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20 वीं सदी के अंत में कईदेशों की संप्रभुता पड़ गई थी खतरें में
Updated Mon, 23 Apr 2018 01:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कोलंबिया एवं लैटिन अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके दीपक भोजवानी ने कहा कि 20 वीं शताब्दी के अंत में राजनैतिक उथल पुथल का माहौल दिखाई देता है, जिससे कई देशों की संप्रभुता खतरे में पड़ गई।
श्री भोजवानी एएमयू के वेस्ट एशियन स्टडीज विभाग द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बाहरी हस्तक्षेप के प्रभाव’ विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हेती और बंग्लादेश जैसे कुछ देशों में समय पर किये गये हस्तक्षेप से वहां की स्थिति संभल गई। भोजवानी ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिये।
अध्यक्षीय संबोधन में सह कुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब ने कहा कि संघर्षों के समाधान के लिए सभी पक्षों की शिकायतों को ध्यान से सुनना और उनको हल करना महत्वपूर्ण होता है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. शमीर हसन ने संचालन किया। प्रो. मोहम्मद अजहर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कोलंबिया एवं लैटिन अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके दीपक भोजवानी ने कहा कि 20 वीं शताब्दी के अंत में राजनैतिक उथल पुथल का माहौल दिखाई देता है, जिससे कई देशों की संप्रभुता खतरे में पड़ गई।
श्री भोजवानी एएमयू के वेस्ट एशियन स्टडीज विभाग द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बाहरी हस्तक्षेप के प्रभाव’ विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हेती और बंग्लादेश जैसे कुछ देशों में समय पर किये गये हस्तक्षेप से वहां की स्थिति संभल गई। भोजवानी ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिये।
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अध्यक्षीय संबोधन में सह कुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब ने कहा कि संघर्षों के समाधान के लिए सभी पक्षों की शिकायतों को ध्यान से सुनना और उनको हल करना महत्वपूर्ण होता है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. शमीर हसन ने संचालन किया। प्रो. मोहम्मद अजहर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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