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डीएम के कहने पर एसपी यातायात से मिले पंप संचालक

Thu, 01 Nov 2018 02:17 AM IST
Updated Thu, 01 Nov 2018 02:17 AM IST
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डीएम के कहने पर एसपी यातायात से मिले पंप संचालक
डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ पेट्रोलियम एसोसिएशन के सदस्य जिलाधिकारी के कहने पर एसपी यातायात से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी। उनका आरोप है कि 100 नंबर वाले पेट्रोल पंप संचालकों को परेशान करते है। पंप संचालकों ने मांग की कि 100 नंबर गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक हस्तक्षेप से मना किया जाए। दरअसल एसोसिएशन के सदस्य जिलाधिकारी से मिलने गए थे लेकिन विलंब से पहुंचने के कारण उन्होंने एसपी यातायात से मिलने को कहा और एसपी यातायात को बता दिया कि एसोसिएशन के सदस्य अपनी समस्याओं को लेकर आपसे मिलने जा रहे हैं।

इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह, लाजपतराय वार्ष्णेय, चंद्र प्रकाश मित्तल, सीपी सिंह, देवेश अग्रवाल, मोहित वशिष्ठ, नितिन गर्ग, विजय सिंह, नवनीत महेश्वरी, टोनी चौधरी, राजू लाल वार्ष्णेय, संजय शर्मा, राजेश बंसल, मनोज गुप्ता, शेर सिंह, हर्ष माहेश्वरी, अनुराग शाह, गोपाल रावत, राजेश अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, अमित सचदेवा, प्रशांत अग्रवाल, श्याम पाठक, गौरव शर्मा आदि मौजूद थे।
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क्या है समस्या...
बकौल पंप संचालक पिछले कुछ समय से पंपों पर ग्राहकों द्वारा यह शिकायत की जा रही हैं कि हमारी गाड़ियों में तेल लेने के पश्चात भी फ्यूल मीटर की सुई या सिग्नल नहीं उठ रहा है। हमने घर जाकर देखा तो पेट्रोल की जगह पानी निकला है। सिक्के नहीं लिए जा रहे हैं। इस तरह की शिकायत ग्राहकों द्वारा 100 नंबर पर किया जाता है और 100 नंबर वाले आकर परेशान करते हैं। पंप संचालकों का कहना है कि ग्राहकों को 5 लीटर के प्रमाणित माप से मशीन चेक भी करायी जाती है। सिक्के भी लिए जाते हैं। ग्राहक स्वयं खुले पैसे लेने से इंकार करते हैं।
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पंप संचालकों का कहना है कि यह आवश्यक नहीं होता कि फ्यूल मीटर अवश्य ही उठे अथवा जितना तेल डाला है, वह उतनी मात्रा सही दर्शाये। फ्यूल मीटर से केबल अनुमान लगाया जाता है और यह आवश्यक नहीं होता कि वह उठे ही, क्योंकि वह वॉट तथा माप विभाग से प्रमाणित नहीं होता। पैट्रोल में तेल कंपनियों द्वारा 10 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है जिसकी नमी को अत्यधिक सोखने की प्रवृति होती है। ग्राहक के फ्यूल टैंक में किसी भी प्रकार पानी या पानी की बूंदे आ जाय तो एथेनॉल पानी बन जाता या क्रैक कर जाता है।
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