{"_id":"5cc370d2bdec22075c115467","slug":"121556312274-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी में 500 लोगों ने फिर से कराया रजिस्ट्रेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी में 500 लोगों ने फिर से कराया रजिस्ट्रेशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जीएसटी में कर वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पूर्व में पंजीकरण निरस्त करा चुके कारोबारियों को दोबारा पंजीयन कराने का मौका दिया हैै। जिसके तहत कारोबारी निरस्तीकरण की अवधि के दौरान का कर जमा कर अपना पंजीयन दोबारा से करा सकेेंगे।
अलीगढ़ में इस तरह के 500 व्यापारी अपना पंजीकरण दोबारा से करा चुके हैं, फिर भी वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकार की नई पहल से कई व्यापारी अपना पंजीयन नवीनीकरण कराएंगे। जिससे जीएसटी पंजीयन वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ेगी और कर दायरा भी बढे़गा।
जीएसटी के नोडल अधिकारी आरएस विद्यार्थी ने बताया कि पहली जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद अलीगढ़ में 45 हजार व्यापारियों ने इसमें पंजीयन कराया था। एक साल 9 महीने की अवधि के दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 के बीते मार्च महीने तक पूर्व में पंजीयन निरस्त करा चुके तकरीबन 500 व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने अपना पंजीयन दोबारा से करा लिया है। अब सरकार की नई पहल से जो लोग पुन: पंजीयन नहीं करा सके थे, उनको मौका मिल रहा है। व्यापारियों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विज्ञापन
वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम के ज्वाइंट कमिश्नर उत्तम सिंह ने बताया कि पहली अप्रैल 2019 से लागू नये नियम के अनुसार लगातार दो जीएसटी रिटर्न जमा नहीं करने वाले कारोबारी अब जीएसटीएन सर्वर से ई वे बिल डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। ये बिल तभी डाउनलोड होगा, जब उनका बकाया रिटर्न जमा हो जाएगा।
जो व्यापारी हर महीने रिटर्न जमा करते हैं उनको दो महीने के बाद ई वे बिल डाउन लोड करने में परेशानी न हो। इसलिए समय से रिटर्न जमा करें। उनके लिए जून तक रिटर्न जमा करना अनिवार्य है। इसी तरह से त्रैमासिक रिटर्न जमा करने वाले छह महीने में अपना रिटर्न समय से जमा करें ताकि जरूरत पर उनका ई वे बिल डाउनलोड हो सके।
इन व्यापारियों को सितंबर तक अपने दोनों रिटर्न जमा करने होंगे। विभाग इसकी जानकारी लगातार सभी व्यापारियों को दे रहा है। जिससे व्यापारियों को किसी तरह की समस्या न हो और रिटर्न समय से जमा होती रहे। इधर, लगातार सख्त कार्रवाई के चलते हाल ही में बिलों की मिलान के अनुसार खंड एक में 45 लाख और खंड चार में 22 लाख का कर वसूला गया है। बाकी खंडों में इसकी जांच पड़ताल जारी है।
विज्ञापन
जीएसटी में कर वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पूर्व में पंजीकरण निरस्त करा चुके कारोबारियों को दोबारा पंजीयन कराने का मौका दिया हैै। जिसके तहत कारोबारी निरस्तीकरण की अवधि के दौरान का कर जमा कर अपना पंजीयन दोबारा से करा सकेेंगे।
अलीगढ़ में इस तरह के 500 व्यापारी अपना पंजीकरण दोबारा से करा चुके हैं, फिर भी वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकार की नई पहल से कई व्यापारी अपना पंजीयन नवीनीकरण कराएंगे। जिससे जीएसटी पंजीयन वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ेगी और कर दायरा भी बढे़गा।
विज्ञापन
जीएसटी के नोडल अधिकारी आरएस विद्यार्थी ने बताया कि पहली जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद अलीगढ़ में 45 हजार व्यापारियों ने इसमें पंजीयन कराया था। एक साल 9 महीने की अवधि के दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 के बीते मार्च महीने तक पूर्व में पंजीयन निरस्त करा चुके तकरीबन 500 व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने अपना पंजीयन दोबारा से करा लिया है। अब सरकार की नई पहल से जो लोग पुन: पंजीयन नहीं करा सके थे, उनको मौका मिल रहा है। व्यापारियों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विज्ञापन
वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम के ज्वाइंट कमिश्नर उत्तम सिंह ने बताया कि पहली अप्रैल 2019 से लागू नये नियम के अनुसार लगातार दो जीएसटी रिटर्न जमा नहीं करने वाले कारोबारी अब जीएसटीएन सर्वर से ई वे बिल डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। ये बिल तभी डाउनलोड होगा, जब उनका बकाया रिटर्न जमा हो जाएगा।
जो व्यापारी हर महीने रिटर्न जमा करते हैं उनको दो महीने के बाद ई वे बिल डाउन लोड करने में परेशानी न हो। इसलिए समय से रिटर्न जमा करें। उनके लिए जून तक रिटर्न जमा करना अनिवार्य है। इसी तरह से त्रैमासिक रिटर्न जमा करने वाले छह महीने में अपना रिटर्न समय से जमा करें ताकि जरूरत पर उनका ई वे बिल डाउनलोड हो सके।
इन व्यापारियों को सितंबर तक अपने दोनों रिटर्न जमा करने होंगे। विभाग इसकी जानकारी लगातार सभी व्यापारियों को दे रहा है। जिससे व्यापारियों को किसी तरह की समस्या न हो और रिटर्न समय से जमा होती रहे। इधर, लगातार सख्त कार्रवाई के चलते हाल ही में बिलों की मिलान के अनुसार खंड एक में 45 लाख और खंड चार में 22 लाख का कर वसूला गया है। बाकी खंडों में इसकी जांच पड़ताल जारी है।