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जयवीर पर मुकदमा दर्ज होने से राजनीति गरम

Thu, 12 Apr 2018 02:04 AM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:04 AM IST
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जयवीर पर मुकदमा दर्ज होने से राजनीति गरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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जिला पंचायत की राजनीति का चाणक्य समझे जाने वाले दिग्गज नेता ठाकुर जयवीर सिंह एवं उनके भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू सहित सात लोगों पर दलित उत्पीड़न आदि के तहत मुकदमे दर्ज होने के बाद जनपद की राजनीति गरमा गई है। वह भी उस समय जब बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दिग्गज नेता जयवीर सिंह पार्टी एवं शासन में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुकदमा दर्ज होने के बाद छर्रा विधायक ठाकुर रवेंद्र पाल सिंह, इगलास विधायक राजवीर दिलेर, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू एवं व्यापारी नेता सौरभ सिक्ससंस उनके बचाव में मैदान में कूद गए हैं।
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इगलास विधायक राजवीर दिलेर का तो कहना है कि एसटी, एसटी एक्ट के दुरुपयोग का यह जीता-जागता उदाहरण है। कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह को प्रदेश में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर विचार चल रहा है। ऐसे समय में विरोधियों ने कीचड़ उछालकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है।
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जिला पंचायत की बैठक प्रकरण से मेरा कोई लेना देना नहीं है। न तो मैं मीटिंग में जाने को अधिकृत हूं और न ही गया। मेरे राजनीतिक विरोधी मेरी छवि खराब करने के लिए ऐसी हरकत कर रहे हैं। वीडियो फुटेज से सबको हकीकत पता चल जाएगी। वहां मौजूद तमाम विधायक, अधिकारी एवं अन्य लोग सच्चाई जानते हैं। उसे जनता के सामने रखना चाहिए।
- ठाकुर जयवीर सिंह, पूर्व मंत्री

7 अप्रैल को जिला पंचायत की मीटिंग में मेरे राजनीतिक विरोधी सदस्य जानबूझकर लेट आए तथा हंगामा किया। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा विधायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे। विपक्षियों ने अपने कृत्यों पर पर्दा डालने के लिए झूठी रिपोर्ट दिखाई। इसकी सच्चाई वीडियो फुटेज को देखकर मालूम की जा सकती है। ठाकुर जयवीर सिंह न तो मीटिंग का हिस्सा थे और न ही वहां मौजूद थे
- उपेंद्र सिंह नीटू, अध्यक्ष जिला पंचायत

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम को अनुसूचित जाति जनजाति की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन कुछ लोग इसके दुरुपयोग सामान्य जाति के संभ्रांत लोगों के उत्पीड़न में कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण जिला पंचायत की मीटिंग प्रकरण है। जयवीर सिंह उसमें मौजूद नहीं थे। यह हमारी पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश है। इस प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाऊंगा।
- राजवीर दिलेर, विधायक इगलास
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जिला पंचायत प्रकरण में जयवीर सिंह को घसीटना निंदनीय है। वह मीटिंग में मौजूद नहीं थे। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराना एक साजिश का अंग प्रतीत होता है। मीटिंग में मौजूद समस्त अधिकारी एवं प्रतिनिधि सच्चाई को जानते हैं कि पूर्व मंत्री का इसमें कोई लेना-देना नहीं है। यह अनुसूचित जाति अधिनियम का खुला दुरुपयोग है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके फुटेज मौजूद हैं।

- ठाकुर रवेंद्र पाल सिंह, विधायक छर्रा

पूर्व कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह की छवि खराब करने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वे स्वच्छ छवि के नेता हैं और उनके ऊपर किसी तरह का कोई आरोप आज तक नहीं लगा है। ऐसे नेता पर आरोप अशोभनीय है। भाजपा नेतृत्व से इसकी शिकायत की गई है। जो भी लोग पर्दे के पीछे इसमें शामिल हैं, उन पर कार्रवाई की मांग की गई है।
- सौरभ सिक्ससंस, व्यापारी नेता
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