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ट्रस्ट की जमीन को भूमाफिया से बचाने के लिए डीएम को पत्र
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रामघाट रोड स्थित एक संपत्ति पर नामांतरण की प्रक्रिया में एक पक्ष द्वारा आपत्ति व्यक्त कर देने पर नगर निगम के जोनल अधिकारी ने दोनों पक्षों से उनके उनके दस्तावेज मंगा लिए। अब अंतिम रूप से कथन करने के लिए 17 मई तक का समय दिया है।
नगर निगम के जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि रमेश कुमार मिश्रा निवासी निरंजनपुरी को लिखित में सूचित किया गया था कि निरंजनपुरी की ही रहने वालीं विजय भगवती देवी पत्नी भिखारी दास ने 25 मार्च को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके कहा है कि रमेश मेरे किराएदार हैं। नगर निगम अभिलेखों में अपना नाम गलत दर्ज करा लिया है। इनका नाम खारिज किया जाए।
इसके बाद रमेश पक्ष को एक सप्ताह के अंदर नगर निगम में संबंधित संपत्ति पर स्वामित्व के साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में 10 मई को दोनों पक्षों को बुलाया गया था। दोनों पक्षों ने अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
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अब अंतिम कथन के लिए 17 मई को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों को विधिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद विधि सम्मत निर्णय लिया जाएगा। इस प्रकरण में रमेश मिश्र पक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उनकी जमीन को कब्जाने की कोशिश करने की शिकायत भी की गई है।
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रामघाट रोड स्थित एक संपत्ति पर नामांतरण की प्रक्रिया में एक पक्ष द्वारा आपत्ति व्यक्त कर देने पर नगर निगम के जोनल अधिकारी ने दोनों पक्षों से उनके उनके दस्तावेज मंगा लिए। अब अंतिम रूप से कथन करने के लिए 17 मई तक का समय दिया है।
नगर निगम के जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि रमेश कुमार मिश्रा निवासी निरंजनपुरी को लिखित में सूचित किया गया था कि निरंजनपुरी की ही रहने वालीं विजय भगवती देवी पत्नी भिखारी दास ने 25 मार्च को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके कहा है कि रमेश मेरे किराएदार हैं। नगर निगम अभिलेखों में अपना नाम गलत दर्ज करा लिया है। इनका नाम खारिज किया जाए।
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इसके बाद रमेश पक्ष को एक सप्ताह के अंदर नगर निगम में संबंधित संपत्ति पर स्वामित्व के साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में 10 मई को दोनों पक्षों को बुलाया गया था। दोनों पक्षों ने अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
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अब अंतिम कथन के लिए 17 मई को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों को विधिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद विधि सम्मत निर्णय लिया जाएगा। इस प्रकरण में रमेश मिश्र पक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उनकी जमीन को कब्जाने की कोशिश करने की शिकायत भी की गई है।