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फिर हाईकोर्ट पहुंचा नीटू विरोधी खेमा
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:12 AM IST
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फिर हाईकोर्ट पहुंचा नीटू का विरोधी खेमा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर पूरी ताकत झोंक देने वाले जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह का गुट एक बार फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस बार वह हाईकोर्ट में जिला प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठाने की तैयारी से गये हैं।
अजित गौड़ ने कहा है कि 11 अगस्त को हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि विधि संवत कार्यवाही करते हुए विरोधी खेमे का पक्ष सुना जाए और इसके बाद कार्यवाही की जाए। 26 अगस्त तक जिला प्रशासन उनको अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की बात कह टहलता रहा।
इसके बाद जिला प्रशासन ने शासन से राय लेकर अविश्वास प्रस्ताव एक साल तक नहीं लेने का अपना फरमान सुना दिया। अजित गौड़ ने बताया कि 11 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनका पक्ष सुनने का आदेश दिया था।
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इसके बाद 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने शासन के विशेष सचिव से राय मांगी। जिसका हवाला देकर जिलाधिकारी ने 27 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव को एक साल तक लेने से मना कर दिया। गौर हो कि जिलाधिकारी के इस कदम के बाद विरोधी खेमा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को इस संबंध में अपील की जाएगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर पूरी ताकत झोंक देने वाले जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह का गुट एक बार फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस बार वह हाईकोर्ट में जिला प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठाने की तैयारी से गये हैं।
अजित गौड़ ने कहा है कि 11 अगस्त को हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि विधि संवत कार्यवाही करते हुए विरोधी खेमे का पक्ष सुना जाए और इसके बाद कार्यवाही की जाए। 26 अगस्त तक जिला प्रशासन उनको अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की बात कह टहलता रहा।
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इसके बाद जिला प्रशासन ने शासन से राय लेकर अविश्वास प्रस्ताव एक साल तक नहीं लेने का अपना फरमान सुना दिया। अजित गौड़ ने बताया कि 11 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनका पक्ष सुनने का आदेश दिया था।
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इसके बाद 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने शासन के विशेष सचिव से राय मांगी। जिसका हवाला देकर जिलाधिकारी ने 27 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव को एक साल तक लेने से मना कर दिया। गौर हो कि जिलाधिकारी के इस कदम के बाद विरोधी खेमा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को इस संबंध में अपील की जाएगी।