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दो विभागों की आपसी खींचतान में उलझा ट्रांसपोर्ट नगर
Updated Thu, 22 Jun 2017 01:03 AM IST
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दो विभागाें की खींचतान में उलझा ट्रांसपोर्ट नगर
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
करीब 20-22 वर्षों से चल रहा महानगर में ट्रांसपोर्ट नगर का मसला दो विभागों की आपसी खींचतान में उलझ गया है। जहां एक ओर एडीए उपाध्यक्ष यूपीएसआईडीसी की अनूपशहर रोड स्थित सीडीएफ के पास की औद्योगिक भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर बनवाने पर अड़ गई हैं और ट्रांसपोर्टरों ने भी इस स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने को मौखिक सहमति दे दी है। वहीं दूसरी ओर यूपीएसआईडीसी की जीएम ने भूमि को औद्योगिक भूमि बताते हुए इसके भू उपयोग परिवर्तन से स्पष्ट इंकार कर दिया है। तर्क दिया है कि यह भूमि ट्रांसपोर्ट नगर के प्रस्तावित क्षेत्र से काफी कम है। इधर एडीए उपाध्यक्ष ने ट्रांसपोर्टरों से 30 जून तक प्रस्ताव मांगकर मामले को दिलचस्प मोड़ दे दिया है।
पिछले दिनों दी गुड्स ट्रांसपोर्ट वैलफेयर एसोसिएशन एवं यूपीएसआईडीसी के अफसरों की बैठक बुलाकर एडीए उपाध्यक्ष ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि की जानकारी मांगी थी। यूपीएसआईडीसी ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आवश्यक 100 एकड़ भूमि न होने का हवाला देते हुए भूमि देने से मना कर दिया। बावजूद इसके एडीए वीसी के अड़े रहने पर अनूपशहर रोड सीडीएफ के समीप की करीब 20 एकड़ के एक प्लाट को खाली बताया। उपाध्यक्ष ने बुधवार को ट्रांसपोर्टरों के साथ इस प्लाट का दौरा किया।
वहां की स्थितियां देखकर ट्रांसपोर्टरों ने मौखिक रूप से सहमति जता दी। एडीए उपाध्यक्ष निशा गोयल ने स्वीकार किया कि ट्रांसपोर्टरों से 30 जून तक प्रस्ताव देने को कहा है। इधर यूपीएसआईडीसी की जीएम स्मिता सिंह ने इस भूमि को ट्रांसपोर्ट नगर के लिए देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से किसी भी औद्योगिक भूमि को दूसरे उपयोग में न दिए जाने के स्पष्ट आदेश हैं। अत: इस भूमि को किसी भी सूरत में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए नहीं दिया जा सकता है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
करीब 20-22 वर्षों से चल रहा महानगर में ट्रांसपोर्ट नगर का मसला दो विभागों की आपसी खींचतान में उलझ गया है। जहां एक ओर एडीए उपाध्यक्ष यूपीएसआईडीसी की अनूपशहर रोड स्थित सीडीएफ के पास की औद्योगिक भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर बनवाने पर अड़ गई हैं और ट्रांसपोर्टरों ने भी इस स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने को मौखिक सहमति दे दी है। वहीं दूसरी ओर यूपीएसआईडीसी की जीएम ने भूमि को औद्योगिक भूमि बताते हुए इसके भू उपयोग परिवर्तन से स्पष्ट इंकार कर दिया है। तर्क दिया है कि यह भूमि ट्रांसपोर्ट नगर के प्रस्तावित क्षेत्र से काफी कम है। इधर एडीए उपाध्यक्ष ने ट्रांसपोर्टरों से 30 जून तक प्रस्ताव मांगकर मामले को दिलचस्प मोड़ दे दिया है।
पिछले दिनों दी गुड्स ट्रांसपोर्ट वैलफेयर एसोसिएशन एवं यूपीएसआईडीसी के अफसरों की बैठक बुलाकर एडीए उपाध्यक्ष ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि की जानकारी मांगी थी। यूपीएसआईडीसी ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आवश्यक 100 एकड़ भूमि न होने का हवाला देते हुए भूमि देने से मना कर दिया। बावजूद इसके एडीए वीसी के अड़े रहने पर अनूपशहर रोड सीडीएफ के समीप की करीब 20 एकड़ के एक प्लाट को खाली बताया। उपाध्यक्ष ने बुधवार को ट्रांसपोर्टरों के साथ इस प्लाट का दौरा किया।
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वहां की स्थितियां देखकर ट्रांसपोर्टरों ने मौखिक रूप से सहमति जता दी। एडीए उपाध्यक्ष निशा गोयल ने स्वीकार किया कि ट्रांसपोर्टरों से 30 जून तक प्रस्ताव देने को कहा है। इधर यूपीएसआईडीसी की जीएम स्मिता सिंह ने इस भूमि को ट्रांसपोर्ट नगर के लिए देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से किसी भी औद्योगिक भूमि को दूसरे उपयोग में न दिए जाने के स्पष्ट आदेश हैं। अत: इस भूमि को किसी भी सूरत में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए नहीं दिया जा सकता है।
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