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Aligarh News: बारिश में भीगा 15 हजार क्विंटल धान, चिंता में डूबे किसान
Wed, 29 Oct 2025 02:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Wed, 29 Oct 2025 02:14 AM IST
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मंडी समिति में धान के ढेर के आसपास भरा पानी। संवाद
- फोटो : Samvad
जिले में सोमवार से हो रही बारिश ने मंडी में धान लेकर आए किसानों और आढ़तियों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया है। पिछले 24 घंटे में मंडी परिसर में आया करीब 15 हजार क्विंटल धान बारिश में भीग गया है। तेजी से आवक होने की वजह से इन-दिनों मंडी में जगह-जगह धान के ढेर लगे हुए हैं। मौसम को देखते हुए किसानों और आढ़तियों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
इधर, भीगने से मंडी में धान के भाव में भी गिरावट आ गई। धान के रेट में 300 रुपये क्विंटल से ज्यादा की कमी आई है। 27 अक्तूबर की सुबह से हुई बारिश के कारण मंडी में धान की तौल नहीं हो पाई, जिससे जगह-जगह लगे धान के ढेर उठ नहीं पाए। किसानों ने धान के ढेरों को रात्रि के समय तिरपाल से ढंक दिया, लेकिन बारिश का पानी तिरपाल के नीचे से धान के ढेरों तक पहुंच गया और धान भीग गया।
किसानों का कहना है कि मंडी में धान को बारिश से भीगने से बचाने के लिए इंतजाम नहीं हैं। अधिक आवक के कारण किसान आढ़तियों के फड़ से सड़क तक ढेर लगाकर धान बेच रहे हैं। मंडी सचिव गौरव सिंह का कहना है कि 24 घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते खरीदारों द्वारा अपना माल की लोडिंग कराई जा रही थी। इस कारण कुछ किसानों का धान 27 अक्तूबर को नहीं खरीदा जा सका था और बारिश में भीग गया।
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धान बेचने के लिए सोमवार की सुबह मंडी आए थे, लेकिन दिन भर हुई बारिश के कारण धान नही बिक सका और रात्रि को बारिश में भीगने के कारण मंगलवार को धान 300 रुपये क्विंटल कम दाम पर बिका। कम रेट पर बिकने के कारण एक बीघा धान के हिसाब से 1200 रुपये से 1500 रुपये तक का नुकसान हुआ है।
-वीरपाल, किसान निवासी गांव झीगुरा।
धान बेचने के लिए सोमवार को मंडी में आया था, लेकिन बारिश के कारण न बिकने से रात्रि को धान मंडी में ही रोकना पड़ा। तिरपाल से ढंकने के बावजूद रात्रि में धान भीग गया। भीगे धान की बिक्री 300 रुपये प्रति क्विंटल तक काम दाम पर करनी पड़ी है।
-धर्मेंद्र किसान निवासी गढ़ी जैनी।
एक नजर में
सूखा धान 2931 रुपये से 2700 रुपये पहुंचा।
गीला धान 2140 रुपये से 1800 रुपये पहुंचा।
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इधर, भीगने से मंडी में धान के भाव में भी गिरावट आ गई। धान के रेट में 300 रुपये क्विंटल से ज्यादा की कमी आई है। 27 अक्तूबर की सुबह से हुई बारिश के कारण मंडी में धान की तौल नहीं हो पाई, जिससे जगह-जगह लगे धान के ढेर उठ नहीं पाए। किसानों ने धान के ढेरों को रात्रि के समय तिरपाल से ढंक दिया, लेकिन बारिश का पानी तिरपाल के नीचे से धान के ढेरों तक पहुंच गया और धान भीग गया।
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किसानों का कहना है कि मंडी में धान को बारिश से भीगने से बचाने के लिए इंतजाम नहीं हैं। अधिक आवक के कारण किसान आढ़तियों के फड़ से सड़क तक ढेर लगाकर धान बेच रहे हैं। मंडी सचिव गौरव सिंह का कहना है कि 24 घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते खरीदारों द्वारा अपना माल की लोडिंग कराई जा रही थी। इस कारण कुछ किसानों का धान 27 अक्तूबर को नहीं खरीदा जा सका था और बारिश में भीग गया।
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धान बेचने के लिए सोमवार की सुबह मंडी आए थे, लेकिन दिन भर हुई बारिश के कारण धान नही बिक सका और रात्रि को बारिश में भीगने के कारण मंगलवार को धान 300 रुपये क्विंटल कम दाम पर बिका। कम रेट पर बिकने के कारण एक बीघा धान के हिसाब से 1200 रुपये से 1500 रुपये तक का नुकसान हुआ है।
-वीरपाल, किसान निवासी गांव झीगुरा।
धान बेचने के लिए सोमवार को मंडी में आया था, लेकिन बारिश के कारण न बिकने से रात्रि को धान मंडी में ही रोकना पड़ा। तिरपाल से ढंकने के बावजूद रात्रि में धान भीग गया। भीगे धान की बिक्री 300 रुपये प्रति क्विंटल तक काम दाम पर करनी पड़ी है।
-धर्मेंद्र किसान निवासी गढ़ी जैनी।
एक नजर में
सूखा धान 2931 रुपये से 2700 रुपये पहुंचा।
गीला धान 2140 रुपये से 1800 रुपये पहुंचा।