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इलेक्शन नहीं प्रत्याशियों का सिलेक्शन कठिन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
चुनाव के पहले ही अलीगढ़ का लोकसभा चुनाव मैदान दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। माना यह जा रहा है कि इलेक्शन नहीं प्रत्याशियों का सिलेक्शन ज्यादा कठिन है। भाजपा में तो रोज नए टिकट के दावेदार सामने आ रहे हैं।
चंद महीने पहले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद भाजपा बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रही है। वर्तमान समय में सांसद सतीश कुमार गौतम यहां से सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बसपा से निकाले गए मुकुल उपाध्याय भाजपा में शामिल होने के बाद अपने आप को दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक में पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह एवं उनके पुत्र अभिमन्यु सिंह के पोस्टर लग गए हैं और लोग इसका तरह-तरह का अर्थ लगा रहे हैं।
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राजपैलेस के निकट संबंधी ठाकुर श्यौराज सिंह का नाम भी प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। कुछ रोज से शहर में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा के नाम की भी चर्चा है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पोस्टर लगने के बाद से उनके नाम की भी चर्चा है।
राजेश भारद्वाज भी टिकट हासिल करने के लिए जोर लगा रहे हैं। वह पिछले लोकसभा चुनाव में भी टिकट के दावेदार थे। राजनीतिक गलियारे में हो रही चर्चा पर भरोसा करें तो कोल विधायक अनिल पाराशर एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनील पांडेय भी इस लाइन में शामिल हैं।
हालांकि इस संबंध में भाजपा का कोई भी नेता साफ-साफ सामने आने की स्थिति में नहीं है।
सपा-बसपा गठबंधन में रालोद के आने से दिलचस्प हो गया है चुनावी मैदान
सपा-बसपा गठबंधन में रालोद के आने के बाद अलीगढ़ का चुनाव मैदान बेहद दिलचस्प हो गया है। इसका कारण यह है कि पिछली बार यहां से रालोद के तीन विधायक जीतते रहे।
अलीगढ़ एवं हाथरस में अजित सिंह का अच्छा प्रभाव है। खास बात यह भी है कि गठबंधन का संयुक्त प्रत्याशी जाट है। देखना यह भी होगा कि वह जाट वोटों पर प्रभाव छोड़ पाते हैं या नहीं।
बसपा की अंदरूनी उठा-पटक अब भी जारी है और तरह-तरह के चर्चे हो रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा के बाद स्थिति और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
10 को जेवर में मोदी का कार्यक्रम प्रस्तावित
10 मार्च को जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रस्तावित है। अगर चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई और मोदी जेवर पहुंचे तो कुछ नए संकेत छोड़कर जाएंगे।
जेवर जनपद की सीमा में नहीं होते हुए भी बेहद करीब है। यहां एयरपोर्ट बन जाने से अलीगढ़ को भी बेहद फायदा होने की उम्मीद है। जेवर जाट बहुल क्षेत्र में स्थित है।
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चुनाव के पहले ही अलीगढ़ का लोकसभा चुनाव मैदान दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। माना यह जा रहा है कि इलेक्शन नहीं प्रत्याशियों का सिलेक्शन ज्यादा कठिन है। भाजपा में तो रोज नए टिकट के दावेदार सामने आ रहे हैं।
चंद महीने पहले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद भाजपा बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रही है। वर्तमान समय में सांसद सतीश कुमार गौतम यहां से सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
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बसपा से निकाले गए मुकुल उपाध्याय भाजपा में शामिल होने के बाद अपने आप को दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक में पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह एवं उनके पुत्र अभिमन्यु सिंह के पोस्टर लग गए हैं और लोग इसका तरह-तरह का अर्थ लगा रहे हैं।
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राजपैलेस के निकट संबंधी ठाकुर श्यौराज सिंह का नाम भी प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। कुछ रोज से शहर में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा के नाम की भी चर्चा है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पोस्टर लगने के बाद से उनके नाम की भी चर्चा है।
राजेश भारद्वाज भी टिकट हासिल करने के लिए जोर लगा रहे हैं। वह पिछले लोकसभा चुनाव में भी टिकट के दावेदार थे। राजनीतिक गलियारे में हो रही चर्चा पर भरोसा करें तो कोल विधायक अनिल पाराशर एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनील पांडेय भी इस लाइन में शामिल हैं।
हालांकि इस संबंध में भाजपा का कोई भी नेता साफ-साफ सामने आने की स्थिति में नहीं है।
सपा-बसपा गठबंधन में रालोद के आने से दिलचस्प हो गया है चुनावी मैदान
सपा-बसपा गठबंधन में रालोद के आने के बाद अलीगढ़ का चुनाव मैदान बेहद दिलचस्प हो गया है। इसका कारण यह है कि पिछली बार यहां से रालोद के तीन विधायक जीतते रहे।
अलीगढ़ एवं हाथरस में अजित सिंह का अच्छा प्रभाव है। खास बात यह भी है कि गठबंधन का संयुक्त प्रत्याशी जाट है। देखना यह भी होगा कि वह जाट वोटों पर प्रभाव छोड़ पाते हैं या नहीं।
बसपा की अंदरूनी उठा-पटक अब भी जारी है और तरह-तरह के चर्चे हो रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा के बाद स्थिति और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
10 को जेवर में मोदी का कार्यक्रम प्रस्तावित
10 मार्च को जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रस्तावित है। अगर चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई और मोदी जेवर पहुंचे तो कुछ नए संकेत छोड़कर जाएंगे।
जेवर जनपद की सीमा में नहीं होते हुए भी बेहद करीब है। यहां एयरपोर्ट बन जाने से अलीगढ़ को भी बेहद फायदा होने की उम्मीद है। जेवर जाट बहुल क्षेत्र में स्थित है।