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इस्लामिक मिशन स्कूल की होगी मुख्यमंत्री से शिकायत
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:33 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस्लामिक मिशन स्कूल में विवादित डॉ. जाकिर नाइक को बतौर हीरो पढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मानव संसाधन विकास मंत्रालय में की जाएगी।
डॉ. सिंह ने रविवार को एक रेस्तरां में पत्रकारों को बताया कि बिना मान्यता के स्कूल चलता रहा है, फिर भी बीएसए ने कार्रवाई नहीं की। अलबत्ता उसे दिसंबर 2017 में मान्यता दे दी। उन्होंने बीएसए को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पता नहीं उनके सामने कौन सी मजबूरी है कि कार्रवाई करने से बच रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. नाइक को महिमामंडित करके पढ़ाना संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने कई सवाल भी उठाए। मसलन, आईएमएस को माइनोरिटी स्टेटस मिला है, एक स्कूल को। एक ही नाम से एक अलीगढ़ में दो दिल्ली में कैसे चला रहे हैं। इसे माइनोरिटी स्टेटस 2013 में मिला है, जबकि मान्यता दो दिसंबर 2017 को मिली है। स्टेटस जिस पते पर है, वह उस पते पर नहीं है। यह स्कूल वर्ष 2008 से चल रहा है। बीएसए इस स्कूल का नाम बताएं?, स्कूल की मान्यता संख्या क्या है?। एक सवाल के जवाब में कहा कि स्कूल की जांच कराने के लिए वह जिलाधिकारी से अनुरोध करेंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ. निशित शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अलीगढ़। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस्लामिक मिशन स्कूल में विवादित डॉ. जाकिर नाइक को बतौर हीरो पढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मानव संसाधन विकास मंत्रालय में की जाएगी।
डॉ. सिंह ने रविवार को एक रेस्तरां में पत्रकारों को बताया कि बिना मान्यता के स्कूल चलता रहा है, फिर भी बीएसए ने कार्रवाई नहीं की। अलबत्ता उसे दिसंबर 2017 में मान्यता दे दी। उन्होंने बीएसए को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पता नहीं उनके सामने कौन सी मजबूरी है कि कार्रवाई करने से बच रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. नाइक को महिमामंडित करके पढ़ाना संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है।
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उन्होंने कई सवाल भी उठाए। मसलन, आईएमएस को माइनोरिटी स्टेटस मिला है, एक स्कूल को। एक ही नाम से एक अलीगढ़ में दो दिल्ली में कैसे चला रहे हैं। इसे माइनोरिटी स्टेटस 2013 में मिला है, जबकि मान्यता दो दिसंबर 2017 को मिली है। स्टेटस जिस पते पर है, वह उस पते पर नहीं है। यह स्कूल वर्ष 2008 से चल रहा है। बीएसए इस स्कूल का नाम बताएं?, स्कूल की मान्यता संख्या क्या है?। एक सवाल के जवाब में कहा कि स्कूल की जांच कराने के लिए वह जिलाधिकारी से अनुरोध करेंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ. निशित शर्मा आदि मौजूद रहे।
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