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मालिनी ने ब्रज को किया कोहेनूर पर जिंदा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
संगीत के नाम पर शोर गुल के दौर में लोक संस्कृति से उठे गीत और संगीत कहीं न कहीं इस बात का अहसास देते हैं कि हम अभी भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। जड़ों से कटे नहीं हैं। नई पीढ़ी इसी माध्यम के साथ अपने अतीत को पहचानती है।
बुधवार को नुमाइश में कोहेनूर मंच से मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति और कृष्णांजलि नाट्यशाला में स्वर्गीय पवित्रा सुहृद की स्मृति में हुई लोकनृत्य संध्या ने इसी विचारधारा को जीवंत कर दिया।
कोहेनूर मंच पर प्रसिद्ध लोक गीत और पार्श्व गायिका मालिनी अवस्थी नाइट का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन एसएसपी आकाश कुलहरि की पत्नी स्वाति कुलहरि और एसपी सिटी की पत्नी ने दीप प्रज्वलित करके किया। अपनी प्रस्तुति के दौरान मालिनी अवस्थी ने ब्रज की छटा में रंगे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
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इस दौरान उन्होंने वह गीत भी प्रस्तुत किया जिसमें एक ग्रामीण रोजगार की तलाश में गांव से शहर जाता है और उसकी पत्नी बैरन ट्रेन को ही अपनी सौतन मान बैठती है। देर रात तक सुनने वाले देश की माटी में रचे बसे इन गीतों का आनंद लेते रहे।
पवित्रा सुहृद को समर्पित रही ब्रज लोक गीत संध्या
कृष्णांजलि नाट्यशाला में स्वर्गीय पवित्रा सुहृद की स्मृति में हुए ब्रज लोकगीत एवं लोकनृत्य सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम में यश भारती पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि शर्मा ने धार्मिक प्रस्तुति देकर सभी को भक्ति भाव से ओतप्रोत कर दिया। मयूर नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने राजस्थानी वेशभूषा में चरी व मंझीरा नृत्य की प्रस्तुति देकर राजस्थान की संस्कृति को जीवंत कर दिया।
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संगीत के नाम पर शोर गुल के दौर में लोक संस्कृति से उठे गीत और संगीत कहीं न कहीं इस बात का अहसास देते हैं कि हम अभी भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। जड़ों से कटे नहीं हैं। नई पीढ़ी इसी माध्यम के साथ अपने अतीत को पहचानती है।
बुधवार को नुमाइश में कोहेनूर मंच से मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति और कृष्णांजलि नाट्यशाला में स्वर्गीय पवित्रा सुहृद की स्मृति में हुई लोकनृत्य संध्या ने इसी विचारधारा को जीवंत कर दिया।
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कोहेनूर मंच पर प्रसिद्ध लोक गीत और पार्श्व गायिका मालिनी अवस्थी नाइट का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन एसएसपी आकाश कुलहरि की पत्नी स्वाति कुलहरि और एसपी सिटी की पत्नी ने दीप प्रज्वलित करके किया। अपनी प्रस्तुति के दौरान मालिनी अवस्थी ने ब्रज की छटा में रंगे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
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इस दौरान उन्होंने वह गीत भी प्रस्तुत किया जिसमें एक ग्रामीण रोजगार की तलाश में गांव से शहर जाता है और उसकी पत्नी बैरन ट्रेन को ही अपनी सौतन मान बैठती है। देर रात तक सुनने वाले देश की माटी में रचे बसे इन गीतों का आनंद लेते रहे।
पवित्रा सुहृद को समर्पित रही ब्रज लोक गीत संध्या
कृष्णांजलि नाट्यशाला में स्वर्गीय पवित्रा सुहृद की स्मृति में हुए ब्रज लोकगीत एवं लोकनृत्य सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम में यश भारती पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि शर्मा ने धार्मिक प्रस्तुति देकर सभी को भक्ति भाव से ओतप्रोत कर दिया। मयूर नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने राजस्थानी वेशभूषा में चरी व मंझीरा नृत्य की प्रस्तुति देकर राजस्थान की संस्कृति को जीवंत कर दिया।