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भीषण गर्मी से हाल बेहाल, अस्पातलों में मरीज बढ़े
Updated Thu, 24 May 2018 02:00 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
भीषण गर्मी के चलते मलखान सिंह जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक, फूड प्वाइजनिंग, डायरिया, वायरल आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल में गर्मी से बचाव की जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि यहां पर ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1600 से 1800 मरीज आते हैं। अब जो मरीज यहां पर आ रहे हैं, उनमें करीब 50 फीसदी मरीज गर्मी से प्रभावित हैं। यहां पर उपचार के साथ ही गर्मी से निपटने के उपाय भी लोगों को बताए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल को मिले सबमर्सिबल पंप
भीषण गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जिला अस्पताल को दो सबमर्सिबल मिले हैं। एक पंप शहर विधायक संजीव राजा की ओर से और एक सबमर्सिबल पंप कोल से विधायक अनिल पाराशर की ओर से दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंप भी रिबोर करवाए गए हैं।
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तापमान के साथ बढ़ी बिजली कटौती
गर्मी के चरम पर पहुंचने के साथ ही बिजली की कटौती की समय अवधि भी बढ़ गई है। दोपहर और शाम के समय रोस्टिंग की जा रही है। बिजली विभाग के एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक जब बिजली की मांग बहुत बढ़ जाती है तब बिजली कंपनियां प्रति यूनिट दर में वृद्धि कर देती हैं। जबकि प्रदेश सरकार की यह कोशिश रहती है कि हम कम से कम खर्चे में काम चला लें। इसीलिए अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ समय के लिए कटौती कर दी जाती है। जब बरसात का सीजन शुरू हो जाएगा तब स्थिति में भी सुधार आ जाएगा।
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भीषण गर्मी के चलते मलखान सिंह जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक, फूड प्वाइजनिंग, डायरिया, वायरल आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल में गर्मी से बचाव की जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि यहां पर ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1600 से 1800 मरीज आते हैं। अब जो मरीज यहां पर आ रहे हैं, उनमें करीब 50 फीसदी मरीज गर्मी से प्रभावित हैं। यहां पर उपचार के साथ ही गर्मी से निपटने के उपाय भी लोगों को बताए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल को मिले सबमर्सिबल पंप
भीषण गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जिला अस्पताल को दो सबमर्सिबल मिले हैं। एक पंप शहर विधायक संजीव राजा की ओर से और एक सबमर्सिबल पंप कोल से विधायक अनिल पाराशर की ओर से दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंप भी रिबोर करवाए गए हैं।
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तापमान के साथ बढ़ी बिजली कटौती
गर्मी के चरम पर पहुंचने के साथ ही बिजली की कटौती की समय अवधि भी बढ़ गई है। दोपहर और शाम के समय रोस्टिंग की जा रही है। बिजली विभाग के एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक जब बिजली की मांग बहुत बढ़ जाती है तब बिजली कंपनियां प्रति यूनिट दर में वृद्धि कर देती हैं। जबकि प्रदेश सरकार की यह कोशिश रहती है कि हम कम से कम खर्चे में काम चला लें। इसीलिए अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ समय के लिए कटौती कर दी जाती है। जब बरसात का सीजन शुरू हो जाएगा तब स्थिति में भी सुधार आ जाएगा।