{"_id":"5ccf47a2bdec2207244871aa","slug":"131557088162-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाहे कही भी धरना या प्रदर्शन करें, मेरी मर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाहे कही भी धरना या प्रदर्शन करें, मेरी मर्जी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के दबाव में एक दिन बाद ही धरना स्थल से संबंधित आदेश वापस ले लिया है। अब छात्र पहले की तरह अपनी मर्जी एवं सुविधा के अनुसार कही भी धरना या प्रदर्शन कर सकते हैं।
3 मई 2019 को डिप्टी रजिस्ट्रार (जेनरल) खान एएस के हस्ताक्षर से सर्कुलर निकाला गया था, जिसमें धरना के लिए यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक के पास जगह चिन्हित किया गया था।
चिन्हित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर धरना-प्रदर्शन करने पर छात्रों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सामान्यत: छात्र बाब-ए-सैयद, प्रशासनिक ब्लॉक, यूनिवर्सिटी सर्किल आदि के पास धरना-प्रदर्शन आदि करते हैं। विश्वविद्यालय का फरमान जारी होने के बाद ही तय हो गया था कि छात्र इसे आसानी से हजम नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफयान एवं सचिव हुजैफा आमिर कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद से मुलाकात कर इसका विरोध किया। सचिव ने साफ-साफ शब्दों में छात्रों को आश्वासन किया था कि एएमयू प्रशासन की हिटलरशाही नहीं चलने देंगे। उनका कहना है कि धरना-प्रदर्शन का मतलब इंतजामिया तक अपनी बात पहुंचाना होता है।
वह तभी मुमकिन है, जब वो इंतजामिया की नाक के नीचे हो। सचिव हुजैफा आमिर ने बताया कि हमने छात्रों से कल वादा किया था कि कैंपस में तानाशाही नहीं चलने देंगे। आज उसे पूरा किया और इंतजामिया ने अपना फरमान वापस ले लिया है। 4 मई 2019 के डेट में डिप्टी रजिस्ट्रार खान एएस के हस्ताक्षर से सर्कुलर वापस लेने से संबंधित ऑफिस मेमो जारी कर दिया गया है। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने भी इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के दबाव में एक दिन बाद ही धरना स्थल से संबंधित आदेश वापस ले लिया है। अब छात्र पहले की तरह अपनी मर्जी एवं सुविधा के अनुसार कही भी धरना या प्रदर्शन कर सकते हैं।
3 मई 2019 को डिप्टी रजिस्ट्रार (जेनरल) खान एएस के हस्ताक्षर से सर्कुलर निकाला गया था, जिसमें धरना के लिए यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक के पास जगह चिन्हित किया गया था।
विज्ञापन
चिन्हित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर धरना-प्रदर्शन करने पर छात्रों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सामान्यत: छात्र बाब-ए-सैयद, प्रशासनिक ब्लॉक, यूनिवर्सिटी सर्किल आदि के पास धरना-प्रदर्शन आदि करते हैं। विश्वविद्यालय का फरमान जारी होने के बाद ही तय हो गया था कि छात्र इसे आसानी से हजम नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफयान एवं सचिव हुजैफा आमिर कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद से मुलाकात कर इसका विरोध किया। सचिव ने साफ-साफ शब्दों में छात्रों को आश्वासन किया था कि एएमयू प्रशासन की हिटलरशाही नहीं चलने देंगे। उनका कहना है कि धरना-प्रदर्शन का मतलब इंतजामिया तक अपनी बात पहुंचाना होता है।
वह तभी मुमकिन है, जब वो इंतजामिया की नाक के नीचे हो। सचिव हुजैफा आमिर ने बताया कि हमने छात्रों से कल वादा किया था कि कैंपस में तानाशाही नहीं चलने देंगे। आज उसे पूरा किया और इंतजामिया ने अपना फरमान वापस ले लिया है। 4 मई 2019 के डेट में डिप्टी रजिस्ट्रार खान एएस के हस्ताक्षर से सर्कुलर वापस लेने से संबंधित ऑफिस मेमो जारी कर दिया गया है। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने भी इसकी पुष्टि की।