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बिल्डर ने खोले अवैध निर्माण कराने वाले अफसरों के नाम

Tue, 08 Jan 2019 02:22 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2019 02:22 AM IST
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बिल्डर ने खोले अवैध निर्माण कराने वाले अफसरों के नाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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महानगर में अवैध निर्माणों के लिए विकास प्राधिकरण के अफसर एवं बिल्डरों की मिलीभगत की परतें खुलने लगी हैं। शनिवार को सासनीगेट क्षेत्र में तीन निर्माणाधीन इमारतों की गोपनीय जांच में दो अफसरों के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान पकड़े गए बिल्डर ने जांच टीम को शपथ पत्र देकर एक जेई एवं सुपरवाइजर के नाम का खुलासा किया है। उसने लैंटर वाइज सुविधा शुल्क का भी शपथपत्र में जिक्र किया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। अब कार्रवाई की तैयारी है।

विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालते ही डीएम ने महानगर में बड़ी संख्या में मौजूद अवैध निर्माणों की गोपनीय जांच कराने तथा दोषी विभागीय अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिये थे।
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शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में सासनीगेट पुलिस एवं प्राधिकरण के आला अफसरों के साथ छापा मारा गया। छापे के दौरान दो बिल्डर तो मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। लेकिन एक को दबोच लिया गया। इस दौरान टीम ने बिल्डर गौरव सक्सेना का सराय हरनारायण नई दुनियां के पीछे 500 वर्ग गज में बन रही पांच मंजिल फ्लैट निर्माण की जांच की।
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जांच में निर्माण चलता पाया गया। इसका नक्शा पास नहीं था। बिल्डर निशांत अग्रवाल के इसी स्थान पर 500 वर्ग गज में बेसमेंट के निर्माण का काम जारी मिला। मानचित्र पास नहीं पाया गया। बिल्डर ने बताया कि उक्त जेई एवं सुपरवाइजर ने इन दोनों मामलों में 60 हजार रुपये प्रति लैंटर सुविधा शुल्क दिया गया। जबकि बिल्डर सुरेंद्र अग्रवाल के नीलगिरी मंदिर के बराबर से रास्ते पर फ्लैट एवं 15 दुकानों का निर्माण पाया गया। इनका भी मानचित्र पास नहीं था। इस मामले में जेई एवं सुपरवाइजर पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप है। बताया जाता है कि पकड़े गए बिल्डर ने शपथ पत्र में उक्त जेई एवं सुपरवाइजर को लैंटर वाइज सुविधा शुल्क देने का जिक्र किया है। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। ज्वाइंटर मजिस्ट्रेट/एसडीएम जोगिंदर कुमार ने रिपोर्ट ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि की है।
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