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डेंगू के डंक, वेंटीलेटर नहीं मिलने से बिखर गई सांसों की डोर
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिले में फैल रहे संक्रामक रोग और उससे निपटने के लिए मौजूद सीमित संसाधन स्थिति को और भी भयावह कर रहे हैं। छेरत के आजाद नगर में डेंगू से तीन मौतेें होने की बात कही जा रही है। इसमें एक व्यक्ति को जेएन मेडिकल कालेज में वेंटीलेटर नहीं मिला था, जिसके चलते उसे यहां इलाज नहीं मिला। हालांकि विभाग की ओर से इनकी मौत का कारण उल्टी दस्त होना बताया जा रहा है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। यह सुविधा जेएन मेडिकल कालेज में है। लेकिन यहां पर वेंटीलेटर की मांग इतनी है कि वेंटीलेटर पहले से ही मरीजों को लगे हुए होते हैं।
आजाद नगर में मौत का शिकार हुए राम कुमार (55) पुत्र देवी राम को 24 सितंबर को उल्टी दस्त हुए थे, जिसके बाद उसे मेडिकल कालेज दिखाया गया था। यहां पर वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन नोएडा के प्रकाश हास्पिटल ले गए। वहां पर उसकी मृत्यु हो गई।
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कहा जा रहा है कि अगर मेडिकल कालेज में ही वेंटीलेटर उपलब्ध हो जाता तो उसकी जान बच सकती थी। क्योंकि मेडिकल कालेज से नोएडा तक ले जाने में काफी समय गुजर चुका था।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि छेरत के आजाद नगर निवासी राम विलास (65) पुत्र मेवाराम की दो तीन दिन से तबियत खराब थी। 25 सितंबर की रात को करीब 2 बजे उल्टी दस्त हुए तो पास के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
संजय सिंह (25) पुत्र शिशुपाल को बुधवार सुबह उल्टी दस्त हुए तो परिजन उसे पास के ही निजी नर्सिंग होम में ले गए। यहां पर हालत में सुधार नहीं होने पर उसे रामघाट रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाने लगे। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस स्थिति को देखते हुए गांव में एंटी लार्वा और डीटीटी दवा का छिड़काव किया गया है।
साथ ही फागिंग करायी गई है। गांव के प्रधान छत्रपाल सिंह, गीतम सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अवधेश, हेमेंद्र, दिनेश सिंह, फरहान, राकेश, आनंद त्रिपाठी, स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट मदन भूपसिंह आदि ने वहां स्थिति का निरीक्षण किया।
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जिले में फैल रहे संक्रामक रोग और उससे निपटने के लिए मौजूद सीमित संसाधन स्थिति को और भी भयावह कर रहे हैं। छेरत के आजाद नगर में डेंगू से तीन मौतेें होने की बात कही जा रही है। इसमें एक व्यक्ति को जेएन मेडिकल कालेज में वेंटीलेटर नहीं मिला था, जिसके चलते उसे यहां इलाज नहीं मिला। हालांकि विभाग की ओर से इनकी मौत का कारण उल्टी दस्त होना बताया जा रहा है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। यह सुविधा जेएन मेडिकल कालेज में है। लेकिन यहां पर वेंटीलेटर की मांग इतनी है कि वेंटीलेटर पहले से ही मरीजों को लगे हुए होते हैं।
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आजाद नगर में मौत का शिकार हुए राम कुमार (55) पुत्र देवी राम को 24 सितंबर को उल्टी दस्त हुए थे, जिसके बाद उसे मेडिकल कालेज दिखाया गया था। यहां पर वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन नोएडा के प्रकाश हास्पिटल ले गए। वहां पर उसकी मृत्यु हो गई।
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कहा जा रहा है कि अगर मेडिकल कालेज में ही वेंटीलेटर उपलब्ध हो जाता तो उसकी जान बच सकती थी। क्योंकि मेडिकल कालेज से नोएडा तक ले जाने में काफी समय गुजर चुका था।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि छेरत के आजाद नगर निवासी राम विलास (65) पुत्र मेवाराम की दो तीन दिन से तबियत खराब थी। 25 सितंबर की रात को करीब 2 बजे उल्टी दस्त हुए तो पास के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
संजय सिंह (25) पुत्र शिशुपाल को बुधवार सुबह उल्टी दस्त हुए तो परिजन उसे पास के ही निजी नर्सिंग होम में ले गए। यहां पर हालत में सुधार नहीं होने पर उसे रामघाट रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाने लगे। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस स्थिति को देखते हुए गांव में एंटी लार्वा और डीटीटी दवा का छिड़काव किया गया है।
साथ ही फागिंग करायी गई है। गांव के प्रधान छत्रपाल सिंह, गीतम सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अवधेश, हेमेंद्र, दिनेश सिंह, फरहान, राकेश, आनंद त्रिपाठी, स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट मदन भूपसिंह आदि ने वहां स्थिति का निरीक्षण किया।