Convocation Ceremony: मंगलायतन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 1405 को मिली डिग्रियां, 19 को मिले पदक
मंगलायतन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 1405 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। जिनमें नौ को स्वर्ण पदक, 10 को रजत पदक प्रदान किए गए। 14 पीएचडी के विद्यार्थियों को भी डिग्री प्रदान की गई।
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मंगलायतन विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में एक ओर 1405 डिग्रियां और 19 पदक पाकर चेहरे खिल गए, वहीं दूसरी ओर दोस्तों को छोड़कर जाने की मायूसी नजर आई। दीक्षांत समारोह में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी की महासचिव डा. पंकज मित्तल मुख्य अतिथि, कुलाधिपतिअच्युतानंद मिश्र, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय, मंविवि के चेयरमैन हेमंत गोयल और गुरूजी ऋषि राज महाराज ने मां सरस्वती के सामने दीप जलाकर शुभारम्भ किया।
दीक्षांत समारोह में 1405 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। जिनमें नो को स्वर्ण पदक, 10 को रजत पदक प्रदान किए गए। 14 पीएचडी के विद्यार्थियों को भी डिग्री प्रदान की गई। संकाय के डीन प्रो. जयंतीलाल जैन, डीन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च प्रो. अब्दुल वदूद, फैक्लटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डा. केपी सिंह, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के डीन प्रो. राजीव शर्मा, फैकल्टी ऑफ लॉ के एचओडी डा. हैदर अली, डीन रिसर्च प्रो. रविकांत ने डिग्री धारकों को प्रस्तुत किया। दीक्षांत समारोह का आयोजन कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह व संचालन श्वेता भारद्वाज ने किया।
भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव डॉ पंकज मित्तल ने कहा कि आज जॉब चाहिए तो कुछ खास करने की आवश्यकता है। प्रश्न का उत्तर याद करने व लिखने का समय चला गया। एनईपी 2020 के बाद शिक्षण पद्धति में काफी परिवर्तन आएगा। शिक्षा ग्रहण करने के लिए कोई उम्र नहीं होती। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडित सिस्टेम से अब आपको पढ़ने के लिए विद्यालय जाने की जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ एक कंप्यूटर व इंटरनेट की आवश्यकता है। आप कहीं भी बैठकर ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं। भविष्य में भारतीय विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए नहीं कोर्स के लिए दाखिले लेंगे। कोर्स में अर्जित किए गए क्रेडिट के आधार पर आपको डिग्री मिलेगी।
कुलाधिपति अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि मंगलायतन विश्वविद्यालय में शिक्षा कक्षा तक सीमित नहीं है। यहां ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास करते हैं जो नवाचार, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा दे। व्यापक पाठ्यक्रम के माध्यम से हम अकादमिक दक्षता विकसित करने के साथ नेतृत्व, संचार और समस्या समाधान जैसे आवश्यक जीवन कौशल भी विकसित करते हैं। हम छात्रों को कौशल के साथ सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय का आदर्श वाक्य ‘विश्व ज्ञाने प्रतिष्ठातम’ है जिसका अर्थ है कि ब्रह्मांड ज्ञान में स्थापित है और मेरा मानना है कि आज स्नातक होने वाले सभी छात्र भविष्य में ज्ञान के विस्तार में योगदान देंगे। ये सभी ब्रांड एंबेसडर होंगे और मातृ संस्था और मंगलायतन विश्वविद्यालय के झंडे को ऊंचा रखेंगे।
इन्हें मिले स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में देवाशीष वार्ष्णेय, अंशिका मित्तल, सादफ जमील, मेघा वार्ष्णेय, महिमा बंसल, निधि आर्या, प्रिया सिंघल, अमन और पूजा बजोरिया को स्वर्ण पदक मिला।
इन्हें मिले रजत पदक
दीक्षांत समारोह में गुंजन सिंह, संदेश रावत, जिम्मी अजहर, कीर्ति गौड़, लक्ष्मी चैधरी, जितेंद्र प्रताप सिंह, रश्मि सिंह, पारुल वार्ष्णेय, प्रदित्या और आयुषी गोयल को रजत पदक मिला।
पदक पाने वालों के बोल
आज मेरे जीवन का यह एक यादगार लम्हा है। गोल्ड मेडल मिलना बहुत सम्मान व हर्ष की बात है। मंविवि के प्राध्यापकों का मार्गदर्शन और सहयोग मिला।-अमन
गोल्ड मेडल पाकर बहुत खुश हूं। शैक्षणिक दृष्टि से हमारा मंगलायतन विश्वविद्यालय बहुत अच्छा है। मन लगाकर मेहनत की जाए तो कोई भी मुकाम पाया जा सकता है।-पूजा
मुझे रजत पदक मिला है और में खुश हूं। अपने साथियों को संदेश देना चाहुंगी कि वह मेहनत करें तो उन्हें गोल्ड मेडल मिलेगा।-कीर्ती गोयल
विश्वविद्यालय से मेडल मिलना गौरव की बात है। यह एक यादगार पल है। इसका श्रेय मेरे प्राध्यापकों व माता-पिता को जाता है।-जिम्मी अजहर
ये रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में ऊषा मार्टिन विवि की कुलपति प्रो. मधुलिका कौशिक, संस्था सदस्य मुकेश गोयल, एमएलसी ऋषिपाल सिंह, संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा, सौरभ बजाज, विकास चड्डा, मुकेश कुमार जैन, प्रो. कुलदीप शर्मा, सीए अतुल गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी प्रो. गोपाल राजपूत आदि मौजूद रहे।