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सिंदूर खेल कर माता को दी विदाई
Updated Sat, 20 Oct 2018 12:57 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
विजय दशमी के दिन महिलाओं ने सिंदुर होली खेलकर स्थापित देवी प्रतिमाओं को अंतिम विदाई दी। इससे पूर्व महिलाओं ने दुर्गा मां की विधि विधान से पूजा की। शुक्त्रस्वार शाम तक शहर तथा देहात क्षेत्र की प्रतिमाएं विसर्जन शोभायात्रा निकालकर गंगा नदी व हरदुआगंज नहर में प्रवाहित की गईं।
शहर के दुर्गाबाड़ी सम्मिलनी में सुबह सबसे पहले बंगाली समाज की महिलाओं ने मातारानी को विदाई देने से पहले सिंदुर पूजा की। इससे पहले सुबह दही मंगल का कार्यक्त्रस्म हुआ। पूजा के दौरान पान, मिठाई, जल, सिंदुर आदि चढ़ाकर मां को विदाई के लिए तैयार किया गया। इसके बाद महिलाओं ने आपस में सिंदुर लगाकर होली खेली। दोपहर में धूमधाम से दुर्गाबाड़ी से विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। देवी प्रतिमाओं को हरदुआगंज स्थित नहर में प्रवाहित किया गया। इस दौरान बंगाली समाज के दर्जनों महिलाएं पुरुष व बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए नृत्य किया। वहीं शहर के अन्य धार्मिक स्थलों तथा देहात क्षेत्रों में स्थापित देवी प्रतिमाओं को भी गंगा के राजघाट, नरौरा, राम घाट ले जाया गया। इससे पूर्व विभिन्न वाहनों में डीजे पर नाचते हुए श्रद्धालु रामघाट रोड होकर गुजरे। इस कारण शहर में कई बार जाम के हालात भी बने रहे। दुर्गाबाड़ी के कार्यक्रम में कविता राय, बीबी राय, गीता दत्ता, उर्मिला चटर्जी, बकुल पालती, इति बोस, शिका दे, मंजू मित्रा, संचय मुखर्जी, तापस दत्ता, प्रभा दास गुप्ता, तापस बाजी, उत्तम, सुजीत बासु, सुरभि राय, मीनाक्षी, संध्या दास आदि मौजूद रहे।
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विजय दशमी के दिन महिलाओं ने सिंदुर होली खेलकर स्थापित देवी प्रतिमाओं को अंतिम विदाई दी। इससे पूर्व महिलाओं ने दुर्गा मां की विधि विधान से पूजा की। शुक्त्रस्वार शाम तक शहर तथा देहात क्षेत्र की प्रतिमाएं विसर्जन शोभायात्रा निकालकर गंगा नदी व हरदुआगंज नहर में प्रवाहित की गईं।
शहर के दुर्गाबाड़ी सम्मिलनी में सुबह सबसे पहले बंगाली समाज की महिलाओं ने मातारानी को विदाई देने से पहले सिंदुर पूजा की। इससे पहले सुबह दही मंगल का कार्यक्त्रस्म हुआ। पूजा के दौरान पान, मिठाई, जल, सिंदुर आदि चढ़ाकर मां को विदाई के लिए तैयार किया गया। इसके बाद महिलाओं ने आपस में सिंदुर लगाकर होली खेली। दोपहर में धूमधाम से दुर्गाबाड़ी से विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। देवी प्रतिमाओं को हरदुआगंज स्थित नहर में प्रवाहित किया गया। इस दौरान बंगाली समाज के दर्जनों महिलाएं पुरुष व बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए नृत्य किया। वहीं शहर के अन्य धार्मिक स्थलों तथा देहात क्षेत्रों में स्थापित देवी प्रतिमाओं को भी गंगा के राजघाट, नरौरा, राम घाट ले जाया गया। इससे पूर्व विभिन्न वाहनों में डीजे पर नाचते हुए श्रद्धालु रामघाट रोड होकर गुजरे। इस कारण शहर में कई बार जाम के हालात भी बने रहे। दुर्गाबाड़ी के कार्यक्रम में कविता राय, बीबी राय, गीता दत्ता, उर्मिला चटर्जी, बकुल पालती, इति बोस, शिका दे, मंजू मित्रा, संचय मुखर्जी, तापस दत्ता, प्रभा दास गुप्ता, तापस बाजी, उत्तम, सुजीत बासु, सुरभि राय, मीनाक्षी, संध्या दास आदि मौजूद रहे।
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