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जिले को खुले में शौचमुक्त बनाकर रहेंगे
Updated Sun, 04 Jun 2017 08:23 PM IST
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जिले को खुले में शौचमुक्त बनाकर रहेंगे
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत डीएम की अध्यक्षता में विकास खंड हाथरस के समस्त ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत एवं स्वच्छाग्राहियों की बैठक काका हाथरसी स्मृति भवन में आयोजित की गई।
डीएम ने ग्राम प्रधानों को ‘खुले में शौच मुक्त अभियान’ की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने ग्राम प्रधानों की अहम भूमिका बताते हुए कहा कि प्रधान ग्राम पंचायत का प्रथम नागरिक हैं। यदि ग्राम प्रधान अपनी ग्राम पंचायत को खुले में शौचमुक्त करने का संकल्प लें तो निश्चित रूप से ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त हो जाएगी। डीएम ने यह भी कहा कि गांव-गांव में स्वच्छाग्राहियों की टीम को लगा रखा है, जिनका कार्य ग्रामवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, ग्राम में निगरानी समिति का गठन करके ग्रामवासियों को खुले में शौच करने से क्या-क्या नुकसान हैं, के बारे में जानकारी देना है। ग्राम की निगरानी समिति में महिला, पुरुष एवं बच्चों की टोली सम्मलित रहेगी, जो सुबह और शाम ग्राम में फॉलोअप का काम करते हुए ग्रामीणों को खुले में शौच नहीं करने के लिए समझाने का प्रयास करेगी।
डीएम ने बताया कि ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान, सचिव, राशन डीलर, लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षामित्र एवं शिक्षा प्रेरक स्वच्छाग्राहियों की टीम और निगरानी समिति के साथ अनिवार्य रूप से सुबह एवं शाम निगरानी के समय उपस्थित रहेंगे। डीएम ने यह भी बताया कि ग्राम में पात्र लाभार्थियों को सहमति पत्र वितरित करने की जिम्मेदारी सचिव, ग्राम प्रधान एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत की है। सहमति पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लाभार्थी द्वारा शौचालय निर्माण कराने के उपरांत प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के खाते में अवमुक्त की जाएगी, लेकिन पारदर्शिता को अपनाते हुए तीन फोटो निर्माण से पूर्व, निर्माण के मध्य एवं निर्माण उपरांत अनिवार्य रूप से ली जाएंगी।
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उपस्थित ग्राम प्रधानों द्वारा डीएम को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत में पक्ष और विपक्ष दोनों तरह के लोग रहते हैं। ऐसी स्थिति में विपक्ष के लोग ‘खुले में शौच मुक्त अभियान’ में रुकावट पैदा कर रहे हैं एवं ग्राम वासियों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले प्यार से समझाने का कार्य स्वच्छाग्राही की टीम, निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा किया जाना चाहिए। यदि वह फिर भी नहीं मानें तो ग्राम पंचायत में प्रस्ताव करते हुए उनके राशन कार्ड को निरस्त किए जाने, राशन नहीं दिए जाने एवं जुर्माना वसूल करने के लिए ग्राम पंचायत स्वतंत्र हैं, क्योंकि हम एक ऐसी प्रथा को समाप्त करने के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सके। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, जिला पंचायतराज अधिकारी उदयभानु, जिला सलाहकार योगेश सारस्वत आदि अनेक अधिकारी थे।
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत डीएम की अध्यक्षता में विकास खंड हाथरस के समस्त ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत एवं स्वच्छाग्राहियों की बैठक काका हाथरसी स्मृति भवन में आयोजित की गई।
डीएम ने ग्राम प्रधानों को ‘खुले में शौच मुक्त अभियान’ की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने ग्राम प्रधानों की अहम भूमिका बताते हुए कहा कि प्रधान ग्राम पंचायत का प्रथम नागरिक हैं। यदि ग्राम प्रधान अपनी ग्राम पंचायत को खुले में शौचमुक्त करने का संकल्प लें तो निश्चित रूप से ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त हो जाएगी। डीएम ने यह भी कहा कि गांव-गांव में स्वच्छाग्राहियों की टीम को लगा रखा है, जिनका कार्य ग्रामवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, ग्राम में निगरानी समिति का गठन करके ग्रामवासियों को खुले में शौच करने से क्या-क्या नुकसान हैं, के बारे में जानकारी देना है। ग्राम की निगरानी समिति में महिला, पुरुष एवं बच्चों की टोली सम्मलित रहेगी, जो सुबह और शाम ग्राम में फॉलोअप का काम करते हुए ग्रामीणों को खुले में शौच नहीं करने के लिए समझाने का प्रयास करेगी।
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डीएम ने बताया कि ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान, सचिव, राशन डीलर, लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षामित्र एवं शिक्षा प्रेरक स्वच्छाग्राहियों की टीम और निगरानी समिति के साथ अनिवार्य रूप से सुबह एवं शाम निगरानी के समय उपस्थित रहेंगे। डीएम ने यह भी बताया कि ग्राम में पात्र लाभार्थियों को सहमति पत्र वितरित करने की जिम्मेदारी सचिव, ग्राम प्रधान एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत की है। सहमति पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लाभार्थी द्वारा शौचालय निर्माण कराने के उपरांत प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के खाते में अवमुक्त की जाएगी, लेकिन पारदर्शिता को अपनाते हुए तीन फोटो निर्माण से पूर्व, निर्माण के मध्य एवं निर्माण उपरांत अनिवार्य रूप से ली जाएंगी।
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उपस्थित ग्राम प्रधानों द्वारा डीएम को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत में पक्ष और विपक्ष दोनों तरह के लोग रहते हैं। ऐसी स्थिति में विपक्ष के लोग ‘खुले में शौच मुक्त अभियान’ में रुकावट पैदा कर रहे हैं एवं ग्राम वासियों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले प्यार से समझाने का कार्य स्वच्छाग्राही की टीम, निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा किया जाना चाहिए। यदि वह फिर भी नहीं मानें तो ग्राम पंचायत में प्रस्ताव करते हुए उनके राशन कार्ड को निरस्त किए जाने, राशन नहीं दिए जाने एवं जुर्माना वसूल करने के लिए ग्राम पंचायत स्वतंत्र हैं, क्योंकि हम एक ऐसी प्रथा को समाप्त करने के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सके। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, जिला पंचायतराज अधिकारी उदयभानु, जिला सलाहकार योगेश सारस्वत आदि अनेक अधिकारी थे।