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मंदिर निर्माण को लेकर अपनी सरकार को घेरेंगे भाजपाई
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:07 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने 9 दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान कर दिया है। दिल्ली में होने वाली रैली को ‘हिंदू गर्जना रैली’ नाम दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के इस एलान में बजरंग दल, किसान संघ, भाजपा किसान मोर्चा, भाजपा के सांसद, विधायक, जिला और महानगर कमेटी, आरएसएस और भाजपा के सभी अनुसांगिक संगठन के नेता और पदाधिकारी भी शामिल हो गए हैं। कुल मिला कर अब मंदिर निर्माण को लेकर भाजपाई और आरएसएस कार्यकर्ता अपनी ही भाजपा सरकार को दिल्ली में घेरेंगे। सोमवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित लोटस गार्डन में हुई विहिप और आरएसएस की समन्वय बैठक में इसका पूरा मसौदा तैयार किया गया है। इस बैठक में आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज और एटा जिले के नेता शामिल हुए।
आरएसएस के महानगर कार्यवाहक हेमेंद्र कुमार ने बताया कि दिल्ली में होने जा रही हिंदू गर्जना रैली में अलीगढ़ से हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। अलीगढ़ के छह विधायकों में से हरेक को 25 से 35 बसें ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। अलीगढ़ से लगभग 200 बसें और फुटकर में सैकड़ों वाहन से कारसेवक दिल्ली जाएंगे। संसद का सत्र 8 दिसंबर से शुरू होगा। 8 दिसंबर को दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देकर सदन स्थगित हो जाएगा। 9 दिसंबर को दूसरे दिन से संसद फिर शुरू होगी। भाजपा कार्यकर्ता, विधायक और सांसद अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने की मांग कर रहे है ताकि मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सके। अलीगढ़ के सात विधायक, सांसद, आरएसएस कार्यकर्ता, भाजपा और आरएसएस से जुड़े अनुसांगिक संगठन के जिला और महानगर स्तर पदाधिकारी और अन्य नेता व हजारों कार्यकर्ता 9 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर में धरना देंगे। धरने के लिए सभी एक साथ सुबह दिल्ली रवाना हाेंगे। दिल्ली में सुबह 11 बजे के बाद धरना शुरू होगा। जिसमें पूरे देश के लाखों कार्यकर्ता और नेता शामिल होंगे।
गौर हो कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार के साढ़े चार साल पूरे हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार को डेढ़ साल हो गए हैं। अब तक मंदिर निर्माण को लेकर कोई भी ठोस पहल नहीं हो पाई हैै। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की रोजाना सुनवाई को लेकर कुछ नहीं हो पाया। शीर्ष अदालत ने मामले को जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ऐसे में भाजपाइयों के पास अब अपनी सरकार को घेरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। कुल मिला कर आरएसएस और भाजपा के नेता अब मंदिर निर्माण को लेकर अपनी ही सरकार को घेरेंगे। अलीगढ़ की तर्ज पर अलीगढ़ मंडल के हाथरस, कासगंज और एटा से भी जाएंगे हजारों कार्यकर्ता दिल्ली कूच में शामिल होंगे।
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पूर्व में भी अलीगढ़ में बढ़चढ़ हुआ था मंदिर आंदोलन
अलीगढ़। पूर्व में वर्ष 1991 से 1992 के बीच और उसके बाद के वर्षों में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर अलीगढ़ में कारसेवकों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था। उस वक्त तत्कालीन सरकारों में कारसेवकों ने जदोजहद कर विवादित ढांचे को ढहा दिया था। इसके बाद वहां मंदिर निर्माण की मांग चल रही है।
आगरा में हुई समन्वय बैठक में अलीगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारास्वत, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, इगलास विधायक राजवीर दिलेर, खैर विधायक अनूप प्रधान, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह, बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह, शिक्षा राज्य मंत्री और अतरौली विधायक संदीप सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, पूर्व जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य, आरएसएस के जिला और महानगर कार्यवाहक, विहिप, बजरंग दल के जिला और शहर के पदाधिकारी, बजरंग दल के नेता शामिल हुए। अलीगढ़ से इस बैठक में लगभग 70 पदाधिकारी नेता शामिल हुए। जिसमें विधायक ठा. दलवीर सिंह ने 50 बसें, रवेंद्र पाल सिंह ने 35 बसें, अनिल पाराशर ने 25 बसें, संजीव राजा ने 20 बसें, राजवीर दिलेर ने 20 बसें, अनूप प्रधान ने 25 बसें, राजवीर दिलेर ने 20 बसें ले जाने की हामी भरी है। अन्य पदाधिकारियों ने सब मिला कर अलीगढ़ से 200 बसें ले जाने की हामी भरी गई। इसके अलावा सैकड़ों वाहनों से कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने 9 दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान कर दिया है। दिल्ली में होने वाली रैली को ‘हिंदू गर्जना रैली’ नाम दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के इस एलान में बजरंग दल, किसान संघ, भाजपा किसान मोर्चा, भाजपा के सांसद, विधायक, जिला और महानगर कमेटी, आरएसएस और भाजपा के सभी अनुसांगिक संगठन के नेता और पदाधिकारी भी शामिल हो गए हैं। कुल मिला कर अब मंदिर निर्माण को लेकर भाजपाई और आरएसएस कार्यकर्ता अपनी ही भाजपा सरकार को दिल्ली में घेरेंगे। सोमवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित लोटस गार्डन में हुई विहिप और आरएसएस की समन्वय बैठक में इसका पूरा मसौदा तैयार किया गया है। इस बैठक में आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज और एटा जिले के नेता शामिल हुए।
आरएसएस के महानगर कार्यवाहक हेमेंद्र कुमार ने बताया कि दिल्ली में होने जा रही हिंदू गर्जना रैली में अलीगढ़ से हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। अलीगढ़ के छह विधायकों में से हरेक को 25 से 35 बसें ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। अलीगढ़ से लगभग 200 बसें और फुटकर में सैकड़ों वाहन से कारसेवक दिल्ली जाएंगे। संसद का सत्र 8 दिसंबर से शुरू होगा। 8 दिसंबर को दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देकर सदन स्थगित हो जाएगा। 9 दिसंबर को दूसरे दिन से संसद फिर शुरू होगी। भाजपा कार्यकर्ता, विधायक और सांसद अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने की मांग कर रहे है ताकि मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सके। अलीगढ़ के सात विधायक, सांसद, आरएसएस कार्यकर्ता, भाजपा और आरएसएस से जुड़े अनुसांगिक संगठन के जिला और महानगर स्तर पदाधिकारी और अन्य नेता व हजारों कार्यकर्ता 9 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर में धरना देंगे। धरने के लिए सभी एक साथ सुबह दिल्ली रवाना हाेंगे। दिल्ली में सुबह 11 बजे के बाद धरना शुरू होगा। जिसमें पूरे देश के लाखों कार्यकर्ता और नेता शामिल होंगे।
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गौर हो कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार के साढ़े चार साल पूरे हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार को डेढ़ साल हो गए हैं। अब तक मंदिर निर्माण को लेकर कोई भी ठोस पहल नहीं हो पाई हैै। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की रोजाना सुनवाई को लेकर कुछ नहीं हो पाया। शीर्ष अदालत ने मामले को जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ऐसे में भाजपाइयों के पास अब अपनी सरकार को घेरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। कुल मिला कर आरएसएस और भाजपा के नेता अब मंदिर निर्माण को लेकर अपनी ही सरकार को घेरेंगे। अलीगढ़ की तर्ज पर अलीगढ़ मंडल के हाथरस, कासगंज और एटा से भी जाएंगे हजारों कार्यकर्ता दिल्ली कूच में शामिल होंगे।
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पूर्व में भी अलीगढ़ में बढ़चढ़ हुआ था मंदिर आंदोलन
अलीगढ़। पूर्व में वर्ष 1991 से 1992 के बीच और उसके बाद के वर्षों में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर अलीगढ़ में कारसेवकों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था। उस वक्त तत्कालीन सरकारों में कारसेवकों ने जदोजहद कर विवादित ढांचे को ढहा दिया था। इसके बाद वहां मंदिर निर्माण की मांग चल रही है।
आगरा में हुई समन्वय बैठक में अलीगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारास्वत, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, इगलास विधायक राजवीर दिलेर, खैर विधायक अनूप प्रधान, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह, बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह, शिक्षा राज्य मंत्री और अतरौली विधायक संदीप सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, पूर्व जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य, आरएसएस के जिला और महानगर कार्यवाहक, विहिप, बजरंग दल के जिला और शहर के पदाधिकारी, बजरंग दल के नेता शामिल हुए। अलीगढ़ से इस बैठक में लगभग 70 पदाधिकारी नेता शामिल हुए। जिसमें विधायक ठा. दलवीर सिंह ने 50 बसें, रवेंद्र पाल सिंह ने 35 बसें, अनिल पाराशर ने 25 बसें, संजीव राजा ने 20 बसें, राजवीर दिलेर ने 20 बसें, अनूप प्रधान ने 25 बसें, राजवीर दिलेर ने 20 बसें ले जाने की हामी भरी है। अन्य पदाधिकारियों ने सब मिला कर अलीगढ़ से 200 बसें ले जाने की हामी भरी गई। इसके अलावा सैकड़ों वाहनों से कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।
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