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गोडसे की पूजा से कोई आपति नहीं : तुषार
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:39 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा नाथूराम विनायक गोडसे की पूजा किये जाने से महात्मा गांधी के प्रपौत्र एवं लेखक तुषार गांधी को कोई आपत्ति नहीं है। एक कार्यक्रम के सिलसिले में एएमयू में पहुंचे तुषार गांधी ने कहा कि यह उनका अधिकार है। वह जिस संस्कृति से आए हैं, वहां हत्यारों को पूजते हैं।
उलटे मुझे अच्छा लगता है कि वह यह काम खुलेआम करते हैं। वह जानते हैं कि गांधी को मारा जा सकता है, विचारों को नहीं। इसलिए ऐसा करना उनकी मजबूरी भी है।
संविधान में बदलाव से संबंधित सवालों पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की आत्मा उसका संविधान है। उसे बदलने से रूह बदल जाएगी। गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में जो हालात बनते हैं, उसके लिए हम खुद भी जिम्मेदार होते हैं। नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उन्होंने कहा कि बापू की हत्या के बाद भी उन पर हमला जारी है। पाकिस्तान में परमाणु परीक्षण होता है तो मुंबई से ठाकरे कहते हैं कि भारत विभाजन के दौरान जो 55 करोड़ रुपये दिये गये, उसी का यह परिणाम है। जबकि विभाजन के दौरान गांधी की कोई भूमिका नहीं थी।
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दोनों देशों के प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री ने समझौते के तहत सब कुछ किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पट्टी पढ़ाने के लिए कहा जाता है कि कल तुम्हारा है। लेकिन आज जिम्मेदारी नहीं लोगे तो कल तुम्हारा कभी नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ के नाम पर बहुत सारे चुनाव जीत लिये। अब तो बहुत सारे नारे आ गए हैं लेकिन गरीबी हटाने के लिए नहीं।
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अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा नाथूराम विनायक गोडसे की पूजा किये जाने से महात्मा गांधी के प्रपौत्र एवं लेखक तुषार गांधी को कोई आपत्ति नहीं है। एक कार्यक्रम के सिलसिले में एएमयू में पहुंचे तुषार गांधी ने कहा कि यह उनका अधिकार है। वह जिस संस्कृति से आए हैं, वहां हत्यारों को पूजते हैं।
उलटे मुझे अच्छा लगता है कि वह यह काम खुलेआम करते हैं। वह जानते हैं कि गांधी को मारा जा सकता है, विचारों को नहीं। इसलिए ऐसा करना उनकी मजबूरी भी है।
संविधान में बदलाव से संबंधित सवालों पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की आत्मा उसका संविधान है। उसे बदलने से रूह बदल जाएगी। गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में जो हालात बनते हैं, उसके लिए हम खुद भी जिम्मेदार होते हैं। नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
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उन्होंने कहा कि बापू की हत्या के बाद भी उन पर हमला जारी है। पाकिस्तान में परमाणु परीक्षण होता है तो मुंबई से ठाकरे कहते हैं कि भारत विभाजन के दौरान जो 55 करोड़ रुपये दिये गये, उसी का यह परिणाम है। जबकि विभाजन के दौरान गांधी की कोई भूमिका नहीं थी।
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दोनों देशों के प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री ने समझौते के तहत सब कुछ किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पट्टी पढ़ाने के लिए कहा जाता है कि कल तुम्हारा है। लेकिन आज जिम्मेदारी नहीं लोगे तो कल तुम्हारा कभी नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ के नाम पर बहुत सारे चुनाव जीत लिये। अब तो बहुत सारे नारे आ गए हैं लेकिन गरीबी हटाने के लिए नहीं।