{"_id":"5a3184cc4f1c1b59678c1f3d","slug":"121513194700-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन की सैन्य शक्ति बढ़ने से राजनीतिक नेतृत्व होगा हिंसक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन की सैन्य शक्ति बढ़ने से राजनीतिक नेतृत्व होगा हिंसक
Updated Thu, 14 Dec 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
चीन की सैन्य शक्ति बढ़ने से राजनीतिक नेतृत्व होगा हिंसक
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू इंटरनेशनल स्टडीज संकाय के प्रो. मेजर जनरल जीजी द्विवेदी ने कहा कि चीन एक उभरती हुई सुपर पावर के रूप में स्वयं को विकसित कर रहा है। सेना का आधुनिकीकरण ऐसे अंदाज में हो रहा है, जिसकी पूर्व काल में कोई मिसाल नहीं मिलती। चीन की सैन्य शक्ति बढ़ने से उसका राजनीतिक नेतृत्व लाजमी रूप से हिंसक होगा।
जनरल द्विवेदी गत दिनों सेंटर फॉर वार फेयर स्टडीज, नई दिल्ली द्वारा ‘चीन की सेना का आधुनिकीकरण् विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल हुए। उन्होंने इसमें चीनी सेना का सुधार : उभरती प्रतिक्रियाएं विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि चीनी सेना के सुधार के पीछे उनके अपने सामरिक उद्देश्य तथा अंतरराष्ट्रीय तकाजे हैं। चीन अपनी अखंडता तथा आर्थिक विकास पर अत्यधिक बल दे रहा है तथा कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चीन एवं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी चीनी सेना आपस में गहरे रूप से एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि चीन ने अपनी सेना के उच्च स्तरीय नेतृत्व को नये सिरे से संगठित किया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का मूल कार्य कम्यूनिस्ट पार्टी को सत्ता में रखना है। इसलिए पीएलए पार्टी की सेना है तथा देश का राष्ट्रपति सेना का ऑपरेशनल कमांडर इन चीफ होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू इंटरनेशनल स्टडीज संकाय के प्रो. मेजर जनरल जीजी द्विवेदी ने कहा कि चीन एक उभरती हुई सुपर पावर के रूप में स्वयं को विकसित कर रहा है। सेना का आधुनिकीकरण ऐसे अंदाज में हो रहा है, जिसकी पूर्व काल में कोई मिसाल नहीं मिलती। चीन की सैन्य शक्ति बढ़ने से उसका राजनीतिक नेतृत्व लाजमी रूप से हिंसक होगा।
जनरल द्विवेदी गत दिनों सेंटर फॉर वार फेयर स्टडीज, नई दिल्ली द्वारा ‘चीन की सेना का आधुनिकीकरण् विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल हुए। उन्होंने इसमें चीनी सेना का सुधार : उभरती प्रतिक्रियाएं विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि चीनी सेना के सुधार के पीछे उनके अपने सामरिक उद्देश्य तथा अंतरराष्ट्रीय तकाजे हैं। चीन अपनी अखंडता तथा आर्थिक विकास पर अत्यधिक बल दे रहा है तथा कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चीन एवं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी चीनी सेना आपस में गहरे रूप से एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि चीन ने अपनी सेना के उच्च स्तरीय नेतृत्व को नये सिरे से संगठित किया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का मूल कार्य कम्यूनिस्ट पार्टी को सत्ता में रखना है। इसलिए पीएलए पार्टी की सेना है तथा देश का राष्ट्रपति सेना का ऑपरेशनल कमांडर इन चीफ होता है।
विज्ञापन