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इमरजेंसी में हंगामा, सीएमएस को घर से खींच कर अभद्रता
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:53 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार की देर रात दुर्घटना में घायल मरीज को न देखने का डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए 15-20 युवकों ने जमकर हंगामा किया। खुद को बजरंग दल और भाजपा से जुड़े होने का दावा करने वाले इन युवकों ने अस्पताल के सीएमएस को उनके घर से खींचकर उनके साथ अभद्रता की और धमकाया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। शनिवार को अस्पताल पहुंचे रसल गंज चौकी प्रभारी को सीएमएस ने पूरी घटना से अवगत कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि शुक्रवार की देर रात कौड़ियागंज सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल लाया गया। यहां पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अपने रूम में टायलेट गए हुए थे। इतनी देर में कुछ लोगों ने उनके कमरे का दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। घबराए हुए डॉक्टर ने उन्हें फोन किया जिसके बाद वह इमरजेंसी चलने के लिए तैयार होने लगे। इस बीच उनके पास डीडी स्वास्थ्य मुख्यालय से भी घटना के संबंध में फोन आ गया। जब वह अपने आवास से निकलने को हुए तो करीब 15-20 युवकों की भीड़ उनके आवास के गेट को पीट रही थी। युवकों ने उन्हें उनके आवास से बाहर खींचा और उनके साथ अभद्रता की। बार-बार समझाने के बाद भी वह हंगामा करने और अव्यवस्था पैदा करने से नहीं चूके। हंगामा करने वालों ने स्वयं को भाजपा और बजरंग दल से जुड़ा बताया। सीएमएस ने इसके बाद घटना की जानकारी फोन पर भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ को दी। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर बितर किया। बाद में युवक धमकी देते हुए घायलों को लेकर चले गए। शनिवार को थाना बन्ना देवी के सब इंस्पेक्टर मंसूर अली अस्पताल पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी की। उन्होंने बताया कि हमको जो तहरीर मिलेगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
स्टाफ में गुस्सा, बोले हम पीड़ित, हमसे ही जवाब मांगा
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से ही हंगामे की घटना में जवाब मांगे जाने से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ स्टाफ में गुस्सा है। इमरजेंसी स्टाफ का कहना है कि घटना के वक्त डॉक्टर अपने कमरे में थे। हंगामे के चलते डॉक्टर ने अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया। भीड़ के निशाने पर स्टाफ आ गया। इसके बाद भी स्टाफ से ही जवाब तलबी की जा रही है।
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घटना की जो फुटेज आदि देखी है उसे देखकर स्पष्ट है कि कोई भी भाजपा से जुड़ा नहीं है। इन युवकों ने अपने पक्ष को भारी करने के लिए पार्टी के नाम का इस्तेमाल किया। घटना की जांच होनी चाहिए और जो भी इसमें शामिल है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा
हमने फुटेज देखे हैं, इनमें कोई भी बजरंग दल से जुड़ा नहीं है। जो भी इस घटना में शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- राम कुमार आर्य, विभाग संयोजक, बजरंग दल
बयान
मैं दो दिन से दिल्ली में हूं। रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए मुझे वहां के किसी तरह के घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। फिर भी जो हुआ है, उसमें अस्पताल प्रशासन को कार्रवाई करानी चाहिए।
- विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा
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मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार की देर रात दुर्घटना में घायल मरीज को न देखने का डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए 15-20 युवकों ने जमकर हंगामा किया। खुद को बजरंग दल और भाजपा से जुड़े होने का दावा करने वाले इन युवकों ने अस्पताल के सीएमएस को उनके घर से खींचकर उनके साथ अभद्रता की और धमकाया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। शनिवार को अस्पताल पहुंचे रसल गंज चौकी प्रभारी को सीएमएस ने पूरी घटना से अवगत कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि शुक्रवार की देर रात कौड़ियागंज सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल लाया गया। यहां पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अपने रूम में टायलेट गए हुए थे। इतनी देर में कुछ लोगों ने उनके कमरे का दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। घबराए हुए डॉक्टर ने उन्हें फोन किया जिसके बाद वह इमरजेंसी चलने के लिए तैयार होने लगे। इस बीच उनके पास डीडी स्वास्थ्य मुख्यालय से भी घटना के संबंध में फोन आ गया। जब वह अपने आवास से निकलने को हुए तो करीब 15-20 युवकों की भीड़ उनके आवास के गेट को पीट रही थी। युवकों ने उन्हें उनके आवास से बाहर खींचा और उनके साथ अभद्रता की। बार-बार समझाने के बाद भी वह हंगामा करने और अव्यवस्था पैदा करने से नहीं चूके। हंगामा करने वालों ने स्वयं को भाजपा और बजरंग दल से जुड़ा बताया। सीएमएस ने इसके बाद घटना की जानकारी फोन पर भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ को दी। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर बितर किया। बाद में युवक धमकी देते हुए घायलों को लेकर चले गए। शनिवार को थाना बन्ना देवी के सब इंस्पेक्टर मंसूर अली अस्पताल पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी की। उन्होंने बताया कि हमको जो तहरीर मिलेगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्टाफ में गुस्सा, बोले हम पीड़ित, हमसे ही जवाब मांगा
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से ही हंगामे की घटना में जवाब मांगे जाने से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ स्टाफ में गुस्सा है। इमरजेंसी स्टाफ का कहना है कि घटना के वक्त डॉक्टर अपने कमरे में थे। हंगामे के चलते डॉक्टर ने अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया। भीड़ के निशाने पर स्टाफ आ गया। इसके बाद भी स्टाफ से ही जवाब तलबी की जा रही है।
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घटना की जो फुटेज आदि देखी है उसे देखकर स्पष्ट है कि कोई भी भाजपा से जुड़ा नहीं है। इन युवकों ने अपने पक्ष को भारी करने के लिए पार्टी के नाम का इस्तेमाल किया। घटना की जांच होनी चाहिए और जो भी इसमें शामिल है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा
हमने फुटेज देखे हैं, इनमें कोई भी बजरंग दल से जुड़ा नहीं है। जो भी इस घटना में शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- राम कुमार आर्य, विभाग संयोजक, बजरंग दल
बयान
मैं दो दिन से दिल्ली में हूं। रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए मुझे वहां के किसी तरह के घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। फिर भी जो हुआ है, उसमें अस्पताल प्रशासन को कार्रवाई करानी चाहिए।
- विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा