुर्गेश को भारत लाने की प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज शुरू होगी दुर्गेश को भारत लाने की प्रक्रिया
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज शुरू होगी दुर्गेश को भारत लाने की प्रक्रिया
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के दुर्गेश सिंघल की वतन वापसी की शुरुआत शनिवार से हो रही है। वह सुबह रियाद से दमम के लिए रवाना होगा। ढाई महीने दुर्गेश को अपने यहां पनाह देने वाला बनारस का महताब भी उसके साथ कार से दमम जाएगा। अब महताब और उसके साथी दुर्गेश से पूछ रहे हैं कि भारत लौटने के बाद हमें भूल तो नहीं जाओगे। इस पर दुर्गेश की आंखें भी नम हो जाती हैं।
दुर्गेश के मामले में अब आगे की प्रक्रिया यह है कि दमम में वह सोशल वर्क डिपार्टमेंट में जाएगा, जहां उसे औपचारिक रूप से कस्टडी में ले लिया जाएगा। कस्टडी से मतलब हवालात या जेल जैसी स्थिति नहीं है। यह एयर कंडीशन जोन होते हैं, जहां से डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। वहीं शुक्रवार शाम दुर्गेश ने रियाद में आखिरी बार आउटिंग की और शाम को टहलने निकला।
रियाद से दमम क्यों लाया गया
दमम पुराना शहर है और रियाद नया। रियाद में भारतीय दूतावास का एक ही कार्यालय है। जबकि दमम में कई पटल हैं। क्योंकि इस तरह के हजारों मामले सऊदी अरब में हैं। अगर रियाद से प्रक्रिया शुरू होती तो नंबर आते-आते बहुत समय लग जाता। इसलिए दमम का विकल्प चुना गया।
विज्ञापन
दुर्गेश के पिता ने विधिक राय ली
शुक्रवार को दुर्गेश के पिता ने दुर्गेश को सऊदी में फंसाने वाले आरोपियों को सजा दिलाने के संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक राय ली। पिता का कहना है कि अगर पुलिस के स्तर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो अदालत के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के दुर्गेश सिंघल की वतन वापसी की शुरुआत शनिवार से हो रही है। वह सुबह रियाद से दमम के लिए रवाना होगा। ढाई महीने दुर्गेश को अपने यहां पनाह देने वाला बनारस का महताब भी उसके साथ कार से दमम जाएगा। अब महताब और उसके साथी दुर्गेश से पूछ रहे हैं कि भारत लौटने के बाद हमें भूल तो नहीं जाओगे। इस पर दुर्गेश की आंखें भी नम हो जाती हैं।
दुर्गेश के मामले में अब आगे की प्रक्रिया यह है कि दमम में वह सोशल वर्क डिपार्टमेंट में जाएगा, जहां उसे औपचारिक रूप से कस्टडी में ले लिया जाएगा। कस्टडी से मतलब हवालात या जेल जैसी स्थिति नहीं है। यह एयर कंडीशन जोन होते हैं, जहां से डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। वहीं शुक्रवार शाम दुर्गेश ने रियाद में आखिरी बार आउटिंग की और शाम को टहलने निकला।
विज्ञापन
रियाद से दमम क्यों लाया गया
दमम पुराना शहर है और रियाद नया। रियाद में भारतीय दूतावास का एक ही कार्यालय है। जबकि दमम में कई पटल हैं। क्योंकि इस तरह के हजारों मामले सऊदी अरब में हैं। अगर रियाद से प्रक्रिया शुरू होती तो नंबर आते-आते बहुत समय लग जाता। इसलिए दमम का विकल्प चुना गया।
विज्ञापन
दुर्गेश के पिता ने विधिक राय ली
शुक्रवार को दुर्गेश के पिता ने दुर्गेश को सऊदी में फंसाने वाले आरोपियों को सजा दिलाने के संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक राय ली। पिता का कहना है कि अगर पुलिस के स्तर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो अदालत के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।