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इगलास के दोहरे हत्याकांड में सात को उम्रकैद
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
इगलास में सात साल पहले हुए एक चर्चित हत्याकांड में अदालत ने छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। पांच आरोपी एक ही परिवार से हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 8 अक्तूबर 2012 को इगलास के गांव बोबला निवासी रनवीर सिंह पुत्र कारे सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि घटना वाले दिन सुबह उसके प्लाट पर गांव का ही मुन्ना दीवार लगा रहा था। इस बात लेकर रनवीर की मुन्ना से कहा सुनी हो गई। रनवीर के बेटे कुलदीप ने भी मुन्ना को दीवार लगाने से मना किया।
इस पर मुन्ना ने धमकी दी कि वह भी अपने लड़कों को दिल्ली से बुलाकर सबक सिखाता है। इसके बाद मुन्ना अपने भाई प्रेमपाल के साथ अलीगढ़ चला गया। इसी दिन शाम को करीब 6.30 बजे कुलदीप ताहरपुर से दूध डालकर आ रहा था। लक्ष्मण कोल्ड स्टोर पर वह आदित्य सिंह निवासी नगला हैवतपुर को देखकर रुक गया।
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यह लोग गांवजाने के लिए नगला मिश्रिया के पंडितों के खेत के पास पहुंचे तो देखा कि गांव की तरफ से एक कार आई। इसमें मुन्ना, उसके बेटे दिनेश, पिट्टी, व उमेद उतरे। एक मोटरसाइकिल पर गांव के ही योगेंद्र और रघुवीर आए। इन सभी ने कुलदीप पर हमला बोल दिया। दिनेश ने तमंचे से गोली मारी जो कुलदीप के लगी। योगेंद्र ने चाकू से वार किया। शोर मचाने पर गांव के व्यक्ति आ गए। जिसके बाद हमलावर भाग गए।
इस घटना मे नामजद मुकदमा धारा 147, 148, 149, 302,120 बी के तहत अदालत में पेश किया गया। मामले की अदालत में सुनवाई हुई, जिसके बाद आरोप सिद्ध हुए। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया।
घटना एक नजर में
8 अक्तूबर 2012 की घटना।
छह मुजरिम
1- दिनेश पुत्र मुन्नालाल
2- पिट्टी पुत्र मुन्नालाल
3- मुन्नालाल पुत्र महावीर
4- योगेंद्र पुत्र रघुवीर
5- रघुवीर पुत्र देवेंद्र सिंह
(सभी निवासी गांव बोबला थाना इगलास)
6- पुष्पेंद्र पुत्र लक्ष्मी नारायन निवासी गांव मालव, थाना टप्पल
- सभी को आजीवन कारावास, 20-20 हजार जुर्माना।
हत्याकांड के बाद हुआ था प्रदर्शन, जाम
सन 2012 में हुआ कुलदीप हत्याकांड क्षेत्र में बेहद चर्चित रहा था। उस समय हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दो दिन जाम लगाया गया था। प्रदर्शन किया गया था। साथ ही कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना को लेकर सक्रियता दिखाई थी।
इगलास में सात साल पहले हुए एक चर्चित हत्याकांड में अदालत ने छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। पांच आरोपी एक ही परिवार से हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 8 अक्तूबर 2012 को इगलास के गांव बोबला निवासी रनवीर सिंह पुत्र कारे सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि घटना वाले दिन सुबह उसके प्लाट पर गांव का ही मुन्ना दीवार लगा रहा था। इस बात लेकर रनवीर की मुन्ना से कहा सुनी हो गई। रनवीर के बेटे कुलदीप ने भी मुन्ना को दीवार लगाने से मना किया।
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इस पर मुन्ना ने धमकी दी कि वह भी अपने लड़कों को दिल्ली से बुलाकर सबक सिखाता है। इसके बाद मुन्ना अपने भाई प्रेमपाल के साथ अलीगढ़ चला गया। इसी दिन शाम को करीब 6.30 बजे कुलदीप ताहरपुर से दूध डालकर आ रहा था। लक्ष्मण कोल्ड स्टोर पर वह आदित्य सिंह निवासी नगला हैवतपुर को देखकर रुक गया।
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यह लोग गांवजाने के लिए नगला मिश्रिया के पंडितों के खेत के पास पहुंचे तो देखा कि गांव की तरफ से एक कार आई। इसमें मुन्ना, उसके बेटे दिनेश, पिट्टी, व उमेद उतरे। एक मोटरसाइकिल पर गांव के ही योगेंद्र और रघुवीर आए। इन सभी ने कुलदीप पर हमला बोल दिया। दिनेश ने तमंचे से गोली मारी जो कुलदीप के लगी। योगेंद्र ने चाकू से वार किया। शोर मचाने पर गांव के व्यक्ति आ गए। जिसके बाद हमलावर भाग गए।
इस घटना मे नामजद मुकदमा धारा 147, 148, 149, 302,120 बी के तहत अदालत में पेश किया गया। मामले की अदालत में सुनवाई हुई, जिसके बाद आरोप सिद्ध हुए। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया।
घटना एक नजर में
8 अक्तूबर 2012 की घटना।
छह मुजरिम
1- दिनेश पुत्र मुन्नालाल
2- पिट्टी पुत्र मुन्नालाल
3- मुन्नालाल पुत्र महावीर
4- योगेंद्र पुत्र रघुवीर
5- रघुवीर पुत्र देवेंद्र सिंह
(सभी निवासी गांव बोबला थाना इगलास)
6- पुष्पेंद्र पुत्र लक्ष्मी नारायन निवासी गांव मालव, थाना टप्पल
- सभी को आजीवन कारावास, 20-20 हजार जुर्माना।
हत्याकांड के बाद हुआ था प्रदर्शन, जाम
सन 2012 में हुआ कुलदीप हत्याकांड क्षेत्र में बेहद चर्चित रहा था। उस समय हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दो दिन जाम लगाया गया था। प्रदर्शन किया गया था। साथ ही कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना को लेकर सक्रियता दिखाई थी।