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ट्रेनों में फिर बिकने लगे मिलावटी ब्रेड पकौड़े
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:23 AM IST
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ट्रेनों में फिर बिकने लगे ब्रेड पकोड़े
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एफडीए टीम के छापेमारी के बाद स्टेशन से विलुप्त हुआ ब्रेड पकोड़ा एक बार फिर से दिखाई देने लगा है। स्टेशन परिसर व ट्रेनों में मुसाफिरों को दस रुपये में दो ब्रेड पकोड़े धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। वेंडर पकोड़ों पर मसाला मार, हरी मिर्च के साथ यात्रियों को दबाकर खिला रहे हैं। जैसे ही आरपीएफ की नजर इन वेंडरों पर जाती है। वह आंखों के सामने से ओझल हो जाते हैं।
बता दें कि विगत दिनों एफडीए की टीम ने स्टेशन से सटे इलाके में छापेमारी की थी, जिसमें कई दुकानों पर ब्रेड पकोड़े बनाए जा रहे थे। उन्होंने पकोड़ों की गुणवत्ता देखी तो उसमें सड़े आलू और खराब बेसन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा था। टीम ने सभी भट्टियों को बंद करते हुए सड़क पर ही बेसन फिंकवा दिया और प्रतिष्ठान बंद करवा दिए थे। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन से बेड पकोड़ा मानों विलुप्त हो गया था।
शुक्रवार को स्टेशन व ईएमयू पैसेंजर में वेंडर मुसाफिरों को दस रुपये में दो ब्रेड पकोड़े बेच रहे थे। उनके साथ हरी मिर्च फ्री दी जा रही थी। एक वेंडर से यह पूछा गया कि यह ब्रेड पकोड़े कहां बन रहे हैं...? तो वह बातों ही बातों में घुमाता रहा, लेकिन कोई संतुष्ट पूर्वक जवाब नहीं दे सका। हेल्थ इंस्पेक्टर भूदेव सिंह ने बताया कि छापेमारी के बाद स्टेशन पर यह बिकना बंद हो गए थे। मैं अभी स्टेशन पर नहीं हूं। इसकी जांच करवाई जाएगी और खामियां मिलने पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एफडीए टीम के छापेमारी के बाद स्टेशन से विलुप्त हुआ ब्रेड पकोड़ा एक बार फिर से दिखाई देने लगा है। स्टेशन परिसर व ट्रेनों में मुसाफिरों को दस रुपये में दो ब्रेड पकोड़े धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। वेंडर पकोड़ों पर मसाला मार, हरी मिर्च के साथ यात्रियों को दबाकर खिला रहे हैं। जैसे ही आरपीएफ की नजर इन वेंडरों पर जाती है। वह आंखों के सामने से ओझल हो जाते हैं।
बता दें कि विगत दिनों एफडीए की टीम ने स्टेशन से सटे इलाके में छापेमारी की थी, जिसमें कई दुकानों पर ब्रेड पकोड़े बनाए जा रहे थे। उन्होंने पकोड़ों की गुणवत्ता देखी तो उसमें सड़े आलू और खराब बेसन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा था। टीम ने सभी भट्टियों को बंद करते हुए सड़क पर ही बेसन फिंकवा दिया और प्रतिष्ठान बंद करवा दिए थे। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन से बेड पकोड़ा मानों विलुप्त हो गया था।
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शुक्रवार को स्टेशन व ईएमयू पैसेंजर में वेंडर मुसाफिरों को दस रुपये में दो ब्रेड पकोड़े बेच रहे थे। उनके साथ हरी मिर्च फ्री दी जा रही थी। एक वेंडर से यह पूछा गया कि यह ब्रेड पकोड़े कहां बन रहे हैं...? तो वह बातों ही बातों में घुमाता रहा, लेकिन कोई संतुष्ट पूर्वक जवाब नहीं दे सका। हेल्थ इंस्पेक्टर भूदेव सिंह ने बताया कि छापेमारी के बाद स्टेशन पर यह बिकना बंद हो गए थे। मैं अभी स्टेशन पर नहीं हूं। इसकी जांच करवाई जाएगी और खामियां मिलने पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
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