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सांसद विधायक एसएसपी का स्वागत करेंगे तो जिले का क्या हाल होगा : विजेंद्र सिंह
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:08 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पूर्व सांसद एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ. विजेंद्र सिंह ने कहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद और विधायक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का फू ल मालाओं से स्वागत करेंगे तो उस जनपद में भ्रष्टाचार का आलम क्या होगा..? ये खुदा ही जान सकता है। शायद सांसद और विधायक अपने संवैधानिक दायित्व और प्रोटोकोल को भूल गए हैं।
अपने निजी स्वार्थ के लिए पुलिस का राजनीतिकरण करना चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने सामूहिक रूप से स्वागत किया है। देश के राष्ट्रपति भारत के सर्वोच्च संवैधानिक दायित्व के पद पर आसीन हैं। उनके प्रत्येक कार्यक्त्रस्म को सफ ल और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना सरकार और प्रशासन का दायित्व हैै।
ये किसी एक अधिकारी का एहसान नहीं है, क्योंकि इन कार्यक्रमों की सफ लता प्रशासनिक टीम की कड़ी मेहनत और सामूहिक नेतृत्व की होती है। पूर्व सांसद एसएसपी कार्यालय पर मीडिया से रू-ब-रू हो रहे थे।
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सिंह ने कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक सत्ता की मदहोशी में अधिकारियों की चापलूसी करने में लग गए हैं। अधिकारियों का राजनीतिकरण हो रहा है। यदि उनमें नैतिकता है तो पुलिस के थानों में जाकर जनता के साथ भ्रष्टाचार और अन्याय की सीमा स्वयं जाकर देख लें।
ये कहने में भी अफ सोस नहीं है कि राष्ट्रपति के आगमन ने सरकार के स्वच्छता अभियान एवं विकास की पोल खोलकर रख दी है। क्योंकि पूरी-पूरी रात ओवर ब्रिजों की धुलाई कर सड़क के डिवाइडर पर हरे पौधों के गमले लगाए गए। रातों रात में कुछ सड़कों के गड्ढे भी भरे गए, जो शादी का समापन होते ही गायब हो गए।
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पूर्व सांसद एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ. विजेंद्र सिंह ने कहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद और विधायक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का फू ल मालाओं से स्वागत करेंगे तो उस जनपद में भ्रष्टाचार का आलम क्या होगा..? ये खुदा ही जान सकता है। शायद सांसद और विधायक अपने संवैधानिक दायित्व और प्रोटोकोल को भूल गए हैं।
अपने निजी स्वार्थ के लिए पुलिस का राजनीतिकरण करना चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने सामूहिक रूप से स्वागत किया है। देश के राष्ट्रपति भारत के सर्वोच्च संवैधानिक दायित्व के पद पर आसीन हैं। उनके प्रत्येक कार्यक्त्रस्म को सफ ल और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना सरकार और प्रशासन का दायित्व हैै।
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ये किसी एक अधिकारी का एहसान नहीं है, क्योंकि इन कार्यक्रमों की सफ लता प्रशासनिक टीम की कड़ी मेहनत और सामूहिक नेतृत्व की होती है। पूर्व सांसद एसएसपी कार्यालय पर मीडिया से रू-ब-रू हो रहे थे।
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सिंह ने कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक सत्ता की मदहोशी में अधिकारियों की चापलूसी करने में लग गए हैं। अधिकारियों का राजनीतिकरण हो रहा है। यदि उनमें नैतिकता है तो पुलिस के थानों में जाकर जनता के साथ भ्रष्टाचार और अन्याय की सीमा स्वयं जाकर देख लें।
ये कहने में भी अफ सोस नहीं है कि राष्ट्रपति के आगमन ने सरकार के स्वच्छता अभियान एवं विकास की पोल खोलकर रख दी है। क्योंकि पूरी-पूरी रात ओवर ब्रिजों की धुलाई कर सड़क के डिवाइडर पर हरे पौधों के गमले लगाए गए। रातों रात में कुछ सड़कों के गड्ढे भी भरे गए, जो शादी का समापन होते ही गायब हो गए।