{"_id":"5caf9581bdec2214046f0c40","slug":"121555010945-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खैर में चार साल पूर्व हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खैर में चार साल पूर्व हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास
विज्ञापन
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना खैर क्षेत्र की सोफा नहर स्थित सुजानपुर कोठी के पास चार साल पहले महिला की एसिड अटैक से हत्या के मामले में गुरुवार को एडीजे-7 अनिल कुमार प्रथम की कोर्ट ने तीन आरोपियों उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी नियत किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा के अनुसार खैर के गांव सुजानपुर निवासी विस्बेंद्र सिंह 19 जून 2015 को अपनी ताई विजेंद्री देवी के साथ मोटरसाइकल पर गांव फिरोजपुर थाना बुलंदशहर जा रहे थे।
सोफा नहर के पास सुजानपुर कोठी पर पहुंचते ही गांव के ही टेकराम उर्फ टेकचंद, संजू उर्फ संजय व गनपति उर्फ गनपत ने उनका रास्ता रोक लिया। पीछे बैठी विजेंद्री के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ (तेजाब) फेंक दिया।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को खैर सीएचसी भेजा व तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आठ माह बाद उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। कोर्ट में आरोपियों ने अपने को दोषमुक्त बताते हुए वादी पर रंजिशन फंसाने की बात कही।
गुरुवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह ने तीन अभियुक्तों को दोषी मानते हुए बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
थाना खैर क्षेत्र की सोफा नहर स्थित सुजानपुर कोठी के पास चार साल पहले महिला की एसिड अटैक से हत्या के मामले में गुरुवार को एडीजे-7 अनिल कुमार प्रथम की कोर्ट ने तीन आरोपियों उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी नियत किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा के अनुसार खैर के गांव सुजानपुर निवासी विस्बेंद्र सिंह 19 जून 2015 को अपनी ताई विजेंद्री देवी के साथ मोटरसाइकल पर गांव फिरोजपुर थाना बुलंदशहर जा रहे थे।
विज्ञापन
सोफा नहर के पास सुजानपुर कोठी पर पहुंचते ही गांव के ही टेकराम उर्फ टेकचंद, संजू उर्फ संजय व गनपति उर्फ गनपत ने उनका रास्ता रोक लिया। पीछे बैठी विजेंद्री के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ (तेजाब) फेंक दिया।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को खैर सीएचसी भेजा व तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आठ माह बाद उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। कोर्ट में आरोपियों ने अपने को दोषमुक्त बताते हुए वादी पर रंजिशन फंसाने की बात कही।
गुरुवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह ने तीन अभियुक्तों को दोषी मानते हुए बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।