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अब तरहील से होगी सऊदी में फंसे दुर्गेश की वापसी
Updated Tue, 01 Aug 2017 02:26 AM IST
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अब तरहील से होगी सऊदी में फंसे दुर्गेश की वापसी
ब्यूरो, अमर उजाल, अलीगढ़।
सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के युवक की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय ने तरहील (समर्पण) की प्रक्रिया शुरू करने का परामर्श दिया है। इसमें कफील (नौकरी देने वाला) द्वारा हुरूब (भगोड़ा) घोषित किया गया कर्मचारी पहले सऊदी के संबंधित विभाग में तरहील करता है। इसके बाद कुछ दिनों के लिए उसे वहां रखने के बाद उसके मुल्क को डिपोर्ट कर दिया जाता है।
इससे पहले दुर्गेश ने रियाद स्थित भारतीय राजदूतावास पहुंचकर अपना मामला रखा। वहां पर उसे पता चला कि उसके विषय में अमर उजाला सहित अन्य अखबारों में छप रही अखबारों की कटिंग और ई पेपरों के प्रिंट आदि पहले से ही मौजूद थे।
उन्होंने दुर्गेश को बताया कि तुम पहले ही मीडिया में चर्चित नाम हो चुके हो। तुम्हारे मामले को लेकर मंत्रालय हम लोगों से लगातार फीडबैक मांग रहा है। इसको लेकर हमने सऊदी प्रशासन से बातचीत की। जिसके बाद यह बात निकल कर आई कि अगर मामला लेबर कोर्ट में गया तो कानूनी प्रक्रिया में अटक सकता है।
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मौखिक रूप से सऊदी प्रशासन ने संकेत कर दिया कि तरहील के जरिए वतन वापसी बेहद आसान है। एक बार तरहील की प्रक्रिया हो जाने के बाद हम उसे जल्द से जल्द डिपोर्ट कर देंगे। इससे पहले दुर्गेश के मामले की पैरवी कर रहे यूएई (यूनाइटेड अरब अमीरात) के शहर दुबई में रह रहे अलीगढ़ के रूपेश पाठक के पास विदेश मंत्रालय की ओर से उनकी मेल का जवाब भेजा गया। जिसमें लेबर कोर्ट की जगह तरहील का परामर्श दिया गया और दुर्गेश को भारतीय दूतावास में संपर्क करने के लिए कहा गया।
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ब्यूरो, अमर उजाल, अलीगढ़।
सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के युवक की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय ने तरहील (समर्पण) की प्रक्रिया शुरू करने का परामर्श दिया है। इसमें कफील (नौकरी देने वाला) द्वारा हुरूब (भगोड़ा) घोषित किया गया कर्मचारी पहले सऊदी के संबंधित विभाग में तरहील करता है। इसके बाद कुछ दिनों के लिए उसे वहां रखने के बाद उसके मुल्क को डिपोर्ट कर दिया जाता है।
इससे पहले दुर्गेश ने रियाद स्थित भारतीय राजदूतावास पहुंचकर अपना मामला रखा। वहां पर उसे पता चला कि उसके विषय में अमर उजाला सहित अन्य अखबारों में छप रही अखबारों की कटिंग और ई पेपरों के प्रिंट आदि पहले से ही मौजूद थे।
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उन्होंने दुर्गेश को बताया कि तुम पहले ही मीडिया में चर्चित नाम हो चुके हो। तुम्हारे मामले को लेकर मंत्रालय हम लोगों से लगातार फीडबैक मांग रहा है। इसको लेकर हमने सऊदी प्रशासन से बातचीत की। जिसके बाद यह बात निकल कर आई कि अगर मामला लेबर कोर्ट में गया तो कानूनी प्रक्रिया में अटक सकता है।
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मौखिक रूप से सऊदी प्रशासन ने संकेत कर दिया कि तरहील के जरिए वतन वापसी बेहद आसान है। एक बार तरहील की प्रक्रिया हो जाने के बाद हम उसे जल्द से जल्द डिपोर्ट कर देंगे। इससे पहले दुर्गेश के मामले की पैरवी कर रहे यूएई (यूनाइटेड अरब अमीरात) के शहर दुबई में रह रहे अलीगढ़ के रूपेश पाठक के पास विदेश मंत्रालय की ओर से उनकी मेल का जवाब भेजा गया। जिसमें लेबर कोर्ट की जगह तरहील का परामर्श दिया गया और दुर्गेश को भारतीय दूतावास में संपर्क करने के लिए कहा गया।