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अलीगढ़ में बकाएदार किसानों का आलू नहीं रखेंगे शीतगृह मालिक
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:57 AM IST
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बकाएदार किसान का शीतगृह मालिक नहीं रखेंगे आलू
ब्यूरो, अमर उजाला, खैर।
किसानों का शीतगृह पर बकाया है तो कोई भी शीतगृह संचालक अपने यहां उस किसान का आलू नहीं रखेगा। यह निर्णय सोमवार को अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन की खैर के सोमना रोड स्थित संजय कोल्ड स्टोरेज में आयोजित शीतगृह संचालकों की बैठक में लिया गया।
एसोसिएशन अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि आलू की कीमतों में मंदी के कारण किसान शीतगृहों से आलू नहीं उठा रहे हैं। इससे शीतगृह मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्तूबर एवं नवंबर माह में हर हाल में शीतगृह खाली करना पड़ता है, ऐसे में मजबूरन आलू सड़क किनारे फेंकना पड़ रहा है।
उपाध्यक्ष आनंद शर्मा ने मोनू ने बताया कि जिले में 95 शीतगृह हैं। किसी में बीस तो किसी में तीस हजार बोरे आलू बकाया हैं। करीब पंद्रह लाख बोरे आलू फेंका जा चुका है। अभी भी सात लाख बोरे आलू शीतगृह में हैं। तय हुआ कि किसी किसान को एडवांस में कोई धनराशि नहीं दी जाएगी। बारदाने की कीमत भी किसानों से ली जाएगी। अध्यक्षता मनोज अग्रवाल ने की।
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सभी नियमों की जानकारी उद्यान विभाग को दी गई है। सचिव अतुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, मनीराम शर्मा, कल्यान सिंह, आनंद शर्मा, संजय शर्मा, श्रीकांत शर्मा, कैलाश चंद वर्मा, राजेंद्र प्रसाद वार्ष्णेय, विनोद अग्रवाल, ओम प्रकाश सिंह, अजय जैन, राजेश कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह, विनीत केला, अजय गुप्ता, योगेंद्र पाल सिंह, दिनेश चंद्र वर्मा, सुमंथ अग्रवाल, बल्ल्भ चौधरी, श्याम नरायन, मुकेश तोमर, पप्पू प्रधान मौजूद रहे।
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ब्यूरो, अमर उजाला, खैर।
किसानों का शीतगृह पर बकाया है तो कोई भी शीतगृह संचालक अपने यहां उस किसान का आलू नहीं रखेगा। यह निर्णय सोमवार को अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन की खैर के सोमना रोड स्थित संजय कोल्ड स्टोरेज में आयोजित शीतगृह संचालकों की बैठक में लिया गया।
एसोसिएशन अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि आलू की कीमतों में मंदी के कारण किसान शीतगृहों से आलू नहीं उठा रहे हैं। इससे शीतगृह मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्तूबर एवं नवंबर माह में हर हाल में शीतगृह खाली करना पड़ता है, ऐसे में मजबूरन आलू सड़क किनारे फेंकना पड़ रहा है।
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उपाध्यक्ष आनंद शर्मा ने मोनू ने बताया कि जिले में 95 शीतगृह हैं। किसी में बीस तो किसी में तीस हजार बोरे आलू बकाया हैं। करीब पंद्रह लाख बोरे आलू फेंका जा चुका है। अभी भी सात लाख बोरे आलू शीतगृह में हैं। तय हुआ कि किसी किसान को एडवांस में कोई धनराशि नहीं दी जाएगी। बारदाने की कीमत भी किसानों से ली जाएगी। अध्यक्षता मनोज अग्रवाल ने की।
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सभी नियमों की जानकारी उद्यान विभाग को दी गई है। सचिव अतुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, मनीराम शर्मा, कल्यान सिंह, आनंद शर्मा, संजय शर्मा, श्रीकांत शर्मा, कैलाश चंद वर्मा, राजेंद्र प्रसाद वार्ष्णेय, विनोद अग्रवाल, ओम प्रकाश सिंह, अजय जैन, राजेश कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह, विनीत केला, अजय गुप्ता, योगेंद्र पाल सिंह, दिनेश चंद्र वर्मा, सुमंथ अग्रवाल, बल्ल्भ चौधरी, श्याम नरायन, मुकेश तोमर, पप्पू प्रधान मौजूद रहे।