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संगठन की वैधानिकता को लेकर अड़े संगठन
Updated Fri, 25 Aug 2017 02:23 AM IST
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संगठन की वैधानिकता को लेकर अड़े संगठन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
संगठन की वैधानिकता को लेकर चल रही लड़ाई गुरुवार को और तेज हो गई। मुकेश मल्होत्रा की अध्यक्षता वाले उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने जहां दूसरे संगठन पर प्रतिबंध लगाने तथा मात्र उनके संगठन को काम करने देने की मांग को लेकर डीएम से मुलाकात की तो दूसरी ओर सुनील कुमार की अध्यक्षता वाले उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा एवं मंत्री राजेश पथिक ने आरोप लगाया कि उनके संगठन को शासकीय मान्यता प्राप्त है।
शासनादेश की अवहेलना करते हुए प्रभारी डीपीआरओ सुभाष सिंह ने दूसरे संगठन को भी काम करने की अनुमति दी है। यदि 22 अगस्त को जारी इस आदेश को वापस नहीं लिया गया तो वे 30 अगस्त से सफाई कार्य ठप करते हुए विकास भवन पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
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डीएम ने सीडीओ और नवागत डीपीआरओ से वार्ता कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर उप्र ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार व जिला महामंत्री अशोक बघेल की अगुवाई में विकास भवन में आयोजित धरने के दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि दस अक्तूबर 2011 को संघ ने मान्यता के लिए शासन को आवेदन दिया था।
उस समय निदेशक पंचायती राज विभाग ने बरेली के डीपीआरओ से जानकारी प्राप्त की। लेकिन शासन स्तर से त्रुटिवश दूसरे संघ को मान्यता दे दी गई। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में हमें काम करने से कैसे रोका जा सकता है। 22 अगस्त 2017 को प्रभारी डीपीआरओ ने हमें काम करने की अनुमति दे दी है।
जबकि दूसरे संगठन के लोग अफवाह उड़ा रहे हैं कि हमने प्रभारी डीपीआरओ पर दबाव डालकर काम करने की अनुमति जबरन ली है। इस मामले में उन्होंने सीडीओ से भी मुलाकात की। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि उन्होंने बुधवार सायं ही पदभार संभाला है। वह पहले पत्रावलियों का अध्ययन करेंगी। इसके बाद ही कोई फैसला करेंगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
संगठन की वैधानिकता को लेकर चल रही लड़ाई गुरुवार को और तेज हो गई। मुकेश मल्होत्रा की अध्यक्षता वाले उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने जहां दूसरे संगठन पर प्रतिबंध लगाने तथा मात्र उनके संगठन को काम करने देने की मांग को लेकर डीएम से मुलाकात की तो दूसरी ओर सुनील कुमार की अध्यक्षता वाले उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा एवं मंत्री राजेश पथिक ने आरोप लगाया कि उनके संगठन को शासकीय मान्यता प्राप्त है।
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शासनादेश की अवहेलना करते हुए प्रभारी डीपीआरओ सुभाष सिंह ने दूसरे संगठन को भी काम करने की अनुमति दी है। यदि 22 अगस्त को जारी इस आदेश को वापस नहीं लिया गया तो वे 30 अगस्त से सफाई कार्य ठप करते हुए विकास भवन पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
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डीएम ने सीडीओ और नवागत डीपीआरओ से वार्ता कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर उप्र ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार व जिला महामंत्री अशोक बघेल की अगुवाई में विकास भवन में आयोजित धरने के दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि दस अक्तूबर 2011 को संघ ने मान्यता के लिए शासन को आवेदन दिया था।
उस समय निदेशक पंचायती राज विभाग ने बरेली के डीपीआरओ से जानकारी प्राप्त की। लेकिन शासन स्तर से त्रुटिवश दूसरे संघ को मान्यता दे दी गई। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में हमें काम करने से कैसे रोका जा सकता है। 22 अगस्त 2017 को प्रभारी डीपीआरओ ने हमें काम करने की अनुमति दे दी है।
जबकि दूसरे संगठन के लोग अफवाह उड़ा रहे हैं कि हमने प्रभारी डीपीआरओ पर दबाव डालकर काम करने की अनुमति जबरन ली है। इस मामले में उन्होंने सीडीओ से भी मुलाकात की। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि उन्होंने बुधवार सायं ही पदभार संभाला है। वह पहले पत्रावलियों का अध्ययन करेंगी। इसके बाद ही कोई फैसला करेंगी।