{"_id":"5b4fa5444f1c1b572f8b54c7","slug":"101531946308-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केसीसी धारक किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केसीसी धारक किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों का बीमा कंपनी व बैंकों द्वारा जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। नियमानुसार केसीसी धारक प्रत्येक किसान का फसल बीमा होना चाहिए। लेकिन जनपद में स्थिति यह है कि जिले के 2.80 लाख केसीसी धारक किसानों में से मात्र 28 हजार किसानों का प्रीमियम कट रहा है। शेष फसल बीमा लाभ से वंचित हैं।
प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से नुकसान होने पर उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। यह मुद्दा किसान बैठक में उठने पर डीएम ने एलडीएम एवं बीमा कंपनी से जवाब तलब कर आदेश दिया कि बीमा कंपनी अलीगढ़ में भी अपना कार्यालय खोले। ताकि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके।
बुधवार को हुई किसान बैठक में किसानों ने बताया कि बैंकों के फसल बीमा प्रीमियम काटे जाने में भी खामियां हैं। कई किसानों के खातों से प्रीमियम कट जाता है, जबकि वास्तव में उन्होंने कोई फसल ही नहीं बोई होती। एक अन्य समस्या फसल बीमा योजना के प्रावधानों को लेकर उठी।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि योजना के नियमों के अनुसार फसलों में नुकसान के 48 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है। यह व्यवहारिक नहीं है। नुकसान की स्थिति में किसान समझ ही नहीं पाता कि उसे जाना कहां हैं और किस अधिकारी से फरियाद करनी है।
इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए डीएम ने बीमा कंपनी रिलाइंस को जिला स्तर पर कार्यालय खोले जाने के आदेश दिये। यही नहीं बीमा क्यों और किन परिस्थितियों में नहीं हो रहा है, इसकी जांच के लिए एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
इसमें डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर, एलडीएम एवं एक बीमा कंपनी का अफसर रहेगा। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि यह कमेटी जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों का बीमा कंपनी व बैंकों द्वारा जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। नियमानुसार केसीसी धारक प्रत्येक किसान का फसल बीमा होना चाहिए। लेकिन जनपद में स्थिति यह है कि जिले के 2.80 लाख केसीसी धारक किसानों में से मात्र 28 हजार किसानों का प्रीमियम कट रहा है। शेष फसल बीमा लाभ से वंचित हैं।
प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से नुकसान होने पर उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। यह मुद्दा किसान बैठक में उठने पर डीएम ने एलडीएम एवं बीमा कंपनी से जवाब तलब कर आदेश दिया कि बीमा कंपनी अलीगढ़ में भी अपना कार्यालय खोले। ताकि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके।
विज्ञापन
बुधवार को हुई किसान बैठक में किसानों ने बताया कि बैंकों के फसल बीमा प्रीमियम काटे जाने में भी खामियां हैं। कई किसानों के खातों से प्रीमियम कट जाता है, जबकि वास्तव में उन्होंने कोई फसल ही नहीं बोई होती। एक अन्य समस्या फसल बीमा योजना के प्रावधानों को लेकर उठी।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि योजना के नियमों के अनुसार फसलों में नुकसान के 48 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है। यह व्यवहारिक नहीं है। नुकसान की स्थिति में किसान समझ ही नहीं पाता कि उसे जाना कहां हैं और किस अधिकारी से फरियाद करनी है।
इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए डीएम ने बीमा कंपनी रिलाइंस को जिला स्तर पर कार्यालय खोले जाने के आदेश दिये। यही नहीं बीमा क्यों और किन परिस्थितियों में नहीं हो रहा है, इसकी जांच के लिए एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
इसमें डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर, एलडीएम एवं एक बीमा कंपनी का अफसर रहेगा। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि यह कमेटी जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।