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अब किसान देंगे साधा कागज पर शपथ पत्र

Sun, 06 Aug 2017 02:24 AM IST
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:24 AM IST
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अब किसान देंगे साधा कागज पर शपथ पत्र
अब नोटरी नहीं, सादा कागज वाला शपथ पत्र मान्य
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

किसान ऋण मोचन योजना के लाभार्थी किसानों को नोटरी का दस रुपये का शपथ पत्र बनवाने के लिए अब दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार की राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर सिंह ने इस संबंध में 2 अगस्त को नया शासनादेश जारी कर दिया है कि अब किसानों को शपथ पत्र नहीं बनवाना होगा।

केवल सादा कागज पर शपथ पत्र देना पड़ेगा। जिसकी भाषा नोटरी वाले शपथ पत्र की तरह ही रहेगी। भाषा में कोई फेरबदल नहीं होगा। किसान इस पत्र पर अपने दस्तख्त करेगा या फिर अंगूठा निशान लगाएगा। इस नये शासनादेश से जिले के एक लाख 28 हजार किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो इस योजना में आवेदनकर्ता है।
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इधर, पहली सूची के 20 हजार किसानों को सितंबर के पहले सप्ताह में ऋण मोचन का लाभ देने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। गौर हो कि इस योजना में किसानों को ऋण माफी का प्रमाण पत्र देने का प्रदेशस्तरीय पहला बड़ा आयोजन 16 अगस्त को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने जा रहा है।
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2 अगस्त को राजस्व परिषद ने नया शासनादेश जारी किया है जिसमें किसानों को अब दस रुपये का शपथ पत्र नोटरी से नहीं बनवाना पड़ेगा। वह सादा कागज पर खुद ही मांगी गई जानकारी देंगे और उसे स्वयं ही प्रमाणित करेंगे। 20955 किसानों की पहली सूची का डाटा चेक 12 अगस्त को राजस्व परिषद भेज दिया जाएगा। इसके बाद दो अन्य सूचियों का डाटा भी जल्द से जल्द तैयार हो रहा है। पहली सूची के किसानों को सितंबर के पहले सप्ताह तक योजना का लाभ मिल जाएगा।

प्रवीण सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी

किसानों की तीन श्रेणी
1-पहली श्रेणी में वो किसान हैं जिनके आधार कार्ड नंबर बैंक खाते से लिंक हैं। भू अभिलेख भी दुरुस्त हैं। ऐसे किसानों की संख्या 20955 हैं।
2-दूसरी श्रेणी में वो किसान हैं जिनके आधार कार्ड नंबर और भू अभिलेख का डाटा अधूरा है। इनकी संख्या लगभग 35000 के आसपास है।
3-तीसरी श्रेणी में वो किसान हैं जिनके पास आधार कार्ड नंबर नहीं है, भू अभिलेख भी नहीं हैं। ऐसे किसानों की संख्या 70000 से भी ज्यादा है।
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