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अलीगढ़ महानगर में बगैर लाइसेंस बिक रहा है मीट

Thu, 19 Apr 2018 02:24 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:24 AM IST
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अलीगढ़ महानगर में बगैर लाइसेंस बिक रहा है मीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मीट समेत अन्य खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने से पहले बिक्री लाइसेंस लेना अनिवार्य है, लेकिन महानगर में धड़ल्ले से बगैर लाइसेंस मीट की बिक्री हो रही है। खाद्य सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसकी न नगर निगम को कोई फिक्र है और न ही खाद्य सुरक्षा अफसर कोई कदम उठाते नजर आ रहे हैं।

बताते चलें कि जनपद में करीब 900 मीट विक्रेता हैं। अकेले अलीगढ़ महानगर में ही इनकी संख्या 300 के आसपास है, लेकिन मीट बिक्री का लाइसेंस किसी के पास नहीं है। इसका फायदा उठाकर मीट विक्रेता सरकार को हर साल लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन फीस के एवज में मिलने वाले लाखों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं तो बगैर मानकों के मीट की बिक्री कर मानव स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
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यह है खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006, नियम व अधिनियम 2011
-मीट की दुकान पर काला शीशा लगा होना अनिवार्य है।
-विक्रेता के पास प्रापर वाटर ड्रेनेज सिस्टम होना चाहिए।
-उसकी दुकान जमीन से तीन फुट ऊंची होनी चाहिए।
-मीट चापिंग स्थल टाइल से बना हुआ होना चाहिए।
-दुकान में एग्जास्ट फैन अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए।
-मीट को फ्रीजिंग कंडीशन में रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
-मीट काटने के औजार स्टील से बने होने चाहिए।
-कटान करने वाले व्यक्ति का हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य।
-सेनेटरी एवं संबंधित थाने की एनओसी अनिवार्य।
-एफडीए का दो हजार रुपया लाइसेंस शुल्क जमा होना चाहिए।
-नगर निगम में 500 रुपये वाणिज्यिक शुल्क जमा होना चाहिए।

भ्रामक रसीद बनी विवाद की जड़
वाणिज्यिक शुल्क वसूली की नगर निगम द्वारा जारी भ्रामक रसीद लंबे समय से मीट कारोबारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के विवाद की जड़ बनी हुई है। इस रसीद में वाणिज्यिक शुल्क के स्थान पर लाइसेंस शुल्क छपा था। इसके चलते जब एफडीए के अधिकारी चेकिंग के लिए जाते थे तो कारोबारी इस रसीद को ही लाइसेंस बताकर झगड़ने पर आमादा हो जाता था। लंबे पत्राचार के बाद नगर निगम ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क के नाम से रसीद छपवाई हैं।
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मीट कारोबारियों के लाइसेंस जारी करने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। कारोबारी विभागीय वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लूडाटएफएसएसआईडाटइन पर भी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- धर्मेंद्र द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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