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स्कूली मासूम लगा रहे हैं घक्के।
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:10 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सिकंदराराऊ। बच्चों को सभी सुविधाएं देने का दावा करने वाले स्कूलों की पोल शनिवार की सुबह हाथरस रोड पर उस समय सामने आई, जब मासूम स्कूली बच्चे जर्जर टेंपो को बंद होने पर धक्का लगाते नजर आए। बच्चे पसीने से लथपथ थे, लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हो रहा था। आखिरकार एक ऑटो को रोककर बच्चों को उसमें बिठाया गया।
नगर के कई स्कूलों ने ग्रामीणों को भरमा कर बच्चों का दाखिला अपने यहां करा लिया है। जब अभिभावक स्कूल आते हैं तो उनको नया वाहन दिखा दिया जाता है कि बच्चों को इसमें लाया ले जाया जाएगा, लेकिन वास्तविकता में छोटा हाथी वाहन गांवों में भेजा जाता है।
नया वाहन खरीदने की सामर्थ्य नहीं होने के कारण स्कूल प्रबंधन कम कीमत में जर्जर वाहनों को अपने यहां रखते हैं। इन वाहनों में क्षमता से दो से तीन गुने बच्चे ढोए जा रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं हैं। स्कूली वाहनों में मानक पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे मेें किसी दिन बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
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सिकंदराराऊ। बच्चों को सभी सुविधाएं देने का दावा करने वाले स्कूलों की पोल शनिवार की सुबह हाथरस रोड पर उस समय सामने आई, जब मासूम स्कूली बच्चे जर्जर टेंपो को बंद होने पर धक्का लगाते नजर आए। बच्चे पसीने से लथपथ थे, लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हो रहा था। आखिरकार एक ऑटो को रोककर बच्चों को उसमें बिठाया गया।
नगर के कई स्कूलों ने ग्रामीणों को भरमा कर बच्चों का दाखिला अपने यहां करा लिया है। जब अभिभावक स्कूल आते हैं तो उनको नया वाहन दिखा दिया जाता है कि बच्चों को इसमें लाया ले जाया जाएगा, लेकिन वास्तविकता में छोटा हाथी वाहन गांवों में भेजा जाता है।
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नया वाहन खरीदने की सामर्थ्य नहीं होने के कारण स्कूल प्रबंधन कम कीमत में जर्जर वाहनों को अपने यहां रखते हैं। इन वाहनों में क्षमता से दो से तीन गुने बच्चे ढोए जा रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं हैं। स्कूली वाहनों में मानक पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे मेें किसी दिन बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
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