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निलंबित एएमयू छात्र बासिम के परीक्षा देने से सियासत गरमाई

Sun, 05 May 2019 01:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 05 May 2019 01:27 AM IST
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निलंबित एएमयू छात्र बासिम के परीक्षा देने से सियासत गरमाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के निलंबित छात्र बासिम बिलाल के परीक्षा देने से एक बार फिर सियासत गरमा गई है। बीएससी-1 के छात्र बासिम के पुलवामा में सैनिकों पर हमले के बाद विवादित ट्वीट के चलते उसे निलंबित कर दिया गया था। उधर, निलंबित छात्र नेता ठा. अजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब निलंबित दूसरे छात्र को परीक्षा देने की अनुमति मिल गई, तो उन्हें क्यों नहीं।

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के वाहन पर आत्मघाती हमला कर दिया गया था। इस हादसे में 43 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद बासिम बिलाल ने विवादित ट्वीट कर दिया था। इस पर एएमयू इंतजामिया ने उसे निलंबित कर दिया था। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है।
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बताते हैं कि उसने तीन मई को परीक्षा दी। अब वह 7 मई को परीक्षा देगा। उधर, 12 फरवरी 2019 को एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के आगमन का विरोध छात्र नेता अजय सिंह कर रहे थे। हालांकि, उनका आना पहले ही टल चुका था। हालात सामान्य हो गए थे। अजय सिंह के समर्थक एएमयू छात्र मनीष चौधरी की पिटाई कर दी गई।
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सूचना पर मनीष को लेकर अजय सिंह प्रॉक्टर कार्यालय तहरीर देने पहुंचे, लेकिन दूसरे गुट के छात्र नेता की धमकी सुन अजय सिंह ने साथी छात्र की मारपीट में कार्रवाई की मांग को लेकर रजिस्ट्रार दफ्तर पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद दूसरे गुट के छात्र आ गए। दोनों गुट के छात्रों के बीच मारपीट गई।

अजय को बचाकर पुलिस अफसर बाहर लाए। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इससे एएमयू व शहर में तनाव पैदा हो गया। बाद में एएमयू इंतजामिया ने अजय को भी निलंबित कर दिया। अजय ने कहा कि अनुशासन कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के साथ दो बार परीक्षा की अनुमति मांगी है।


फिर भी वह लिखित में अनुमति मांगेंगे। इस संबंध में प्रॉक्टर डॉ. मुजीब उल्लाह जुबैरी ने कहा कि कोई भी निलंबित छात्र परीक्षा के लिए अनुमति मांगता है, तो उसे सशर्त अनुमति दी जाती है। जब तक उसके बारे में अनुशासन कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती, तब तक उसका रिजल्ट रुका रहता है।
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