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असलहा लाइसेंस चाहिए तो गोमाता और हरियाली के संरक्षण को भी देना होगा टैक्स
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न्यूज डेस्क, राहुल दक्ष, अलीगढ़।
असलहा लाइसेंस की चाहत रखने वालों पर अतिरिक्त भार पड़ने जा रहा है। आवेदकों को अब गो संरक्षण और हरियाली को संरक्षित करने के लिए भी योगदान देना होगा। अब प्रशासन इन दोनों मदों में आवेदक से ढाई-ढाई हजार रुपये वसूल करेगा। इसके बदले में प्रशासन रसीद काटकर देगा। फीस जमा करने पर ही आवेदक को असलहा के लिए लाइसेंस जारी होगा।
योगी सरकार ने सूबे में पिछले दिनों उठे गो संरक्षण के मुद्दे के बाद तरह-तरह की नायाब तरकीब निकालीं। इसी कड़ी में यह नई पहल भी सामने आई हैं। इन दो मदों के बढ़ने के बाद अब पांच की जगह सात मदों में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक को पैसा जमा करना होगा।
इस पैसे से सरकार गोशालाओं का निर्माण, गोमाता के चारे और धरा को हरा-भरा रखने के लिए पेड़-पौधे खरीदने के साथ ही उनके रखरखाव के इंतजाम करेगी। हालांकि फीस बढ़ाने से असलहा के शौकीनों को थोड़ी निराशा जरूर होगी। मगर, सरकार की मंशा है कि लोग सामाजिक कार्यों में भी योगदान दें।
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लाइसेंस के लिए लंबी कतार, 615 को मंजूरी
जबसे प्रदेश सरकार ने असलहा लाइसेंस पर लगी रोक हटाई है। आवेदन करने वालों की कतार लग गई है। बड़ी संख्या में फ ाइलें थानों और सर्किल ऑफि सों के चक्कर काट रहीं हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव की वजह से आचार संहिता लगने से 615 फ ाइलें पूर्ण होने के बावजूद डीएम कार्यालय नहीं पहुंचीं। अब इनके फ ाइनल होने की उम्मीद की जा रही है। इनमें विरासत ट्रांसफर, अपराध पीड़ित, शूटर (खिलाड़ी) के आवेदन शामिल हैं।
जिला राइफल एसोसिएशन मद से पूर्ण हो रहे काम
प्रशासन की ओर से बनाए गए जिला राइफल एसोसिएशन मद में जुटे पैसे से जनपद के कई विकास कार्यों सहित जिलाधिकारी ने गरीबों और पीड़ितों की मदद की है। इस मद के एक लाख रुपये से स्टेडियम में लाइटेें लगीं, 1.38 लाख की मदद से टीटी टेबल आईं, सुधामापुरी की रहने वाली स्केटिंग खिलाड़ी श्रुति भारद्वाज को 20 हजार की आर्थिक मदद देकर नेशनल प्रतियोगिता में भेजा गया, जिरौली डोर की एक महिला को उसके पति के इलाज के लिए एक लाख रुपये दिए गए। इसी प्रकार अनेकों नेक कार्यों में इस मद में जमा राशि की मदद ली गई है। फिलहाल में 40 लाख रुपये करीब मद में जमा हैं।
बयान
असलहा लाइसेंस के लिए समृद्ध लोग ही आवेदन करते हैं। सरकार की मंशा है कि उनसे कुछ पैसा सामाजिक कार्यों में लगवाया जाए। इसके लिए आवेदक से गो और हरियाली संरक्षण सहित अन्य मदों में फीस ली जाएगी। - कृष्ण लाल तिवारी, एडीएम प्रशासन
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असलहा लाइसेंस की चाहत रखने वालों पर अतिरिक्त भार पड़ने जा रहा है। आवेदकों को अब गो संरक्षण और हरियाली को संरक्षित करने के लिए भी योगदान देना होगा। अब प्रशासन इन दोनों मदों में आवेदक से ढाई-ढाई हजार रुपये वसूल करेगा। इसके बदले में प्रशासन रसीद काटकर देगा। फीस जमा करने पर ही आवेदक को असलहा के लिए लाइसेंस जारी होगा।
योगी सरकार ने सूबे में पिछले दिनों उठे गो संरक्षण के मुद्दे के बाद तरह-तरह की नायाब तरकीब निकालीं। इसी कड़ी में यह नई पहल भी सामने आई हैं। इन दो मदों के बढ़ने के बाद अब पांच की जगह सात मदों में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक को पैसा जमा करना होगा।
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इस पैसे से सरकार गोशालाओं का निर्माण, गोमाता के चारे और धरा को हरा-भरा रखने के लिए पेड़-पौधे खरीदने के साथ ही उनके रखरखाव के इंतजाम करेगी। हालांकि फीस बढ़ाने से असलहा के शौकीनों को थोड़ी निराशा जरूर होगी। मगर, सरकार की मंशा है कि लोग सामाजिक कार्यों में भी योगदान दें।
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लाइसेंस के लिए लंबी कतार, 615 को मंजूरी
जबसे प्रदेश सरकार ने असलहा लाइसेंस पर लगी रोक हटाई है। आवेदन करने वालों की कतार लग गई है। बड़ी संख्या में फ ाइलें थानों और सर्किल ऑफि सों के चक्कर काट रहीं हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव की वजह से आचार संहिता लगने से 615 फ ाइलें पूर्ण होने के बावजूद डीएम कार्यालय नहीं पहुंचीं। अब इनके फ ाइनल होने की उम्मीद की जा रही है। इनमें विरासत ट्रांसफर, अपराध पीड़ित, शूटर (खिलाड़ी) के आवेदन शामिल हैं।
जिला राइफल एसोसिएशन मद से पूर्ण हो रहे काम
प्रशासन की ओर से बनाए गए जिला राइफल एसोसिएशन मद में जुटे पैसे से जनपद के कई विकास कार्यों सहित जिलाधिकारी ने गरीबों और पीड़ितों की मदद की है। इस मद के एक लाख रुपये से स्टेडियम में लाइटेें लगीं, 1.38 लाख की मदद से टीटी टेबल आईं, सुधामापुरी की रहने वाली स्केटिंग खिलाड़ी श्रुति भारद्वाज को 20 हजार की आर्थिक मदद देकर नेशनल प्रतियोगिता में भेजा गया, जिरौली डोर की एक महिला को उसके पति के इलाज के लिए एक लाख रुपये दिए गए। इसी प्रकार अनेकों नेक कार्यों में इस मद में जमा राशि की मदद ली गई है। फिलहाल में 40 लाख रुपये करीब मद में जमा हैं।
बयान
असलहा लाइसेंस के लिए समृद्ध लोग ही आवेदन करते हैं। सरकार की मंशा है कि उनसे कुछ पैसा सामाजिक कार्यों में लगवाया जाए। इसके लिए आवेदक से गो और हरियाली संरक्षण सहित अन्य मदों में फीस ली जाएगी। - कृष्ण लाल तिवारी, एडीएम प्रशासन