फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   एएमयू एवं जामिया मिल्लिया अल्पसंख्यक संस् थान नहीं

एएमयू एवं जामिया मिल्लिया अल्पसंख्यक संस् थान नहीं

Sat, 06 Apr 2019 01:59 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:59 AM IST
विज्ञापन
एएमयू एवं जामिया मिल्लिया अल्पसंख्यक संस्
थान नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं जामिया मिल्लिया इस्लामिया अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। डॉ. कृष्ण गोपाल शुक्रवार को केपी इंटर कॉलेज में आयोजित समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एएमयू पालियामेंट्री एक्ट से बना है और यूनियन लिस्ट में शामिल हैं। ऐसे में यह अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है।


कांग्रेस की घोषणा पत्र में एएमयू एवं जामिया के अल्पसंख्यक स्वरूप को जारी रखने का उल्लेख किये बिना उन्हाेंने कहा कि 2005 में यूपीए सरकार द्वारा गलत हलफनामा दिया गया था। एनडीए सरकार ने वह हलफनामा वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि एएमयू में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं ओबीसी को आरक्षण का लाभ दिलाया जाएगा। सह सरकार्यवाह ने समन्वय बैठक में शामिल लोगों को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता एवं जनसंख्या नियंत्रण पालिसी लागू करने की वकालत की। हलाला को अमानवीय बताया और बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर का रास्ता दिखाने की बात कही। लोकसभा चुनाव में नोटा से परहेज करने की नसीहत देते हुए कहा कि इससे उनकी सरकार बन जाएगी, जिसे आप बिल्कुल नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने आरएसएस एवं उसकी अनुषंगी इकाईयों से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वह गांव, मोहल्ले एवं अपार्टमेंट में जाएं। लोगों से बातचीत करें और मतदान के प्रति जागरूक करें। हिंदुत्व का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि 600-800 साल बाद 2014 में दिल्ली में ऐसी सरकार बनी, जो पूर्णत: एक मत के विचारधारा वाले दल की थी लेकिन कांग्रेसी नहीं थी। इनके मन में हिंदुत्व का विचार प्रबल था। लंबी प्रतीक्षा के बाद सत्ता ऐसे लोगों के हाथ में आया जो हिंदुत्व पर विचार कर आगे बढ़ने वाले थे। आज देश सांस्कृतिक स्वतंत्रता की ओर आगे बढ़ रहा है। दुनिया को पहली बार लगने लगा कि भारत एक शक्तिशाली देश है। 2014 के बाद देश नया परिवर्तन अनुभव कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूएनओ में 180 देशों के समर्थन से योग दिवस का प्रस्ताव पास हो गया। 200 देशों में हिंदुत्व इसके माध्यम से पहुंचा और लोग हिंदुत्व सीख रहे हैं और अनुभव कर रहे हैं। पहले किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के आने पर ताज दिया जाता था। अब गीता दी जाती है। दुनिया में सवा सौ करोड़ हिंदू है और उतने ही बौद्ध है। बौद्ध भी हिंदू है और गौतम बुद्ध क्षत्रिय थे। खास बात यह रही कि सह सरकार्यवाह अपने संबोधन के दौरान भाजपा के बदले वर्तमान सरकार का उल्लेख कर रहे थे। कार्यक्रम में भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार गौतम, ठाकुर जयवीर सिंह, उपेंद्र सिंह नीटू, प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश, रघुराज सिंह, गोपाल सिंह, विवेक सारस्वत, मानवेंद्र प्रताप सिंह, राजीव अग्रवाल, गरुणध्वज उपाध्याय सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed